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हनीट्रेप के बहाने कैंट में सेंधमारी की कोशिश

Wed, 25 Sep 2019 02:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 25 Sep 2019 02:15 AM IST
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honeytap in cantt
मेरठ। आर्मी क्षेत्र से मंगलवार तड़के पकड़े गए संदिग्ध युवक अल्ताफ अंसारी के मोबाइल फोन से कई राज गहरा गए हैं। मोबाइल में पाकिस्तान समेत कई देशों के नंबरों का व्हाट्स ग्रुप से जुड़ा होना, ग्रुप में अश्लील फोटो और पोर्न साइट के लिंक मिलना, अल्ताफ द्वारा अक्सर व्हाट्स एप कॉल करना और व्हाट्सएप कॉल की डिटेल डिलीट करना संदेह के घेरे में है। पुलिस और इंटेलीजेंस उसके कैंट कनेक्शन को तो साइबर सेल व्हाट्स एप ग्रुप का रिकॉर्ड खंगाल रहा है।
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पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि अल्ताफ के मोबाइल फोन में व्हाट्सअप कॉल डिटेल डिलीट मिली हैं। एक व्हाट्स एप ग्रुप में ऐसे भी नंबर मिले हैं जो पाकिस्तान, ईरान, इराक सहित कई देशों के हैं। पता चला कि 15 अगस्त के दौरान भी अल्ताफ ने कुछ जानकारी जुटाने की कोशिश की। ई-रिक्शा चालक अल्ताफ द्वारा ज्यादातर व्हाट्स एप कॉल करना चौंका रहा है। हालांकि अल्ताफ की गतिविधियां भले ही अभी तक किसी बड़े अपराध से न मिल रही हों। लेकिन आधी रात के बाद ई-रिक्शा से किसी यात्री को कैंट एरिया में छोड़ने के बहाने उसका कहीं कोई दूसरा मकसद तो नहीं, इसकी पड़ताल की जा रही है।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार इससे पहले भी कैंट क्षेत्र से कई संदिग्ध और पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले पकड़े जा चुके हैं। हालांकि पुलिस पूछताछ में अल्ताफ यही बताता रहा है कि वह तो पोर्न साइट देखता था। जिस पर जो नंबर आते थे उन्हीं में से किसी ने उसे जोड़ लिया होगा। पुलिस और इंटेलीजेंस को यह भी बताया कि उसने इन नंबरों पर कॉल नही की। ऐसे में अब व्हाट्सएप ग्रुप के रिकॉर्ड की जांच के लिए साइबर सेल के एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है।
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कहीं हनी ट्रैप से तो नहीं जुड़े तार
ई-रिक्शा चालक के मोबाइल में जिस तरह से अश्लील फोटो, वीडियो और पोर्न साइट लिंक मिली हैं, उससे पुलिस हनी ट्रैप की तरफ भी जांच कर रही है। कहीं गोपनीय जानकारी लेने के लिए इनका सहारा नहीं लिया जा रहा था।

एनआईए ने की थी छापामारी
26 दिसंबर 2018 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने वेस्ट यूपी के कई जिलों में छापामारी की थी। जांच में सामने आया कि वेस्ट यूपी में कई संदिग्ध लोग पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हैं। एटीएस और एनआईए लगातार जांच करती रहीं। इनपुट के आधार पर आईएसआई का निशाना दिल्ली एनसीआर और वेस्ट यूपी के जिले थे। जिसके बाद राधना गांव के अलावा, मुंडाली, परीक्षिगढ़, किठौर में आधा दर्जन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अमरोहा और हापुड़ में भी दबिश दी गई।
पश्चिमी यूपी से जुड़े रहे हैं तार
26 अक्तूबर 2018 बुलंदशहर के खुर्जा से संदिग्ध जाहिद गिरफ्तार
19 अक्तूबर 2018 मेरठ कैंट से सेना का सिग्नल मैन कंचन सिंह पकड़ा गया
27 नवंबर 2015 एसटीएफ ने मेरठ कैंट से आईएसआई एजेंट इजाज दबोचा
16 अगस्त 2014 मेरठ से संदिग्ध आईएसआई एजेंट आसिफ अली गिरफ्तार
10 जनवरी 2009 सहारनपुर से आईएसआई एजेंट आमिर अहमद उर्फ भूरा गिरफ्तार
12 दिसंबर 2008 सीआरपीएफ कैंप में आतंकी हमले से जुड़े लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी फहीम अंसारी गिरफ्तार
21 जून 2007 बिजनौर में भारी मात्रा में आरडीएक्स के साथ हूजी के दो आतंकी गिरफ्तार
23 अगस्त 2005 लश्कर-ए-तैयबा के चीफ कोऑर्डिनेटर अबू रज्जाक मसूद का मुजफ्फरनगर कनेक्शन मिला।
10 मार्च 2005 मेरठ से खलील हुसैन शाह नाम का आईएसआई एजेंट गिरफ्तार
18 अप्रैल 2004 मेरठ से रूबी बेगम नाम की आईएसआई एजेंट गिरफ्तार
14 मार्च, 2003 मुजफ्फरनगर से जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी सज्जाद और इत्तफाकुल गिरफ्तार
15 जुलाई 2002 मुजफ्फरनगर से एक आईएसआई एजेंट गिरफ्तार
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