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सच्चे मन से पुकारने पर हमेशा आते हैं भगवान : रिया किशोरी
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श्रीमद् भागवत कथा सुनाती कथावाचक रिया किशोरी स्रोत संवाद
श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव नंगली गजरोली में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आठवें दिन कथावाचक रिया किशोरी ने महाभारत सहित विभिन्न प्रसंग सुनाए और भगवान की भक्ति के बारे में बताया।
शुक्रतीर्थ धाम से आई कथावाचक रिया किशोरी ने कहा कि सच्चे मन से पुकारने पर भगवान हमेशा आते हैं। आपसी प्रेम, भाव और भगवान के प्रति विश्वास ही मनुष्य की उन्नति के कारक हैं। भगवान की दृष्टि में सब जीव समान हैं। मंदिर में कुछ समय ही पूजा करो लेकिन पूरे मन से भक्ति का वह समय संसार का नहीं संसार के मालिक का होना चाहिए।
सुख आने पर हम भौतिक जीवन में खोकर भगवान को भूल जाते हैं। दुख में हम हर समय भगवान का चिंतन करते हैं। आपसी प्रेम और भाव ही मनुष्य की उन्नति के कारक हैं। कहा कि ईश्वर भक्ति से ही मानव कल्याण का आधार है और इसकी बदौलत दानव भी मानव बन जाते हैं। जिस घर में भागवत गीता, रामायण है वह घर नहीं मंदिर है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा पाप को धोने वाला एक सुगम मार्ग है। भगवान दर्शन देने के लिए किसी मंदिर में नहीं आते बल्कि स्वयं उसके अंदर से प्रकट होकर दर्शन देते हैं। अगर आपके मन के अंदर ही सुख व शांति है।
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इस मौके पर मंदिर के पुजारी केशव शर्मा तथा सहायक अमित कुमार, बांद्रा शर्मा सहित आरएसएस ग्राम विकास गतिविधि समिति एवं ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा। गोसेवा परिवार ने भी पहुंचकर धर्म लाभ अर्जित किया।
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हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव नंगली गजरोली में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आठवें दिन कथावाचक रिया किशोरी ने महाभारत सहित विभिन्न प्रसंग सुनाए और भगवान की भक्ति के बारे में बताया।
शुक्रतीर्थ धाम से आई कथावाचक रिया किशोरी ने कहा कि सच्चे मन से पुकारने पर भगवान हमेशा आते हैं। आपसी प्रेम, भाव और भगवान के प्रति विश्वास ही मनुष्य की उन्नति के कारक हैं। भगवान की दृष्टि में सब जीव समान हैं। मंदिर में कुछ समय ही पूजा करो लेकिन पूरे मन से भक्ति का वह समय संसार का नहीं संसार के मालिक का होना चाहिए।
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सुख आने पर हम भौतिक जीवन में खोकर भगवान को भूल जाते हैं। दुख में हम हर समय भगवान का चिंतन करते हैं। आपसी प्रेम और भाव ही मनुष्य की उन्नति के कारक हैं। कहा कि ईश्वर भक्ति से ही मानव कल्याण का आधार है और इसकी बदौलत दानव भी मानव बन जाते हैं। जिस घर में भागवत गीता, रामायण है वह घर नहीं मंदिर है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा पाप को धोने वाला एक सुगम मार्ग है। भगवान दर्शन देने के लिए किसी मंदिर में नहीं आते बल्कि स्वयं उसके अंदर से प्रकट होकर दर्शन देते हैं। अगर आपके मन के अंदर ही सुख व शांति है।
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इस मौके पर मंदिर के पुजारी केशव शर्मा तथा सहायक अमित कुमार, बांद्रा शर्मा सहित आरएसएस ग्राम विकास गतिविधि समिति एवं ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा। गोसेवा परिवार ने भी पहुंचकर धर्म लाभ अर्जित किया।

श्रीमद् भागवत कथा सुनाती कथावाचक रिया किशोरी स्रोत संवाद