जनपद में आबकारी विभाग द्वारा शराब और भांग के ठेके छोड़े जाते हैं। तमाम नियमों के तहत कई होटलों में बार के लाइसेंस भी हैं। लेकिन एक भी होटल या रेस्टोरेंट ऐसा नहीं, जिसके पास शासन-प्रशासन से हुक्काबार का लाइसेंस जारी किया गया हो।
बावजूद इसके मोटी कमाई के लालच में शहर के पॉश इलाकों सहित दर्जन भर जगहों पर युवा वर्ग को नशे की दलदल में धकेला जा रहा है। बड़ी बात यह कि यह सब पुलिस के साथ ही सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं के संरक्षण में चलता है।
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हुक्का बार में अश्लीलता
- फोटो : अमर उजाला
छावनी क्षेत्र में अधिकांश प्रतिष्ठित स्कूल हैं। इसी क्षेत्र में शहर का पॉश इलाका आता है तो आबूलेन जैसा बाजार भी है। इस अकेले क्षेत्र में पिछले तीन सालों के बीच आधा दर्जन ऐसे रेस्टोरेंट खुल चुके हैं, जहां खुलेआम नशा परोसा जाता है। इन रेस्टोरेंट के नाम भी बहुत ही अजीब हैं, इनके नाम से ही भीतर की असलियत साफ झलक जाती है।
आबूलेन बाजार, फव्वारा चौक से सदर नया बाजार की तरफ जाने वाले मार्ग, वेस्ट एंड रोड स्थित एक नामचीन स्कूल के सामने स्थित रेस्टोरेंट हो या छावनी बोर्ड कार्यालय के पास स्थित एक रेस्टोरेंट हो। इन सभी में किशोर और युवा वर्ग की भीड़ हमेशा नजर आएगी।
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हुक्का बार में अश्लीलता
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पार्टी के लिए खास पैकेज और इंतजाम
इन तथाकथित रेस्टोरेंट में कभी कभी ही महिलाओं की किटी पार्टी या पारिवारिक आयोजन होता नजर आता है। अधिकांश यहां पर किशोर और युवा वर्ग की पार्टी होती दिखती हैं। इसके लिए इनके पास पूरी तरह से पैकेज तैयार होता है। जिसमें एक ग्रुप पार्टी के लिए 700 से 1000 रुपये तक का हुक्का उपलब्ध होता है।
इस हुक्के में यूं तो बहुत ही महकदार फ्लेवर होता है। लेकिन यदि पार्टी कराने वाले चाहें तो उन्हें इस हुक्के के धुएं में नशा भी ये बार संचालक अतिरिक्त पैसा लेकर आसानी से परोस देते हैं। इन अवैैैध हुक्का बार के पास कोई बार का लाइसेंस नहीं होता है। लेकिन ये इस पार्टी के लिए हरियाणा से तस्करी कर लायी गई बीयर और शराब भी उपलब्ध करा देते हैं।
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हुक्का बार में अश्लीलता
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एकांत के लिए भी है जगह और अतिरिक्त चार्ज
पार्टी के दौरान यदि कोई एकांत जगह चाहता है, तो उसका भी कई हुक्का बार वाले अतिरिक्त चार्ज लेकर अलग से प्रबंध कराते हैं। इसके लिए इनके रेस्टोरेंट के पीछे का हिस्सा उपलब्ध होता है।
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बाहर कलात्मक कलाकृति आती है नजर
शहर के इन कथित रेस्टोरेंट, जिनके नाम भी किसी बॉलीवुड मूवी जैसे नजर आते हैं। इनकी बाहरी साज सज्जा ही नहीं बल्कि भीतरी साज सज्जा भी बहुत ही कलात्मक नजर आती है। जिसके दिखावे में किशोर और युवा पीढ़ी नशे और एकांत की तलाश में इनकी तरफ आकर्षित होती है।