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Meerut News: हॉस्टलों में करेंगे चेकिंग, छात्रों की होगी काउंसिलिंग
Sun, 05 Jul 2026 09:05 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sun, 05 Jul 2026 09:05 PM IST
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कृषि विश्वविद्यालय में नशामुक्ति के लिए हुई बैठक में लिए कई अहम फैसले, टास्क फोर्स गठित
नशीले पदार्थों के सेवन, खरीद-फरोख्त में संलिप्तता पर होगा निष्कासन
-वाहनों की सघन चेकिंग होगी, छात्रों की काउंसिलिंग भी करेगा विवि
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में परिसर को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है। कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त की अध्यक्षता में रविवार को आयोजित बैठक में इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि परिसर में नियमित रैंडम चेकिंग की जाएगी। छात्रावासों के अलावा बाहरी वाहनों की भी सघन जांच होगी, जिससे किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ परिसर में प्रवेश न कर सकें। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों के सेवन, खरीद-फरोख्त या किसी भी प्रकार की संलिप्तता पर दोषी पाए जाने पर निष्कासन सहित कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी अधिष्ठाताओं, निदेशकों, शिक्षकों और कर्मचारियों को विश्वविद्यालय में नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि विद्यार्थियों का सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाने के लिए गठित टास्क फोर्स समय-समय पर छात्रावासों का औचक निरीक्षण करेगी। साथ ही नशे की चपेट में आए या जोखिम वाले छात्रों की पहचान कर उनकी गोपनीय और निशुल्क काउंसलिंग कराई जाएगी, ताकि उन्हें इस बुरी लत से बाहर निकाला जा सके।
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विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), एनसीसी और कृषि संकाय के सहयोग से नियमित सेमिनार, कार्यशालाएं और जागरूकता रैलियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों और उससे होने वाले सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के प्रति जागरूक किया जाएगा।विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि कड़ी निगरानी, नियमित काउंसलिंग और जनजागरूकता के संयुक्त प्रयासों से परिसर को पूरी तरह नशामुक्त बनाया जा सकेगा तथा विद्यार्थियों को सकारात्मक और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।
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नशीले पदार्थों के सेवन, खरीद-फरोख्त में संलिप्तता पर होगा निष्कासन
-वाहनों की सघन चेकिंग होगी, छात्रों की काउंसिलिंग भी करेगा विवि
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में परिसर को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है। कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त की अध्यक्षता में रविवार को आयोजित बैठक में इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि परिसर में नियमित रैंडम चेकिंग की जाएगी। छात्रावासों के अलावा बाहरी वाहनों की भी सघन जांच होगी, जिससे किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ परिसर में प्रवेश न कर सकें। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों के सेवन, खरीद-फरोख्त या किसी भी प्रकार की संलिप्तता पर दोषी पाए जाने पर निष्कासन सहित कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी अधिष्ठाताओं, निदेशकों, शिक्षकों और कर्मचारियों को विश्वविद्यालय में नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
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कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि विद्यार्थियों का सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाने के लिए गठित टास्क फोर्स समय-समय पर छात्रावासों का औचक निरीक्षण करेगी। साथ ही नशे की चपेट में आए या जोखिम वाले छात्रों की पहचान कर उनकी गोपनीय और निशुल्क काउंसलिंग कराई जाएगी, ताकि उन्हें इस बुरी लत से बाहर निकाला जा सके।
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विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), एनसीसी और कृषि संकाय के सहयोग से नियमित सेमिनार, कार्यशालाएं और जागरूकता रैलियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों और उससे होने वाले सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के प्रति जागरूक किया जाएगा।विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि कड़ी निगरानी, नियमित काउंसलिंग और जनजागरूकता के संयुक्त प्रयासों से परिसर को पूरी तरह नशामुक्त बनाया जा सकेगा तथा विद्यार्थियों को सकारात्मक और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।