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आधा अप्रैल बीता, खेतों में डेढ़ करोड़ क्विंटल गन्ना बाकी

Tue, 16 Apr 2019 03:06 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Tue, 16 Apr 2019 03:06 AM IST
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Half of April, sugarcane remaining in 1.5 million quintal farms
sugarcane farmers
 अप्रैल माह आधा बीतने के बाद भी खेतों में अभी भी पेराई योग्य करीब डेढ़ करोड़ क्विंटल गन्ना बचा है। बढ़ते पारे और मिलों के बंद होने की सूचना के बीच किसानों में गन्ना डालने की होड़ मची है। बड़े किसान जहां सेंटरों पर एडवांस गन्ना डालने में लगे हैं तो वहीं तौल बंद होने से छोटे किसान पर्ची के बाद भी गन्ना नहीं डाल पा रहे हैं। इस अफरातफरी के बीच गन्ना विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खेतों में खड़े अवशेष गन्ना लेने तक कोई भी मिल बंद नहीं होने दी जाएगी।
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अप्रैल के पहले सप्ताह तक अमूमन हर पेराई सत्र का समापन हो जाया करता था, लेकिन पिछले दो पेराई सत्र से बढ़े गन्ना रकबा और उत्पादन के चलते मिले मई माह तक चलानी पड़ रही है। पिछले साल देरी से शुरू हुई मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल तो 15 जून तक चली थी। चालू पेराई सत्र में भी अप्रैल आधा बीत चुका है, लेकिन खेतों में हर तरफ गन्ना ही गन्ना नजर आ रहा है। पारा 40 डिग्री की तरफ बढ़ने लगा है और गन्ना छिलाई में लगे मजदूर गेहूं कटाई के लिए जाने लगे हैं। ऐसे में किसानों को संपूर्ण गन्ना आपूर्ति नहीं होने का डर सताने लगा है। गर्मी और गन्ना छिलाई से बचने के लिए किसानों के बीच जल्द से जल्द गन्ना आपूर्ति के लिए घमासान शुरू हो चुका है। बड़े किसान पर्ची के इतर भी सेंटरों पर एडवांस गन्ना डालने में लगे हैं, ताकि किसी तरह खेत खाली हो जाए। इस क्रम में गन्ना सेंटर भरने से तौल लिपिक तौल बंद कर चले जाते हैं। इसके चलते उन किसानों का भी गन्ना नहीं तौला जा रहा जिनके पास पर्ची है। शासन ने गन्ना आपूर्ति को लेकर मची इस अफरातफरी को खत्म करने के लिए संपूर्ण गन्ना खरीद होने तक कोई भी मिल बंद नहीं होने देने की बात कही है। इसके लिए गन्ना आयुक्त कार्यालय से नोडल अधिकारी भी तय कर दिए है जो खेतों मेें खड़े गन्ने की हर रोज रिपोर्ट लेंगे। उप गन्ना आयुक्त तमाम जिला गन्ना अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर नोडल अधिकारियों को भेजेंगे।
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मेरठ मंडल में डेढ़ करोड़ क्विंटल गन्ना बाकी
मेरठ मंडल में कराए गए सर्वे के मुताबिक अभी भी पेराई योग्य करीब डेढ़ करोड़ क्विंटल गन्ना बाकी है। सबसे ज्यादा गन्ना मलकपुर, दौराला, सिंभावली और मवाना मिल के पास बचा है। बुलंदशहर मिल के पास गन्ना खत्म हो चुका है और सकौती, मोहिउद्दीनपुर और अनूपशहर आदि मिलों के पास कम गन्ना बचा है। बचे गन्ने के अनुसार कुछ मिल तो अप्रैल के अंदर ही गन्ना पेर लेंगी, लेकिन कुछ मिलें मई फर्स्ट वीक तक गन्ना पेरेंगी।
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किसान परेशान न हों
शुरूआती तौर पर मंडल में कराए गए खेतों में खड़े गन्ना सर्वे के मुताबिक करीब डेढ़ करोड़ क्विंटल गन्ना बाकी बचा है। किसान बचे गन्ने को लेकर परेशान न हों। जब तक पूरा गन्ना खरीद नहीं लिया जाएगा तब कोई भी मिल बंद नहीं होने दी जाएगी। - हरपाल सिंह, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र
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ये हैं मिलवार अवशेष गन्ने की स्थिति
                       
मिल का नाम    अवशेष गन्ना (गन्ना लाख क्विंटल में)           
मवाना                      18.00
दौराला                      16.50
नंगलामल                   10.00
किनौनी                      10.00
सकौती                        1.34
मोहिउद्दीनपुर                  4.00
मोदीनगर                      6.00
सिंभावली                   16.00
बृजनाथपुर                   2.50
मलकपुर                     20.00
बागपत                      12.00
रमाला                       14.00
साबितगढ़                   8.00
अगौता                      6.50
बुलंदशहर                    00
अनूपशहर                   4.00
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कुल                       148.84 लाख क्विंटल
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