जीएसटी: सरकार को लगाया 7.82 करोड़ का चूना, गिरफ्तार कर भेजा जेल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्जी बिलों के आधार पर फर्जी लेनदेन कर 7.82 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लेने के मामले में सीजीएसटी टीम ने मुरादाबाद के मो. आरिफ को गिरफ्तार किया है। उसे एसीजेएम कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सीजीएसटी टीम ने सरकारी खजाने में 7.69 करोड़ रुपये की रिकवरी कराई है।
विशेष अभियोजन अधिकारी लक्ष्य सिंह ने बताया कि मामला जीएसटी के मुरादाबाद डिवीजन ऑफिस से जुड़ा है। आरोपी आरिफ का मैसर्स आमिर एंड संस के नाम से एक्सिस बैंक में अकाउंट था। जिसमें सामान्य लेनदेन हुआ करता था।
अचानक एक दिन उसके खाते में 7.82 करोड़ रुपये इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में जमा हुए। इतनी बड़ी राशि अकाउंट में आने पर मैनेजर को शक हुआ। उसने मेरठ के सीजीएसटी कमिश्नर को इस संबंध में सूचित किया। मामले की जांच कराई गई।
पता चला कि आरोपी ने दिल्ली की पांच फर्मों से माल लेना बताकर उसे आगे एक्सपोर्ट दर्शाकर सरकार से यह पैसा जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट के तौर पर लिया था। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने किसी फर्म से कोई माल नहीं लिया, न ही उसे आगे एक्सपोर्ट किया था। कोर्ट में केस के विवेचक कुलदीप सिंह और असिस्टेंट कमिश्नर अंकित गहलोत भी मौजूद रहे।
सीजीएसटी अधीक्षक पंकज त्यागी ने बताया कि यह रिफंड सितंबर और अक्तूबर 2018 में लिया गया था। टीम ने 16 नवंबर 2019 को संबंधित बैंक से 7.69 करोड़ रुपये की राशि सरकारी खजाने में जमा कराई। इसके बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया।