कैराना के मलकपुर गांव में शनिवार रात को माता का जागरण था। युवा और किशोरों की टोलियां इसमें लगी थी। सब हंसी खुशी से निपटा। पूरे उत्साह के साथ हंसते गाते युवक और किशोरों की टोली यमुना में गई। यमुना नदी में हुए हादसे ने पूरे मलकपुर का माहौल गमगीन कर दिया। गांव में चीखपुकार मच गई। आगे जानें आखिर कैसे हंसते खेलते 6 परिवारों की सारी खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं: -
यूपी: 6 परिवारों पर एक साथ टूटा गम का पहाड़, मातम में बदलीं खुशियां, तीन अर्थी देख रो पड़ा पूरा गांव
जैसे ही यमुना में हुए हादसे की खबर में सात युवकों के डूबने की खबर गांव में पहुंची, पूरा गांव मोहम्मदपुर की ओर दौड़ गया। गांव के बुजुर्ग, युवा, ट्रैक्टर ट्रॉलियों और बाइक आदि वाहनों से वहां पहुंच गए ,लेकिन अनुज ,विशाल और भारत के शव मिलने के बाद सब बिलखने लगे। वहीं पर चीख-पुकार मच गई।
तीनों के शव गांव में पहुंचे तो महिलाएं, बच्चे सब पीड़ित परिजनों को सांत्वना देने पहुंच रहे थे। हर किसी की आंखें नम थी। एक दिन पहले हंसी खुशी का माहौल गम में बदल गया। शाम को गांव में चूल्हे नहीं जले। पुलिस ने बताया कि परिजनों के अनुरोध पर किसी का भी पोस्टमार्टम नहीं कराया है।
सोमवार सुबह एक साथ तीनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान एक साथ तीन अर्थियों को देख हर ग्रामीण की आंख में आंसू निकल पड़े।
अजय ने मौत को नजदीक से देखा
यमुना में डूबा 14 साल का अजय सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद वह काफी डरा सहमा सा था। ग्रामीणों ने बताया कि अजय इस हादसे से काफी घबरा गया था। वो काफी देर वहीं बैठा रहा। उसने बताया कि एक बार तो उसे लगा कि वो पानी में बह जाएगा लेकिन उसे बचा लिया, लेकिन उसे अपने साथियों के डूबने का काफी मलाल था। इससे वो काफी दुखी था।
मोहम्मदपुर राई के कई युवक तैराक हैं। यमुना में युवकों के डूबने की सूचना जैसे ही मोहम्मदपुर राई गांव में पहुंची, वहां के युवक डूबे हुए लड़कों को बचाने यमुना में कूद गए। इनमें से अधिकांश मुस्लिम युवक थे, ग्रामीणों ने ही 14 साल के अजय को बचाया था। इसके बाद ही पुलिस और पीएसी पहुंची थी, लेकिन गांव के युवक रात तक डूबे बाकी तीनों लड़कों को तलाशने में लगे रहे।
रेत खनन के कारण यमुना में बने कुंड में समा रही जिंदगी
कैराना। मोहम्मदपुर राई में हुई घटना के बाद एक बार फिर से अवैध खनन को इसकी वजह माना जा रहा है। दरअसल, यमुना नदी में रेत खनन माफिया जेसीबी और पॉकलेन द्वारा रेत खनन किया जाता है, जिससे यमुना में गहरे गड्ढे बन जाते है यमुना में पानी आने के बाद ये पानी के नीचे रह जाते हैं और स्नान के दौरान लोगों का पैर इनमें फंसने से ये डूब जाते हैं।
इससे पूर्व कैराना पुल के नीचे भी दो महीने में कई लोग यमुना में बने मौत के कुंड में समाकर अपनी जान गंवा चुके हैं। दरअसल रेत खनन के पट़्टे तो दिए जाते हैं, लेकिन खनन के नियमों का सही ढंग से पालन ना होने की वजह से ही ये हो रहा है। कैराना की तरह झिंझाना क्षेत्र में भी खनन से लोगों की जान जा चुकी हैं।