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Meerut News: सड़क हादसे में दादा-पौत्र की मौत, सात घायल
Tue, 30 Apr 2024 02:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Tue, 30 Apr 2024 02:24 AM IST
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हल्दौर क्षेत्र के गांव खतापुर के पास सड़क दुर्घटना में मरने वाले पौत्र विशाल का फाइल फोटो।
हल्दौर/बिजनौर। बिजनौर-मुरादाबाद राज्यीय हाईवे पर कैंटर (मिनी ट्रक) ने ट्रैक्टर में टक्कर मार दी। जिसमें ट्रैक्टर पर सवार दादा की मौके पर ही मौत हो गई जबकि घायल पौत्र ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दादा-पौत्र ट्रैक्टर से जुड़ी थ्रेसिंग मशीन लेकर गेहूं की गहाई करने के लिए जा रहे थे। थ्रेसिंग मशीन पर काम करने वाले छह मजदूर भी इस हादसे में घायल हुए हैं। हादसे पर गुस्साए लोगों ने हाईवे पर करीब छह घंटे तक जाम लगाए रखा। हादसे में पंजाब के जालंधर का रहने वाला कैंटर चालक अजय पुत्र ज्ञानचंद भी घायल हुआ है।
गांव फड़ियापुर उर्फ इस्सापुर निवासी विशाल कुमार (22) पुत्र कलवा सिंह अपने दादा अमर सिंह (50) पुत्र नत्थू सिंह के संग ट्रैक्टर और थ्रेसिंग मशीन लेकर गेहूं की गहाई करने के लिए जा रहा था। गहाई मशीन पर मजदूरी करने वाले गांव के ही भूरे (40), नरेंद्र (35) पुत्र चंद्रपाल, गजराज, रामप्रसाद, नब्बू, सुशील कुमार, नीतीश कुमार भी ट्रैक्टर पर सवार थे। इन्हें गांव फरीदपुर सधीरन में गेहूं गहाई करने जाना था।
सोमवार की सुबह करीब नौ बजे विशाल कुमार ने गांव खतापुर के सामने ट्रैक्टर रोक लिया और किसान से फोन करके उसके खेत की जानकारी करने लगा। तभी बिजनौर से नूरपुर की ओर जा रहे कबाड़ से लदे कैंटर डीसीएम ने ट्रैक्टर और थ्रेसिंग मशीन में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही मशीन पलट गई और कैंटर पेड़ से जा टकराया। विशाल और उसके दादा अमर सिंह ट्रैक्टर के नीचे दब गए। अमर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि विशाल और अन्य छह मजदूरों को अस्पताल ले जाया गया। जहां विशाल की भी मौत हो गई।
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मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। गुस्साए लोगों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस मौके पर पहुंची और जाम के चलते यातायात का मार्ग बदलवाया। यातायात मार्ग बदलने की भनक लगते ही ग्रामीणों ने दूसरी जगह बालकिशनपुर चौराहे को भी जाम कर दिया। करीब छह घंटे के बाद आर्थिक मदद का आश्वासन मिलने पर जाम खोला गया। पुलिस ने कैंटर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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गांव फड़ियापुर उर्फ इस्सापुर निवासी विशाल कुमार (22) पुत्र कलवा सिंह अपने दादा अमर सिंह (50) पुत्र नत्थू सिंह के संग ट्रैक्टर और थ्रेसिंग मशीन लेकर गेहूं की गहाई करने के लिए जा रहा था। गहाई मशीन पर मजदूरी करने वाले गांव के ही भूरे (40), नरेंद्र (35) पुत्र चंद्रपाल, गजराज, रामप्रसाद, नब्बू, सुशील कुमार, नीतीश कुमार भी ट्रैक्टर पर सवार थे। इन्हें गांव फरीदपुर सधीरन में गेहूं गहाई करने जाना था।
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सोमवार की सुबह करीब नौ बजे विशाल कुमार ने गांव खतापुर के सामने ट्रैक्टर रोक लिया और किसान से फोन करके उसके खेत की जानकारी करने लगा। तभी बिजनौर से नूरपुर की ओर जा रहे कबाड़ से लदे कैंटर डीसीएम ने ट्रैक्टर और थ्रेसिंग मशीन में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही मशीन पलट गई और कैंटर पेड़ से जा टकराया। विशाल और उसके दादा अमर सिंह ट्रैक्टर के नीचे दब गए। अमर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि विशाल और अन्य छह मजदूरों को अस्पताल ले जाया गया। जहां विशाल की भी मौत हो गई।
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मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। गुस्साए लोगों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस मौके पर पहुंची और जाम के चलते यातायात का मार्ग बदलवाया। यातायात मार्ग बदलने की भनक लगते ही ग्रामीणों ने दूसरी जगह बालकिशनपुर चौराहे को भी जाम कर दिया। करीब छह घंटे के बाद आर्थिक मदद का आश्वासन मिलने पर जाम खोला गया। पुलिस ने कैंटर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

हल्दौर क्षेत्र के गांव खतापुर के पास सड़क दुर्घटना में मरने वाले पौत्र विशाल का फाइल फोटो।