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नाव हादसा: गंगा पर उमड़ गई थी लोगों की भीड़, नेताओं ने जाना हाल, अफसरों पर लगा ये गंभीर आरोप

Wed, 19 Oct 2022 06:18 PM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Wed, 19 Oct 2022 06:18 PM IST
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The crowd gathered on the Ganges in Hastinapur, gave courage to the safe people
मेरठ नाव हादसा। - फोटो : amar ujala

नाव हादसे के बाद भाजपा, सपा, बसपा, रालोद, भाकियू नेता सहित कई लोगों की भीड़ हस्तिनापुर में गंगा पर उमड़ गई। हर कोई गंगा से सकुशल निकले लोगों से बात करने को बेताब था।



इस दौरान सबका एक जैसा सवाल था कि कैसे जान बची और अभी गंगा में कितने लोग डूबे हैं। उन्होंने कहा कि मौत को करीब से देखा है। लगा था कि जान नहीं बचेगी। दूसरा जीवन मिला है।

The crowd gathered on the Ganges in Hastinapur, gave courage to the safe people
हादसे में सुरक्षित बचे लोग। - फोटो : amar ujala

मंत्री दिनेश खटीक, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी, सपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, भाजपा नेता अजित सिंह, राजीव चौधरी व छात्रनेता रविप्रकाश सहित हजारों की भीड़ दोपहर में गंगा घाट पर पहुंच गए।

The crowd gathered on the Ganges in Hastinapur, gave courage to the safe people
मेरठ नाव हादसा। - फोटो : amar ujala

भाजपा नेताओं ने डीएम-एसएसपी से हादसे की जानकारी ली और राहत कार्य में तेजी लाने की बात कहीं। उसके बाद गंगा से सकुशल निकले लोगों से बात कर उनको हौसला बांधा। पुलिस-प्रशासन के साथ नेताओं ने भी पूछा कि कितने लोग लापता हैं।

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The crowd gathered on the Ganges in Hastinapur, gave courage to the safe people
हस्तिनापुर में हादसा। - फोटो : अमर उजाला

शिक्षक के साथी पहुंचे और नाराजगी जताई
शिक्षक महेश के गंगा में डूबने की जानकारी लगते ही उनके स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक और रिश्तेदार भी गंगा घाट पर पहुंच गए। शिक्षकों ने पुलिस-प्रशासन पर नाराजगी जताई।

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The crowd gathered on the Ganges in Hastinapur, gave courage to the safe people
हस्तिनापुर में हादसा। - फोटो : अमर उजाला

इसके बाद शिक्षक बोले कि ढाई महीने से प्रशासन एप्रोच रोड तक नहीं बना पाएं। तभी प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि अवैध तरीके से चल रही नाव से जाने की जरूरत क्या थी।

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