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सीसीएसयू अपडेट: हवा में शासन के आदेश... नहीं शुरू हुई ऑनलाइन पढ़ाई

Mon, 07 Sep 2020 11:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Mon, 07 Sep 2020 11:28 AM IST
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Meerut News: Governance order in the air no online studies started
सीसीएसयू फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

चौधरी चरण विश्वविद्दालय (सीसीएसयू) से संबद्ध कॉलेजों में शासन के आदेश के बाद भी शिक्षक ऑनलाइन पढ़ाई कराने को तैयार नहीं हैं। जहां चार अगस्त से कक्षाएं चलनी थीं, वहां पर छह सितंबर तक भी कक्षाओं का कहीं अता-पता नहीं है। शिक्षकों का बहाना भी अच्छा है कि जब अभी द्वितीय और तृतीय वर्ष के एडमिशन ही नहीं हुए हैं तो पढ़ाएं कैसे। इससे साफ हो रहा है कि कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर लॉकडाउन लगने के बाद कितनी तैयारी की गई।

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प्रदेश सरकार की तरफ से सभी विवि और कॉलेजों में चार अगस्त से यूजी में द्वितीय, तृतीय और पीजी के फाइनल सेमेस्टरों में ऑनलाइन पढ़ाई कराने के आदेश दिए थे। यूजी प्रथम वर्ष में एक अक्तूबर तो वहीं पीजी प्रथम वर्ष में एक नवंबर से ऑनलाइन कक्षाएं चलाने को कहा था। प्रथम वर्ष की बात करें तो अभी स्नातक में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चल रही है। 15 सितंबर तक रजिस्ट्रेशन होंगे। इसके बाद विवि 20 सितंबर तक पहली मेरिट निकालेगा। कम से कम तीन मेरिट निकाली जाएंगी। ऐसे में 15 अक्तूबर से पहले कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी। ये भी तब होगा, जबकि सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में इस बार मेरिट ओपन कर दी जाए। अगर सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में भी अलग-अलग मेरिट निकाली गई तो एडमिशन प्रक्रिया और देरी से होगी। ऐसे में यूजी प्रथम वर्ष में एक नवंबर से ही ऑनलाइन कक्षाएं संभव हैं।
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बात करते हैं यूजी में द्वितीय और तृतीय एवं पीजी के फाइनल सेमेस्टर की। इन कोर्सों में कक्षाएं चार अगस्त से चलाने को कहा गया था। इन कोर्सों में बिना परीक्षा के प्रोन्नति की जा रही है। प्रक्रिया लंबी चलेगी। शिक्षकों का कहना है कि इन छात्र-छात्राओं के व्हाट्सएप नंबर उनके पास नहीं हैं, जिससे ग्रुप बनाकर ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कराई जा सके। सवाल ये है कि जब शिक्षकों ने लॉकडाउन में इन छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई कराने का दावा किया था तो फिर उनके नंबर क्यों नहीं हैं।
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पब्लिक स्कूलों से सबक लें शिक्षक
सीबीएसई-आईसीएसई के पब्लिक स्कूलों में जो छात्र-छात्राएं 10वीं में पास हुए हैं, उनकी 11वीं की ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं। डिग्री कॉलेज की भी बात करें तो आरजी कॉलेज में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। परीक्षा में ड्यूटी की वजह से सभी शिक्षिकाएं तो ऑनलाइन कक्षाएं नहीं ले रही हैं, लेकिन जिनकी ड्यूटी नहीं है, उन्होंने पढ़ाना शुरू कर दिया है। आरजी में बिना एडमिशन के कैसे पढ़ाया जा रहा है, सवाल पर शिक्षिकाएं बताती हैं ये छात्र कहीं बाहर से नहीं आए हैं। ऐसे में प्रथम वर्ष के जो छात्रों को पढ़ाई कराई जा रही थी, अब उनको द्वितीय वर्ष की पढ़ाई शुरू करा दी गई है। इसी तरह से द्वितीय वर्ष वालों को तृतीय वर्ष की पढ़ाई कराई जा रही है।

जानकारी मांगी जा रही है
चार अगस्त से ऑनलाइन कक्षाएं चलाने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। इस संबंध में शासन को जानकारी भेजी जा रही है। जब इस बार फाइनल ईयर को छोड़कर सभी छात्रों को प्रोन्नत किया जा रहा है तो इनको पढ़ाई कराने में क्या समस्या थी। छह महीने में भी अगर छात्रों का डाटा नहीं तैयार हुआ है तो इससे बड़ी लापरवाही क्या हो सकती है। सभी प्राचार्यों को पत्र लिखकर जानकारी मांगी जा रही है। - डॉ. राजीव कुमार गुप्ता, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी मेरठ

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