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स्कूल का हेड मास्टर निकला हथियारों का सौदागर, UP के कई जिलों में फैला नेटवर्क

Sun, 02 Apr 2017 06:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Sun, 02 Apr 2017 06:56 PM IST
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Head Master of the School, weapons dealer, network spread across several districts of UP
हेडमास्टर निकला अवैध हथियारों का सौदागर

शिक्षा के मंदिर में ‘मौत’ का सौदा करने वाला हेड मास्टर अवैध हथियारों के साथ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी वेस्ट यूपी के मेरठ, मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों में करीब दो साल से हथियारों की सप्लाई कर रहा था। आरोपी एमएससी मैथ्स टॉपर है। उससे 32 बोर की तीन पिस्टल और 35 कारतूस बरामद हुए हैं।

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एसपी देहात श्रवण कुमार सिंह ने शनिवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर अवैध हथियारों के कारोबार का भंडाफोड़ किया। वेस्ट यूपी के जिलों में हथियारों की सप्लाई होने की शिकायत पर आईपीएस सुकीर्ति माधव, सीओ सदर देहात यूएन मिश्रा व सीओ विकास जायसवाल की टीम को लगाया गया था। मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को पुलिस अफसरों की टीम और इंचौली थाने में तैनात एसएसआई अजय चौधरी ने मिठेपुर गांव के जंगल से आरोपी दीपक कुमार पुत्र स्व. ओमवीर सिंह निवासी अझौता दौराला को गिरफ्तार कर लिया। 
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आरोपी दीपक खतौली, मुजफ्फरनगर के जिसौला गांव के प्राथमिक स्कूल में हेड मास्टर है। उसने बताया कि खतौली के एक बैंक से तीन लाख रुपये का लोन लिया था, जिसको वह नहीं चुका सका। इस कारण वह धंधा करने लगा। पुलिस के मुताबिक आरोपी दो साल से हथियारों की सप्लाई कर रहा था। वह लावड़ से अवैध असलहा लेकर आता था। किससे लाता था, इसके बारे में पता लगाने के लिए पुलिस दीपक से फिर से पूछताछ करेगी। तस्करी में दीपक के साथ उसके तीन साथी भी शामिल हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

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पिस्टल पर पांच, तमंचे पर दो हजार कमाई

Head Master of the School, weapons dealer, network spread across several districts of UP
आरोपी हेडमास्टर गिरफ्तार

पूछताछ में दीपक ने बताया कि पिस्टल पर पांच और तमंचे पर दो हजार रुपये उसे कमीशन मिलते थे। वह दो या तीन हथियार रोजाना सप्लाई करता था। दौराला में दो साल पहले भी पुलिस ने उसे अवैध हथियारों की सप्लाई करने के शक में पकड़कर जेल भेजा था। पुलिस ने सरकारी शिक्षक होने के चलते गंभीर धारा नहीं लगाई थी। जिसके चलते वह एक सप्ताह बाद ही जेल से छूट गया था।

ग्रामीण ने दी थी जानकारी
दीपक कुमार अकसर अवैध हथियारों की डीलिंग स्कूल में ही करता था। सरकारी स्कूल में अवैध हथियारों की सौदेबाजी करने की जानकारी गांव के एक युवक को थी। जिसने एक सप्ताह पहले पुलिस को बताया था। 

दोस्त ने सिखाया धंधा
पुलिस के मुताबिक दीपक कुमार पर बैंक का कर्जा था। जिसका जिक्र वह अकसर अपने दोस्त से करता था। दोस्त ने उसे इस धंधे के बारे में बताया। दीपक को अब पढ़ाई से ज्यादा हथियारों की जानकारी है। कौन सा हथियार कितना अच्छा है और उसकी कितनी कीमत बाजार में मिल सकती है, यह सब उसे मालूम हो चुका है।

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