सुबह 7:30 बजे गंगा में 15 जिंदगियों को डूबता देखकर स्टीमर लेकर हरीश और सतपाल उतर गए। दोनों ने एक के बाद एक छह लोगों की जान बचाई। गंगा में नाव पलटने की जानकारी लगते ही आसपास के गांव के सैकड़ों लोग भीकुंड गंगा घाट पहुंचे। गांव का हर व्यक्ति डूबते लोगों को बचाने के लिए जुटा था। मशक्कत के बाद 13 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
वहीं पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने राहत के लिए गोताखोरों को लगाया दिया। मोनू शर्मा का शव गंगा से निकाला। बाद में एनडीआरएफ की टीम ने लोगों के साथ गंगा में गिरी चार बाइक को ढूंढा, लेकिन लापता शिक्षक का सुराग नहीं लगा।
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हस्तिनापुर में हादसा।
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पुलिस के मुताबिक, नाव चलाने वाले बंटी और संदीप थे। दो महिला समेत 13 लोगों को नाव में बैठाकर गंगा पार चांदपुर लेकर जा रहे थे। नाव में नौ बाइक भी थी। करीब 100 मीटर चलते ही नाव पुल के पिलर से टकराकर पलट गई। नाव पलटते ही 15 लोग गंगा में डूबने लगे। चीख-पुकार सुन किनारे खड़े हरीश और सतपाल स्टीमर लेकर बचाव कार्य में लग गए।
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हस्तिनापुर में हादसा।
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रविता समेत चार लोगों की हालत ज्यादा खराब हो गई थी, जिन्हें हस्तिनापुर सीएचसी में प्राथमिक उपचार दिलाया गया। नाव चलाने वाले बंटी और संदीप भाग गए। पुलिस की एक टीम उनकी तलाश में लगी है।
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नाव हादसा, हस्तिनापुर
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पुलिस का कहना था कि बंटी और संदीप को पता होगा कि नाव में कितने लोग सवार थे। बाद में स्टीमर चलाने वालों ने बताया कि गंगा में दो लोग अभी हैं। शिक्षक महेश को काफी ढूंढा गया, लेकिन उनका सुराग नहीं लग सका।
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डीएम दीपक मीणा।
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डीएम और एसएसपी ने आसपास के लोगों से जानकारी लेने के बाद नाव में 15 लोगों के सवार होने की पुष्टि की है। पुलिस शिक्षक महेश चंद के परिवार को ढांढस बांधने में लगी रही। आश्वासन देती रही कि वह सुरक्षित निकलेंगे।