ऑनर किलिंग: खाकी के दामन पर पड़े खून के छींटे, बच सकती थी शिवानी की जान
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मुजफ्फरनगर में तितावी के गांव हैदरनगर जलालपुर में तयेरे भाई की नफरत का शिकार हुई शिवानी की हत्या से खून के छींटे खाकी के दामन पर भी पड़े हैं। दरअसल, चचेरे भाई से प्रेम संबंधों के चलते शादी के चार दिन बाद ही पति की हत्या की साजिश रचने वाली शिवानी को घटना का खुलासा होने के साथ ही अपने साथ अनहोनी की भनक लग गई थी। उसने परिजनों व ग्रामीणों से सुरक्षा की गुहार भी लगाई, लेकिन कहीं से मदद की आस न देख आखिरकार खुद ही तयेरा भाई की बाइक पर बैठकर मौत के मुंह में चली गई, जिसकी जंगल में ले जाने के बाद सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं, घर पर होने के बावजूद शिवानी को फरार दिखाने वाली खाकी यदि उसे गिरफ्तार कर चचेरे भाई के साथ ही जेल भेज देती तो शायद आज वह जीवित होती।
तितावी थाना क्षेत्र के गांव हैदरनगर जलालपुर में पिछले दस दिन के भीतर घटित हुए सनसनीखेज घटनाक्रम ने सभी को हिलाकर रख दिया है, जिसमें शादी के दस दिन के भीतर पति-पत्नी की जान गई, वहीं दो चचेरे-तयेरे भाइयों के जेल जाने से उनके परिवार भी बर्बादी के कगार पर पहुंच गए। इसके साथ ही इस वारदात से सामाजिक दायरे भी तार-तार हो गए हैं। सामाजिक मान-मर्यादा को ताक पर रखकर चचेरे भाई अनुज से ही प्रेमी की पींगे बढ़ाने वाली शिवानी ने इश्क में अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। शिवानी ने शादी के महज चार दिन बाद ही चचेरे भाई व प्रेमी अनुज के हाथों पति शैलेंद्र उर्फ हैप्पी की हत्या करा डाली। तितावी पुलिस ने जांच के बाद हैप्पी की हत्या का दस मार्च को खुलासा किया तो शिवानी को अपने साथ अनहोनी की आशंका सताने लगी।
ग्रामीणों के अनुसार शिवानी व अनुज के प्रेम संबंधों व उनके द्वारा हैप्पी की हत्या करने से उसका तयेरा भाई सुमित सबसे अधिक नाराज था। उसने इस पूरे घटनाक्रम को इज्जत से जोड़ लिया था, जिसकी जानकारी मिलने के बाद शिवानी ने अपनी जान खतरे में देख अन्य परिजनों के साथ ही ग्रामीणों से भी सुरक्षा की गुहार लगाई, लेकिन इसे इज्जत की आड़ में वाजिब बताने वाले समाज से उसे कोई मदद की आस नहीं दिखाई दी। आखिरकार सब ओर से निराश होकर रविवार दोपहर उसने इसे ही नियति मानकर खुद को हालात के हवाले कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक दोपहर बाद सुमित बाइक लेकर शिवानी के घर पहुंचा और उसे अपने साथ चलने को कहा। अपने अंजाम से परिचित शिवानी ने एक बार फिर परिजनों से जान की गुहार लगाई, लेकिन सबकी चुप्पी देख वह चुपचाप सुमित के साथ उसकी बाइक पर बैठ गई। इसके बाद गुस्साए सुमित ने उसे जंगल में ले जाने के बाद सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी और खुद तमंचा लेकर थाने पहुंचकर पुलिस को हत्या की जानकारी देकर उनके हवाले कर दिया। इस पूरे मामले में थाना पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। सूत्रों के अनुसार हैप्पी हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो दिन पूर्व ही अनुज को हिरासत में ले लिया था, जिससे पूरी जानकारी लेने के बावजूद शिवानी को घर पर ही होने के बाद भी फरार दिखा दिया गया। यदि पुलिस शिवानी को भी गिरफ्तार कर अनुज के साथ ही जेल भेज देती, तो हो सकता है कि वह आज जीवित होती।
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