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कैसे मिले पोषण: हरी सब्जियां हुईं महंगी, लहसुन और साग के दाम में उछाल, महंगाई के तड़के से रसोई बेहाल

Mon, 05 Feb 2024 02:37 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 05 Feb 2024 02:37 PM IST
सार

सरसों का साग महंगा हो गया है और लहसुन के दाम तो आसमान छू रहे हैं। बढ़ती महंगाई के कारण लोग खाने के स्वाद से वंछित हो रहे हैं।

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Green vegetables are expensive, garlic prices rise, kitchen trouble due to inflation
हरी सब्जियां - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मक्के की रोटी, सरसों का साग और लहसुन की चटनी... इनका नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। सर्दी के मौसम में अधिकतर लोगों का यह खास पसंदीदा भोजन है। दूसरी ओर, इन दिनों सरसों का साग महंगा हो गया है और लहसुन के दाम तो आसमान छू रहे हैं। 

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पहली बार बाजार में सरसों, मैथी, पालक, हरा धनिया के भाव अन्य हरी सब्जियों से ज्यादा हैं। इसका असर मध्यमवर्गीय परिवारों की थाली पर पड़ रहा है। पत्तेदार सब्जियों के साथ मटर, टमाटर के भाव भी आम आदमी को परेशान कर रहे हैं। लहसुन मंडी में 400 रुपये प्रति किलो और फुटकर में 500 रुपये प्रति किलो तक है। 
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रविवार को अमर उजाला ने नवीन सब्जी मंडी से थोक और शहर के माधवपुरम, घंटाघर, साकेत, कंकरखेड़ा, शास्त्रीनगर, गंगानगर और मोदीपुरम की कालोनियों में से फुटकर सब्जियों के भाव जाने। जैसा इलाका वैसा ही सब्जियों का भाव मिला। 

साकेत और शास्त्रीनगर गोल मार्केट क्षेत्र में पालक 60-70 रुपये किलो मिला। वहीं गंगानगर में पालक 60 रुपये किलो तक बिका। 

सरसों के साग के भाव भी आसमान पर हैं। सरसों का साग भले ही नवीन सब्जी मंडी में थोक में 15-17 रुपये किलो हो, लेकिन फुटकर बाजार में 40 रुपये किलो पहुंच गया। इसके चलते साग का स्वाद महंगा हो गया है। 

कम हुई हरी सब्जियों की बुवाई 
महंगाई का मुख्य कारण उत्पादन, आवक और खपत में असंतुलन है। हर वर्ष सरसों, पालक, मैथी, बथुआ का कम रेट होने के कारण किसानों ने कम बुवाई की। जिसका असर बाजार में दिखाई दे रहा है। मटर और टमाटर के दाम भी बढ़ने शुरू हो गए हैं। - ओमपाल सैनी, संरक्षक, नवीन सब्जी मंडी एसोसिएशन

अच्छा मिल रहा भाव 
पहली बार ऐसा हुआ है जब पत्तेदार सब्जी का अच्छा भाव मिल रहा है। हम खुश हैं। इस बार पालक, मैथी, सरसों और हरे धनिये की आसपास के किसानों ने कम बुवाई की है। इस कारण कीमत भी ज्यादा है। - संजय कुमार, किसान 

लहसुन खरीदना तो बंद ही कर दिया है
सर्दी में भी सब्जियां काफी महंगी रही हैं। पहले दस रुपये किलो तक साग मिल जाता था, इस बार फुटकर में 60 रुपये किलो तक बेचा जा रहा है। लहसुन तो अब खरीदा बंद कर दिया है। - राजबाला शर्मा, आर्चिड ग्रीन सोसाइटी, बिजली बंबा बाईपास

 

बिगड़ रहा रसोई का बजट
घर के राशन से लेकर सब्जी तक सब महंगा हो गया है। घर का बजट बिगड़ रहा है। पहली बार सर्दियों में हरी सब्जियां इतनी महंगी है। लहसुन के दाम तो आसमान छू रहे हैं।  - कल्पना वैशला, नेहरू नगर, गढ़ रोड

फुटकर में और महंगी हो जाती है सब्जियां
प्याज, साग, टमाटर और लहसुन सभी काफी महंगे हैं। मंडी से अधिक रेट में फुटकर में बेचे जा रहे हैं। यहां गलियों से अधिक रेट पर सब्जियां खरीदने के लिए मजबूर हैं।  - रूपाली कंबोज, गांधीनगर, गढ़ रोड 

सब्जी और भाव 
सब्जी    थोक    फुटकर 

पालक    25     60
मैथी    30     60  
बथुआ    30     60 
सरसों    20     40
टमाटर    30     50 
मटर    30     45 
धनिया    30     70 
लहसुन    350-400    500   
गाजर    30    40 
गोभी    30    40
बैंगन    40    60

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