आरएसएस कार्यकर्ता पर हुए हमले के मामले ने पकड़ा तूल, थाने में जमकर बखेड़ा
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मेरठ जिले के खड़ौली गांव में बाइक टकराने के विवाद में आरएसएस कार्यकर्ता पर किए गए जानलेवा हमले के आरोपियों से साठगांठ कर शांतिभंग में चालान किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बजरंग दल नेता बलराज डूंगर व समाजसेवी दुष्यंत रोहटा के नेतृत्व में घायल पक्ष की ओर से थाने पहुंचे ग्रामीणों व परिजनों ने थाने का घेराव किया।
खड़ोली निवासी गौरव सैनी पुत्र किरन सैनी आरएसएस कार्यकर्ता है। 13 अक्तूबर को खड़ौली गांव के तिराहे पर शोएब व सुहेल से बाइक टकराने पर उसका विवाद हो गया था। आरोपियों ने उसे धारदार हथियार से घायल कर दिया था। परिजनों ने पुलिस की मदद से उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों से साठगांठ कर जानलेवा हमले की बजाए उनका शांतिभंग में चालान कर मामला रफा-दफा कर दिया।
वहीं गुरुवार को ग्रामीणों व परिजनों ने थाने का घेराव करते हुए जमकर हंगामा प्रदर्शन किया। इस दौरान बलराज डूंगर व दुष्यंत रोहटा की इंस्पेक्टर बीपी राणा से झड़प हो गई। उन्होंने डरा-धमकाकर ग्रामीणों को शांत बैठाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण और भड़क गए। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस की दबंगई नहीं चलने दी जाएगी। उनके कड़े रुख को देखकर इंस्पेक्टर बैकफुट पर नजर आए। इंस्पेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि घायल का री-मेडिकल कराया जाएगा। उसके बाद अगर गंभीर चोटें आती हैं तो उचित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए। चेतावनी दी कि अगर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो एसएसपी का घेराव किया जाएगा। इस दौरान समरेंद्र चौधरी, महेंद्र, नबाव सिंह, विशंभर सिंह, कमलकांत, विजय कुमार, रामकुमार और अन्य रहे।
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इंस्पेक्टर का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की गई थी, लेकिन परिजन उससे संतुष्ट नहीं हैं।
नहीं हो पाया री-मेडिकल
घायल गौरव सैनी का गुरुवार को री-मेडिकल नहीं हो पाया। लोग गौरव को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां पर चिकित्सकों ने बोर्ड की अनुमति लेने के बाद री-मेडिकल कराने का आश्वासन दिया। चिकित्सकों द्वारा मना करने पर लोगों की जिला अस्पताल में भी नोकझोंक हुई। इंस्पेक्टर का कहना है कि बोर्ड बैठक के बाद डीएम के आदेश पर री-मेडिकल होगा, जिसमें समय लगेगा।
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