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हेरिटेज बस को मिलेगी रफ्तार, 2018 में चली थी बस
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मेरठ। ऐतिहासिक स्थलों की सूची में स्थान मिलने से हस्तिनापुर की सूरत बदलेगी। वहां पर पर्यटन बढ़ेगा। इससे मेरठ से चलने वाली हेरिटेज बस को भी रफ्तार मिलेगी। अभी यह बस काफी समय से बंद है। तत्कालीन कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने 11 फरवरी 2018 को इसका शुभारंभ किया था। इसके बाद खुद तत्कालीन कमिश्नर और जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने 10 मार्च को बस से पौराणिक स्थलों का दौरा किया था। लेकिन सिर्फ 15 बस टूर चलने के बाद इसका संचालन बंद कर दिया गया। अब एक बार फिर शहर में आने वाले पर्यटकों को महाभारतकालीन नगरी हस्तिनापुर का दर्शन कराने का लाभ मिलेगा।
ये बस परीक्षितगढ स्थित गांधारी तालाब से होकर हस्तिनापुर पांडव मंदिर, कर्ण मंदिर, अष्टपद, जंबूद्वीप जाती थी। वहां यात्रियों को जंबूद्वीप स्थित कैंटीन में भोजन कराने के बाद बस सरधना चर्च, भोला की झाल, गगोल स्थित विश्वामित्र तीर्थ होती हुई शाही ईदगाह पहुंचती थी। वहां से शहीद स्मारक, औघड़नाथ मंदिर, कांच का गुरुद्घारा होती हुई समाप्त होती थी। इस बस से मेरठ हेरिटेज दर्शन का किराया प्रति यात्री 525 रुपये तय किया गया था। सुबह 8 बजे बस चलकर शाम छह बजे लौटती थी। सिटी ट्रांसपोर्ट परिवहन को मिली वातानुकूलित एसी बसों को इस यात्रा के लिए लगाया गया था।
ये मिलेगा लाभ
इस यात्रा के शुरू होने के बाद दूर से आने वाले यात्रियों को हस्तिनापुर जाने में आसानी होगी। राष्ट्रीय संग्रहालय बन जाने के बाद पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। जिससे विदेशी पर्यटक भी यहां का इतिहास की स्टडी करने के लिए पहुंचेंगे। इसके अलावा सरकार के कई प्रतिनिधि भी हस्तिनापुर पहुंचना शुरू होंगे। इस मेरठ हेरिटेज यात्रा के शुरू होने के बाद शहरवासियों को भी हस्तिनापुर पहुंचने में आसानी होगी। जिससे मेरठ भी पर्यटन के नक्शे पर उभरने लगेगा।
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ये बस परीक्षितगढ स्थित गांधारी तालाब से होकर हस्तिनापुर पांडव मंदिर, कर्ण मंदिर, अष्टपद, जंबूद्वीप जाती थी। वहां यात्रियों को जंबूद्वीप स्थित कैंटीन में भोजन कराने के बाद बस सरधना चर्च, भोला की झाल, गगोल स्थित विश्वामित्र तीर्थ होती हुई शाही ईदगाह पहुंचती थी। वहां से शहीद स्मारक, औघड़नाथ मंदिर, कांच का गुरुद्घारा होती हुई समाप्त होती थी। इस बस से मेरठ हेरिटेज दर्शन का किराया प्रति यात्री 525 रुपये तय किया गया था। सुबह 8 बजे बस चलकर शाम छह बजे लौटती थी। सिटी ट्रांसपोर्ट परिवहन को मिली वातानुकूलित एसी बसों को इस यात्रा के लिए लगाया गया था।
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ये मिलेगा लाभ
इस यात्रा के शुरू होने के बाद दूर से आने वाले यात्रियों को हस्तिनापुर जाने में आसानी होगी। राष्ट्रीय संग्रहालय बन जाने के बाद पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। जिससे विदेशी पर्यटक भी यहां का इतिहास की स्टडी करने के लिए पहुंचेंगे। इसके अलावा सरकार के कई प्रतिनिधि भी हस्तिनापुर पहुंचना शुरू होंगे। इस मेरठ हेरिटेज यात्रा के शुरू होने के बाद शहरवासियों को भी हस्तिनापुर पहुंचने में आसानी होगी। जिससे मेरठ भी पर्यटन के नक्शे पर उभरने लगेगा।
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