प्रेमिका को हनीमून पर ले जाने की तैयारी में था आशिक, पुलिस ने कर लिया अरेस्ट, जानें क्यों?
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एक युवक लव मैरिज के बाद अपनी प्रेमिका को हनीमून पर ले जाना चाहता था, लेकिन पुलिस ने पहले ही उसे और उसके बड़े भाई को अरेस्ट कर लिया। क्या आप जानना चाहेंगे पुलिस ने ऐसा क्यों किया। पढ़ें पूरी कहानी।
छोटे भाई के हनीमून के लिए दोनों मिलकर झपटमारी को अंजाम दे रहे थे। दोनों भाई करीब दर्जन से ज्यादा लूट और झपटमारी की वारदात कर चुके है। रविवार को वेस्टर्न कचहरी रोड पर लोगों ने दोनों को उस समय पकड़ लिया था, जब वे स्टेट बैंक के सामने मोहन कंफैक्शनरी पर लूट के बाद फरार होने की कोशिश कर रहे थे।
एसपी सिटी मानसिंह चौहान ने पुलिस लाइन में सोमवार को प्रेसवार्ता कर आरोपी दोनों भाई अक्षय व विनय उर्फ विकास पुत्र सोमपाल निवासी जंधेठी, दौराला को मीडिया से रूबरू कराया। एसपी सिटी के मुताबिक विनय उर्फ विकास ने एक महीने पहले मोहनपुरी, सिविल लाइन की एक लड़की से प्रेम प्रसंग के चलते शादी की थी। जिसको वह हनीमून पर ले जाने की तैयारी कर रहा था। पिछले कई दिनों से विनय और उसका भाई अक्षय समेत पांच लोग शहर में लगातार लूट और झपटमारी को अंजाम दे रहे थे। उनके पास से दो तमंचे, एक नकली रिवाल्वर, लूट के 96 सौ रुपये और चार लेडिज पर्स बरामद किए हैं। दोनों से पूछताछ के बाद सिविल लाइन पुलिस ने रविवार रात एक आरोपी सुंदर पांडे उर्फ शिवा निवासी इलाहाबाद को गिरफ्तार कर लिया। गंगानगर में रह रहे सुंदर ने लूट की 21 घटनाएं कबूली हैं। उसने डिफेंस कॉलोनी निवासी मनोज राणा का नाम भी बताया। जो गिरोह का सरगना बताया गया। पुलिस ने मनोज की तलाश में दबिश दी, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा।
लुटेरे बोले तो पुलिस की खुली पोल
रोजाना पर्स, मोबाइल स्नैचिंग की वारदात को छुपाकर थाना पुलिस अधिकारियों को गुमराह कर रही थी। लुटेरों ने कई वारदात कबूली, लेकिन अधिकांश वारदातों में पुलिस के पास कोई मामला ही दर्ज नहीं मिला। लूट का सिलसिला करीब डेढ़ महीने से चल रहा था। कई पीड़ितों ने थाने में आकर लुटेरों की पहचान भी की। लुटेरों ने एक जून को इमली चौराहे से पैदल जाती लड़की से मोबाइल छीना, बच्चा पार्क से एक बैग छीना, जिसमें दो मोबाइल और छह हजार रुपये थे। 30 मई को बच्चा पार्क के पास से एक लड़की से मोबाइल छीना। पांच मई को शास्त्रीनगर में महिला से मोबाइल छीना, 15 मई को गढ़ रोड पर महिला से पर्स छीना। 14 मई को सुबह आठ बजे शास्त्रीनगर बी ब्लाक से एक युवक से मोबाइल छीना। 20 अप्रैल को शनि मंदिर गंगानगर से एक युवक से मोबाइल छीना। 18 मई को सदर बाजार काली माता मंदिर के पास महिला से चेन छीनी, 31 मई को छीपी टैंक पर मोबाइल छीना। इसके अलावा लुटेरों ने 31 मई को तेजगढ़ी चौराहे से महिला से पर्स छीनने समेत दर्जनों वारदात करना बताया। दोनों भाई अपनी बहनों के साथ सिविल लाइन इलाके में ही रहते थे। आरोपियों की बहन एक कॉलेज में पढ़ती है। वारदात की जानकारी लगते ही दोनों बहने थाने पहुंची। उन्होंने भाइयों को बेकसूर बताया।
पकड़े गए लुटेरे तो थाने से भाग गए थे
हैरत की बात ये है कि पब्लिक ने जिन लुटेरों को पकड़कर पुलिस को सौंपा था, वह सोमवार सुबह सिविल लाइन थाने से भाग गए थे। दोनों आरोपियों के हथकड़ी लगी थी। वह थाने से बाहर निकले, तभी पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि पुलिस ने घेराबंदी कर कुछ ही देर में दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। इसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों को लगी तो उन्होंने इंस्पेक्टर सिविल लाइन को जमकर फटकार लगाई। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर जांच बैठाई हैं।
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