Muzaffarnagar: रेस्त्रां-फर्नीचर और लोहे की दुकान पर जीएसटी का छापा, पंजीकरण नहीं दिखा पाए दुकानदार
शुक्रवार रात करीब नौ बजे जीएसटी की टीम शहर में पहले कच्ची सड़क पर पहुंची। टीम ने यहां पर फर्नीचर और लोहे की दुकानों पर छापा मारा। दुकानदारों से पंजीकरण नंबर मांगा, लेकिन वह नहीं दिखा पाए। दुकान में सामान के स्टॉक, खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड भी नहीं मिला।
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जीएसटी की टीम ने देर रात जिले में एक साथ कई जगह रेस्त्रां, फर्नीचर, लोहे समेत अन्य कई दुकानों पर छापा मारा। दुकानदार पंजीकरण नहीं दिखा पाए। सामान की खरीद और बिक्री का भी हिसाब नहीं मिला है। जीएसटी टीम ने दुकानदारों को पंजीकरण कराने के लिए कहा है।
शुक्रवार रात करीब नौ बजे जीएसटी की टीम शहर में पहले कच्ची सड़क पर पहुंची। टीम ने यहां पर फर्नीचर और लोहे की दुकानों पर छापा मारा। दुकानदारों से पंजीकरण नंबर मांगा, लेकिन वह नहीं दिखा पाए। दुकान में सामान के स्टॉक, खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड भी नहीं मिला। इसके बाद टीम शहर के मीनाक्षी चौक पर चल रहे नॉनवेज के रेस्टारेंट पर पहुंची। छापा पड़ते ही दुकानों के शटर गिरने लगे। टीम ने जांच की तो पंजीकरण नहीं मिले।
इसके अलावा खाद्य सामग्री की खरीद का भी हिसाब नहीं रखा जा रहा है। पुलिस मौके पर बुलाई गई। टीम ने वीडियोग्राफी की और दुकानदारों से कहा कि वह अपने प्रतिष्ठानों का पंजीकरण करा लें, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। टीम में जीएसटी के अधिकारी अयोध्या प्रसाद यादव और डॉ. राम चंद्र शामिल रहे। उन्होंने बताया कि दुकानदारों को पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया गया है।
खतौली, जानसठ और बुढ़ाना में किया सर्वे
जीएसटी की टीम ने शहर के अलावा खतौली, जानसठ और बुढ़ाना में भी सर्वे किया। बिना पंजीकरण चल रही दुकानों की वीडियोग्राफी कराई। यह भी कहा कि पंजीकरण से सरकार की दस लाख रुपये तक की योजना का लाभ व्यापारी ले सकते हैं।