दुर्लभ संयोग में जन्माष्टमी आज: रात 12 बजे होगा लड्डू गोपाल का अभिषेक; मेरठ में दही हांडी की तैयारी
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आज दुर्लभ ज्योतिषीय संयोगों के बीच मनाई जाएगी। अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृष राशि के चंद्रमा का संयोग है। मेरठ के मंदिरों में दही हांडी, फूल बंगला और विशेष अभिषेक समेत कई आयोजन होंगे।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। शहर में घरों से लेकर मंदिरों तक ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंजेंगे। कान्हा की लीलाओं पर आधारित झांकियां सजाई जाएंगी और भजनों पर श्रद्धालु झूमेंगे। अगले दिन पांच सितंबर को नंदोत्सव मनाया जाएगा।
इस वर्ष वैष्णव और स्मार्त मतावलंबी श्रद्धालु एक ही दिन जन्माष्टमी मनाएंगे। पर्व पर द्वापर युग के जन्मकालीन छह प्रमुख तत्वों में से पांच का विशेष संयोग बन रहा है, जिससे इस बार जन्माष्टमी का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है।
अष्टमी, रोहिणी नक्षत्र और वृष राशि के चंद्रमा का संयोग
ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी के अनुसार श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृष राशि के चंद्रमा के रहते मध्यरात्रि में हुआ था।
इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स के अनुसार इस वर्ष भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष, अष्टमी तिथि, वृष राशि का चंद्रमा और उदयकालीन रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा है। जन्मकाल के छह प्रमुख तत्वों में केवल बुधवार का संयोग नहीं है। इसके बावजूद पांच तत्वों का संयोग विशेष और दुर्लभ माना जा रहा है।
अष्टमी और रोहिणी का विशेष संयोग
आचार्य कौशल वत्स के अनुसार अष्टमी तिथि तीन सितंबर की रात 1:26 बजे से शुरू हुई और सात सितंबर की रात 12:14 बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र चार सितंबर को रहेगा और रात 11:05 बजे तक इसकी स्थिति रहेगी।
चार सितंबर को अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और औदयिक रोहिणी का संयोग होने के कारण श्रद्धालु इसी दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत रखेंगे।
रात 12 बजे होगा लड्डू गोपाल का अभिषेक
आचार्य मनीष स्वामी के अनुसार श्रद्धालु दिनभर व्रत रखकर श्रीकृष्ण मंत्रों का जाप करेंगे। मध्यरात्रि 12 बजे लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद भव्य शृंगार कर छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे।
व्रत के नियमों के अनुसार एक दिन पहले एक समय भोजन करने और अगले दिन अष्टमी तिथि व रोहिणी नक्षत्र की समाप्ति के बाद पारण करने की बात कही गई है।
मेरठ में दही हांडी बनेगी खास आकर्षण
थापरनगर गली नंबर पांच स्थित श्रीकृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी महोत्सव का प्रमुख आकर्षण दही हांडी उत्सव होगा। आयोजकों के अनुसार सुबह आठ बजे शोभायात्रा से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। सुबह 11 बजे दही हांडी कार्यक्रम होगा, जिसमें युवाओं की टीम माखन से भरी मटकी फोड़ेगी। दोपहर 12 बजे आरती और शाम सात बजे प्रवचन एवं भजन संध्या होगी।
आयोजकों के अनुसार मंदिर में पिछले पांच साल से दही हांडी का आयोजन किया जा रहा है। शहर के अन्य स्थानों पर भी युवाओं की टोलियां दही हांडी उत्सव में हिस्सा लेंगी।
बाबा औघड़नाथ मंदिर में फूलों से सजेगा फूल बंगला
श्री बाबा औघड़नाथ शिवमंदिर में जन्माष्टमी की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर अध्यक्ष सतीश सिंघल के अनुसार वृंदावन से आए कारीगर देशी-विदेशी फूलों से श्री राधा गोविंद जी का फूल बंगला सजाएंगे।महामंत्री सुनील गोयल ने बताया कि शुक्रवार रात 11:26 बजे 108 तुलसी दल और 108 कमल दल से विशेष अभिषेक और आरती की जाएगी। इस दौरान सेव, पेड़ा और चरणामृत प्रसाद वितरित किया जाएगा।
भक्तों के लिए अलग प्रवेश और निकासी व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए बाबा औघड़नाथ मंदिर में गरुड़ द्वार से प्रवेश और नंदी द्वार से निकासी की व्यवस्था की गई है। सुबह 10 बजे भोग के बाद मंदिर के पट बंद रहेंगे और शाम पांच बजे दर्शन के लिए दोबारा खोले जाएंगे।
जागेश्वरधाम में नौका विहार झांकी होगी आकर्षण
सरस्वती लोक जागेश्वरधाम मंदिर में भी जन्माष्टमी पर दही हांडी उत्सव आयोजित होगा। मंदिर समिति से जुड़े वरुण अग्रवाल के अनुसार यहां नौका विहार झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी।
घर-घर होगी कान्हा के जन्म की तैयारी
जन्माष्टमी के अवसर पर शहर के घरों में भी कान्हा के जन्मोत्सव की तैयारियां की गई हैं। मंदिरों में झांकियों, भजन-कीर्तन और विशेष पूजा की तैयारी है। मध्यरात्रि में कृष्ण जन्म के साथ ही मंदिरों और घरों में उत्सव का माहौल होगा।