बेबसी: पुलिस ने सुनी नहीं, धमकाते रहे आरोपी... और दहशत में बेटी ने दे दी जान
मेरठ में छेड़छाड़ पीड़िता की आत्महत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। परिजनों ने बताया कि आरोपी लगातार धमकी दे रहे थे, लेकिन पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। अब महिला आयोग ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
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बुधवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. हिमानी अग्रवाल ने पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान मां ने वह दर्द साझा किया, जो उन्हें अब तक अकेले सहना पड़ रहा था। उन्होंने बताया कि 13 मई 2025 को लोहियानगर में अहमदनगर निवासी आमिर, सुहेल, शुएब, साकिब सहित पांच युवकों ने उनकी बेटी से छेड़छाड़ की थी। थाने में केस तो दर्ज हुआ, लेकिन पुलिस ने गंभीर धाराएं न लगाकर केवल शांतिभंग में चालान कर दिया। आरोपी जल्द ही जमानत पर छूटकर बाहर आ गए।
परिजनों ने बताया कि मोहल्ले में लोग भी अब बातें बनाने लगे थे। मानसिक दबाव के बीच बेटी ने आखिरकार वह कदम उठा लिया, जिससे सबकुछ खत्म हो गया।
उधर, लिसाड़ीगेट पुलिस ने युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पांच युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मंगलवार देर रात नामजद आरोपी आमिर, सुहेल और साकिब को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।