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Meerut News: 17 करोड़ के जीएसटी घोटाले का भंडाफोड़, एक आरोपी पकड़ा
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मेरठ। अपराध शाखा मेरठ ने कार्रवाई करते हुए रविवार को 17 करोड़ रुपये के जीएसटी फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। इस मामले में संगठित गिरोह के एक सदस्य मुरादनगर निवासी वसीम अकरम उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि थाना ब्रह्मपुरी में कुछ दिन पूर्व एक जीएसटी चोरी की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपी वसीम अकरम उर्फ मोनू अपने साथी झारखंड निवासी इकबाल के साथ मिलकर फर्जी फर्म बनाकर और कागजी लेन-देन दिखाकर भारी राजस्व नुकसान पहुंचा रहे थे। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से फर्जी बिल तैयार कर इनपुट कर क्रेडिट हासिल किया और करीब 17 करोड़ रुपये की कर चोरी की। रविवार को पुलिस ने वसीम अकरम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी कंपनियां बनाकर जीएसटी फ्रॉड करने की बात स्वीकार की है।
आरोपी ने बताया कि वह फर्जी आधार और पैन कार्ड के जरिए कंपनियां बनाता था। इसके बाद गलत जीएसटी रिटर्न दाखिल कर, ई-वे बिल में हेराफेरी कर और सर्कुलर ट्रेडिंग के माध्यम से कागजों में कारोबार दिखाया जाता था। साथ ही गलत एचएसएन कोड का प्रयोग कर कर देनदारी कम दिखाई जाती थी। जीएसटी विभाग द्वारा नोटिस दिए जाने के बावजूद आरोपियों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। एसपी सिटी का कहना है कि अन्य आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
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एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि थाना ब्रह्मपुरी में कुछ दिन पूर्व एक जीएसटी चोरी की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपी वसीम अकरम उर्फ मोनू अपने साथी झारखंड निवासी इकबाल के साथ मिलकर फर्जी फर्म बनाकर और कागजी लेन-देन दिखाकर भारी राजस्व नुकसान पहुंचा रहे थे। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से फर्जी बिल तैयार कर इनपुट कर क्रेडिट हासिल किया और करीब 17 करोड़ रुपये की कर चोरी की। रविवार को पुलिस ने वसीम अकरम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी कंपनियां बनाकर जीएसटी फ्रॉड करने की बात स्वीकार की है।
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आरोपी ने बताया कि वह फर्जी आधार और पैन कार्ड के जरिए कंपनियां बनाता था। इसके बाद गलत जीएसटी रिटर्न दाखिल कर, ई-वे बिल में हेराफेरी कर और सर्कुलर ट्रेडिंग के माध्यम से कागजों में कारोबार दिखाया जाता था। साथ ही गलत एचएसएन कोड का प्रयोग कर कर देनदारी कम दिखाई जाती थी। जीएसटी विभाग द्वारा नोटिस दिए जाने के बावजूद आरोपियों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। एसपी सिटी का कहना है कि अन्य आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
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