बड़ा फैसला : कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए मेरठ के स्कूल की शानदार पहल, फीस में दी डेढ़ करोड़ की छूट
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि अभिभावकों में जागरूकता आए इसको लेकर स्कूल की तरफ से वैक्सीनेशन कराने वाले अभिभावकों को बच्चों की फीस में छूट दी जाएगी। जो अभिभावक छूट के बाद एकमुस्त फीस देना चाहते हैं, वे दे सकते हैं। किसी को परेशानी है तो किस्तों में फीस जमा करा सकते हैं।
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गुरुवार को होटल ओलिविया में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में वेद इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन अजीत कुमार ने बताया कोविड-19 की तीसरी लहर आई तो बड़ी क्षति हो सकती है। ऐसे में सभी अभिभावकों को जल्द से जल्द वैक्सीनेशन कराना चाहिए। अभिभावकों में जागरूकता आए इसको लेकर स्कूल की तरफ से वैक्सीनेशन कराने वाले अभिभावकों को बच्चों की फीस में छूट दी जाएगी।
सत्र 2021-22 में फीस में 5 से 8 महीने तक की छूट दी जाएगी। ये छूट 42 से 67 फीसद तक है। कक्षा नर्सरी से यूकेजी में 8 महीने में 13,200 फीस में से 6,600 ही देनी होगी। कक्षा 1 व 2 में 6 महीने की छूट में 50 फीसदी फीस माफ की जाएगी। 11,550 रुपये ही देने होंगे। कक्षा 3-4 में भी 50 फीसदी छूट में 12,600 देने होंगे। कक्षा 5 और 6 में 50 फीसद यानी 6 महीने की छूट के साथ 13,200 फीस ली जाएगी।
कक्षा सात आठ में 6 महीने की फीस में 50 फीसदी छूट होगी। कक्षा नौवीं-दसवीं में 5 महीने की फीस में छूट मिलेगी। कक्षा 11वीं-12वीं विज्ञान वर्ग में 42 फीसद छूट मिलेगी, अभिभावकों को 24,500 जमा करने होंगे। कक्षा 11वीं 12वीं वाणिज्य वर्ग में भी 5 महीने और 42 फीसदी छूट के बाद 22,400 फीस देनी होगी।
स्कूल प्रबंधन का कहना है, जो अभिभावक छूट के बाद एकमुस्त फीस देना चाहते हैं, वे दे सकते हैं। किसी को परेशानी है तो किस्तों में फीस जमा करा सकते हैं।
वेबसाइट की है अपग्रेड
चेयरमैन अजीत कुमार ने बताया कि स्कूल ने अपनी वेबसाइट को अपग्रेड किया है। इसी के जरिए ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं। कोई एप या दूसरा साफ्टवेयर इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ती।
प्रदेश सरकार करे स्कूलों की मदद
अजीत कुमार ने बताया कि कोविड-19 में फीस नहीं मिलने के कारण बहुत से स्कूलों की हालत ठीक नहीं है। बहुत से ऐसे स्कूल हैं जिन्होंने लोन लेकर बच्चों के लिए बसें ली हुई हैं। स्कूल बंद होने से वाहन खड़े हुए हैं और उनकी लोन की किश्तें देना मुश्किल हो गया है। बिजली का बिल लगातार देना पड़ रहा है। ऐसे में प्रदेश सरकार को स्कूलों की आर्थिक मदद करनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो 50 से अधिक स्कूल बंद हो जाएंगे।