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Meerut News: काली कमाई के लालच ने पुलिसकर्मियों को बना दिया अपराधी
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मेरठ। काली कमाई के लालच ने मेरठ में तैनात दो पुलिसकर्मियों को अपराधी बना दिया। रिंकू सिंह गुर्जर और अमित खटाना ने अपना खुद का गिरोह तैयार कर लिया। फर्जी एसओजी टीम बनाकर दूसरे राज्य में अपहरण कर लूट के प्रयास की बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला। इस दौरान राजस्थान पुलिस पर हमला करने में भी दोनों नहीं हिचकिचाए। घटना के दौरान राजस्थान पुलिस का एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हुआ है।
2016 बैच का कांस्टेबल रिंकू सिंह गुर्जर चार माह पहले तक लोहिया नगर थाने की बिजली बंबा चौकी पर तैनात था। तब उस पर अवैध वसूली के आरोप लगे थे। तत्कालीन एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने उसे लाइन हाजिर कर दिया था। तभी से उसकी तैनाती पुलिस लाइन में चल रही थी। हेड कांस्टेबल अमित खटाना 2006 बैच का है। 10 मार्च को पुलिस लाइन से उसकी तैनाती भावनपुर थाने में हुई थी। उसके पास हसनपुर कदीम बीट थी। बताया जा हा है कि साथी पुलिसकर्मियों से वह कम बातचीत करता था। रिंकू सिंह गुर्जर ने पुलिस लाइन में रहते हुए अपना पूरा गिरोह बना लिया। दोनों अपनी फर्जी एसओजी टीम बना ली। पुलिस के नाम पर लोगों को डरा-धमकाकर रुपये लूटने का प्लान बनाया। इसमें हेड कांस्टेबल अमित खटाना, अस्पताल में काम करने वाली रिसेप्शनिस्ट मीनू रानी, अधिवक्ता आकाश शर्मा समेत अन्य लोगों को शामिल कर लिया। राजस्थान पुलिस ने जिस समय इन्हें गिरफ्तार किया, तब कार रिंकू सिंह चला रहा था। राजस्थान पुलिस के रोकने पर उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसमें राजस्थान पुलिस का हेड कांस्टेबल अंकित कुमार घायल हो गया, जबकि अन्य पुलिसकर्मियों ने कूदकर अपनी जान बचाई। बाद में पुलिस ने उन्हें पीछा कर पकड़ा।
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2016 बैच का कांस्टेबल रिंकू सिंह गुर्जर चार माह पहले तक लोहिया नगर थाने की बिजली बंबा चौकी पर तैनात था। तब उस पर अवैध वसूली के आरोप लगे थे। तत्कालीन एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने उसे लाइन हाजिर कर दिया था। तभी से उसकी तैनाती पुलिस लाइन में चल रही थी। हेड कांस्टेबल अमित खटाना 2006 बैच का है। 10 मार्च को पुलिस लाइन से उसकी तैनाती भावनपुर थाने में हुई थी। उसके पास हसनपुर कदीम बीट थी। बताया जा हा है कि साथी पुलिसकर्मियों से वह कम बातचीत करता था। रिंकू सिंह गुर्जर ने पुलिस लाइन में रहते हुए अपना पूरा गिरोह बना लिया। दोनों अपनी फर्जी एसओजी टीम बना ली। पुलिस के नाम पर लोगों को डरा-धमकाकर रुपये लूटने का प्लान बनाया। इसमें हेड कांस्टेबल अमित खटाना, अस्पताल में काम करने वाली रिसेप्शनिस्ट मीनू रानी, अधिवक्ता आकाश शर्मा समेत अन्य लोगों को शामिल कर लिया। राजस्थान पुलिस ने जिस समय इन्हें गिरफ्तार किया, तब कार रिंकू सिंह चला रहा था। राजस्थान पुलिस के रोकने पर उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसमें राजस्थान पुलिस का हेड कांस्टेबल अंकित कुमार घायल हो गया, जबकि अन्य पुलिसकर्मियों ने कूदकर अपनी जान बचाई। बाद में पुलिस ने उन्हें पीछा कर पकड़ा।
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