घर बैठे देख सकेंगे जमीन का भू-उपयोग, प्रदेश के 63 शहरों का मास्टर प्लान तैयार करा रही केंद्र सरकार
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यूपी के मेरठ शहर के विकास का खाका तैयार करने के लिए केंद्र सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए अमृत योजना में महायोजना-2031 का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। प्रदेश के 75 जिलों में से 63 शहरों के मास्टर प्लान की जिम्मेदारी कंसल्टेंट को दे दी गई है। जिससे शहर के विकास का खाका सही ढंग से तैयार किया जा सके।
मेरठ में एलमांड कंसल्टेंट को इसकी जिम्मेदारदी सौंप दी गई है। वहीं, इस बार तकनीक का भी खासा इस्तेमाल किया जाएगा। जिससे शहरवासी एक क्लिक पर घर बैठे ही भूमि का भू-उपयोग देख सकेंगे। इसके लिए मेरठ विकास प्राधिकरण कार्यालय आने की जरूरत नहीं होगी।
बता दें, कुछ दिन पहले मेरठ विकास प्राधिकरण से शहर के विकास में प्रमुख बिंदुओं को तैयार कर रिपोर्ट मांगी गई थी। जिसमें एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में बताया गया था। इस बैठक में मुख्य नगर नियोजक इश्तियाक अहमद भी मौजूद रहे।
इससे वर्ष-2031 तक होने वाले विकास कार्यों को भी दर्शाया जाएगा। वहीं, इसके लिए अब एमडीए कर्मचारियों को मास्टर प्लान बनाने की जरुरत नहीं होगी। कंसल्टेंट टीम ही महायोजना-2031 का मैप तैयार करेगी।
ये है ज्योग्रॉफिक इंफोरमेशन सिस्टम
जमीन की सतह को चिह्नित करने के लिए पहले दक्षांतर और अक्षांतर के जरिए कोआर्डिनेट निकालने होंगे। इसके बाद स्थान का पता चल सकेगा कि यहां पर किस तरह की जमीन उपलब्ध है। जिससे घर बैठे ही शहरवासी प्लाट का भू-उपयोग जान सकेंगे।
जीआइएस सर्वे किया जा चुका
कुछ दिन पहले ही प्रदेश सरकार की तरफ से नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर की टीम जिले में पहुंचकर अवैध कॉलोनियों को चिह्नित कर चुकी है। इसके बाद ही महायोजना-2031 को बनाया जाना है। जिससे मास्टर प्लान के समय अवैध कॉलोनियों को इसमें शामिल न किया जा सके। तीन से पांच दिन तक चले सर्वे में शहर के सभी इलाकों में रिमोट सेंसिंग सेंटर की टीम ने यह कार्य किया था।
महायोजना 2031 की तैयारी
नई तकनीक पर महायोजना-2031 का नक्शा तैयार करने की योजना बनी है। इस बार केंद्र सरकार के दखल के बाद सही तरीके से महायोजना पर क्रियान्वयन किया जाएगा - इश्तियाक अहमद, मुख्य नगर नियोजक