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सरकारी अस्पतालों में मरीजों को नसीब नहीं स्ट्रेचर, ठेले पर ले जाने को मजबूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Updated Wed, 24 Oct 2018 12:15 PM IST
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मेरठ न्यूज
- फोटो : अमर उजाला
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एक तरफ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में मरीजों को स्ट्रेचर तक नसीब नहीं हो पा रहे हैं। यूपी के मेरठ का जिला अस्पताल हो या मेडिकल कॉलेज, दोनों जगह एक जैसे हालात हैं।
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मेडिकल कॉलेज में स्ट्रेचर पर ताले लगे रहते हैं। मरीज हाथों पर रहते हैं या फिर ठेले पर। ऐसे ही हालात जिला अस्पताल के भी हैं। मरीजों को स्ट्रेचर ही नहीं मिलते हैं। ई-रिक्शा या फिर ठेले पर मरीज को ले जाना पड़ता है।
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जिला अस्पताल प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीके बंसल का कहना है कि पर्याप्त स्ट्रेचर हैं, मगर कई बार मरीज स्ट्रेचर को इधर-उधर छोड़ देते हैं। इस कारण स्ट्रेचर नहीं मिल पाता है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी का कहना है कि मरीज स्ट्रेचर कहीं भी छोड़कर चले जाते हैं। इसलिए आईडी लेकर ही स्ट्रेचर दिए जाते हैं।
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