यूपी: नियुक्ति के बाद पहली बार मेरठ आईं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, किसानों को दी ये सलाह
आनंदी बेन पटेल के भाषण की मुख्य बातें-
- कहा पुष्पगुच्छ की जगह बच्चों को भेंट करें कुछ फल
- आज अमूल डेयरी कासालाना टर्नओवर 35 हजार करोड़
- किसानों को मुहैया कराए जाएं बाजार।
- जल बचाने, भोजन बरबाद न करने और प्लास्टिक का उपयोग न करने का लें प्रण।
- धान के अवशेषों से फर्टीलाइजर कैसे तैयार हो इस पर रिसर्च करें कृषि विद्यार्थी।
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विस्तार
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्र-छात्राओं को मेडल बांटे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अब लोग मोटे अनाज की ओर आकर्षित हो रहे है
आज का युग मल्टीग्रेन का युग है। गांधीजी के सपनों का स्वच्छ भारत निर्माण करें। महिलाओं को समाज मे आगे आना होगा तभी होगा सच्चा महिला सशक्तिकरण।
उन्होंने कहा कि हमें कृषि उत्पाद संरक्षण के लिए तकनीक बनानी होगी। उन्नत कृषि प्रजातियां पैदा करना बड़ी चुनौती है। जलवायु परिवर्तन में जैव प्रौद्योगिकी पैदा करनी होगी। खाद्य सुरक्षा के साथ स्वच्छ वातावरण है हमारा लक्ष्य।
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पुष्पगुच्छ की जगह बच्चों को भेंट करें कुछ फल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा की मैं जहां भी जाती हूं छोटी कक्षाओं के बच्चो से मिलना चाहती हूं। छोटे बच्चो को पढ़ाई में कोई मार्गदर्शन नही है। आजाद भारत कैसे बना, बच्चे नही जानते। ऐसे में हम दीक्षांत समारोह में बुलाए गए प्राइमरी स्कूल के बच्चों को इतिहास की किताबें देते हैं। पुष्प गुच्छ की जगह कुछ फल दे रहे हैं ताकि प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को हम उन्हें भेंट कर सकें।
उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि सरदार पटेल की जन्मभूमि है गुजरात। आज़ादी से पहले अमूल डेरी की स्थापना हुई। शुरुआत में केवल 250 ली दूध ही डेरी में आता था। अमूल डेरी की स्थापना के पीछे सरदार पटेल थे और आज अमूल डेयरी 180 लाख दूध का रोज कलेक्शन करती है। जिसका सालाना टर्नओवर 35 हजार करोड़ है। विश्व के बाजार में अमूल का प्रोडक्ट 20 देशों में जा रहा है। हमे इसी तरह से पहल करनी होगी।
बच्चो को कुपोषण से मुक्त कराने के लिए हमने दूध, शुगर, मूंगफली का पेस्ट बच्चो को देना शुरू किया है। यह प्रयोग सफल हो रहा है। हमने अमूल से यह प्रोडक्ट बनवाया। यूपी में ऑर्गेनिक फसल के लिए बाजार नही है। किसान को अपनी फसल का मूल्य नही मिलता। बड़े शहरों में किसानों को बाजार मुहैया कराए। हमने गुजरात मे किसानों को बाजार उपलब्ध कराया। किसानों को सरकारी सहायता मुहैया कराई जाए।
उन्होंने कहा कि यूपी और एमपी में धान का अवशेष जलाया जाता है। इससे मिट्टी की उर्वरक क्षमता कम होती है। अवशेष से खेतों के लिए फर्टिलाइजर तैयार हो सकती है। गोल्ड मेडल लेने वाले छात्र इस पर रिसर्च करें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी का सपना है 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करना है। ऐसे में सभी विश्वविद्यालय कॉलेज स्कूल एनजीओ और अन्य संस्थान टीबी के बच्चों को गोद लें और उनको पोस्टिक आहार दें, ताकि टीबी पूरी तरीके से खत्म हो जाए।
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जल बचाने और खाना बरबाद न करने का लें प्रण
राज्यपाल ने जल बचाने को लेकर कहा कि अक्सर लोग आधा गिलास पानी पीते हैं आधा फेंक देते हैं ऐसा करना बंद करें। खाना बिल्कुल नहीं फेंके। अभी भी देश में ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिनको एक समय का खाना नहीं मिलता। मेरठ के बारे में उन्होंने कहा कि आज पूरा मेरठ यह संकल्प ले कि हम पॉलिथीन नहीं लेंगे। मेरठ मंगल पांडे की धरती है। मैं चाहती हूं कि लोग आज से ही इसका मेरठ में पालन करें।
अपने संबोधन के बाद कृषि यूनिवर्सिटी के सभाकक्ष में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक शुरू की। हालांकि इस बैठक के शुरू होते ही पत्रकारों को फोटो करने के बाद समीक्षा बैठक से बाहर निकाल दिया गया।