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सरकारी कारनामा, अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा
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दौराला। खनन माफिया के सामने सरकारी तंत्र बौना साबित हो रहा है। दौराला-सुुरानी मार्ग पर सरकारी नलकूप का अस्तित्व खत्म कर खनन करने पर सिंचाई विभाग ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जिस कारण क्षेत्र में खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं।
यह था मामला
सत्ता के दबाव के चलते खनन माफिया के हौसले बुलंद होते जा रहे है। आलम यह है कि सरकारी तंत्र यदि कार्रवाई करना भी चाहे तो सत्तारूढ़ नेता तंत्र पर दबाव डालकर उन्हें कार्य नहीं करने देते हैं। दौराला-सुरानी मार्ग पर खसरा संख्या 210 पर सरकारी नलकूप हुआ करता था। इसके बंद हो जाने के बाद माफिया ने नलकूप का अस्तित्व पूरी तरह खत्म करके ईंट निकाल ली। यही नहीं सरकारी जमीन पर मिट्टी का खनन किया। जिसके फलस्वरूप नलकूप का बेस बीस फीट ऊपर है। रेलवे दोहरीकरण में माफिया ने ठेका लेकर सरकारी भूमि की मिट्टी सरकार को ही बेच दी। इस मामले में दौराला निवासी ताहर सिंह ने तहसील दिवस में माफिया की शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से सात फरवरी के अंक में प्रकाशित किया था। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की और माफिया के विरुद्घ तहरीर दी। पुलिस ने एसडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने की बात कही थी। सूत्रों की माने तो इसके बाद शुरू हुआ सत्ता का खेल। सत्ता के दबाव में पहले तो माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने दी गई। अब सिंचाई विभाग ने इस मामले में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जिस कारण सिंचाई विभाग बैकफुट पर आ गया। माफिया एवं अन्य लोग अब भी सरकारी जमीन पर खनन कर रहे हैं। बता दें कि मवाना तहसील के खेड़ी मनिहार में लगातार खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है परंतु सरधना क्षेत्र में माफिया पर नकेल कसने से सरकारी तंत्र पीछे हटता दिखाई दे रहा है।
नोट-सर इस समाचार में सिंचाई विभाग के अधिकारी व जिलाधिकारी का वर्जन लेने की कृपा करें।
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यह था मामला
सत्ता के दबाव के चलते खनन माफिया के हौसले बुलंद होते जा रहे है। आलम यह है कि सरकारी तंत्र यदि कार्रवाई करना भी चाहे तो सत्तारूढ़ नेता तंत्र पर दबाव डालकर उन्हें कार्य नहीं करने देते हैं। दौराला-सुरानी मार्ग पर खसरा संख्या 210 पर सरकारी नलकूप हुआ करता था। इसके बंद हो जाने के बाद माफिया ने नलकूप का अस्तित्व पूरी तरह खत्म करके ईंट निकाल ली। यही नहीं सरकारी जमीन पर मिट्टी का खनन किया। जिसके फलस्वरूप नलकूप का बेस बीस फीट ऊपर है। रेलवे दोहरीकरण में माफिया ने ठेका लेकर सरकारी भूमि की मिट्टी सरकार को ही बेच दी। इस मामले में दौराला निवासी ताहर सिंह ने तहसील दिवस में माफिया की शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से सात फरवरी के अंक में प्रकाशित किया था। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की और माफिया के विरुद्घ तहरीर दी। पुलिस ने एसडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने की बात कही थी। सूत्रों की माने तो इसके बाद शुरू हुआ सत्ता का खेल। सत्ता के दबाव में पहले तो माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने दी गई। अब सिंचाई विभाग ने इस मामले में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जिस कारण सिंचाई विभाग बैकफुट पर आ गया। माफिया एवं अन्य लोग अब भी सरकारी जमीन पर खनन कर रहे हैं। बता दें कि मवाना तहसील के खेड़ी मनिहार में लगातार खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है परंतु सरधना क्षेत्र में माफिया पर नकेल कसने से सरकारी तंत्र पीछे हटता दिखाई दे रहा है।
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नोट-सर इस समाचार में सिंचाई विभाग के अधिकारी व जिलाधिकारी का वर्जन लेने की कृपा करें।