मेरठ में पकड़ा 61 लाख का गांजा: ऊपर सब्जियां, नीचे गांजा रखते थे सप्लायर, तस्करी को लेकर चौंकाने वाले खुलासे
मेरठ में एंटी नॉरकोटिक्स टास्क फोर्स ने सब्जियों से लदी पिकअप गाड़ी में 61 लाख का गांजा पकड़ा है। पुलिस ने पांच आरोपियाें को गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए हैं।
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मेरठ में एंटी नॉरकोटिक्स टास्क फोर्स ने टीपीनगर पुलिस के साथ वेदव्यासपुरी पुलिस चौकी के पास एक पिकअप को चेकिंग के दौरान पकड़ लिया। तलाशी ली तो सामने आया कि लौकी और खीरे की सब्जियों की बोरियों के अंदर गांजा रखकर दिल्ली ले जाया जा रहा था। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें टीपीनगर थाने की हवालात में रखा गया है। सभी से पूछताछ की जा रही है।
टीम ने 122 किलो गांजा बरामद किया। इसकी अनुमानित कीमत 61 लाख रुपये है। गांजे को उड़ीसा से मंगाकर वेस्ट यूपी और एनसीआर में सप्लाई किया जाता था। पुलिस ने पिकअप, बाइक और दो मोबाइल बरामद किए गए हैं। आरोपी आज कोर्ट में पेश किए जाएंगे।
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एएसपी ब्रह्मपुरी अंतरिक्ष जैन ने बताया कि वेदव्यासपुरी चौकी पर टीपीनगर पुलिस और एएनटीएफ की टीम चेकिंग कर रही थी। अनुज कुमार निवासी आदमपुर शाहपुर मुजफ्फरनगर, रचित कुमार निवासी रामजी नगर बस्ती कैहरई ताजगंज कमिश्नरेट आगरा, जोनी कुमार निवासी जलालपुर आदर्श मंडी शामली, जतिन कुमार निवासी पेलखा गढ़ी पुख्ता शामली, अनिकेत निवासी गढ़ी सखावतपुर बुढाना मुजफ्फरनगर को पिकअप और बाइक के साथ रोक लिया। पूछताछ में आरोपी अनुज ने बताया कि वह पूर्व में भी शाहपुर मुजफ्फरनगर और जानसठ मुजफ्फरनगर से दो बार गांजे की अवैध तस्करी में जेल जा चुका है। जेल से छूटने के बाद फिर गांजे की तस्करी में लग गया।
उसने बताया कि यह गांजा उड़ीसा से मंगवाकर अपने साथियों के साथ मिलकर शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ सहित एनसीआर में सप्लाई किया जाता है। चालक जोनी कुमार भी गिरोह में शामिल है। वह पिकअप में सप्लाई लेकर जाता है। रविवार को चालीस हजार रुपये में सौदा तय किया गया। रचित कुमार के बारे में पूछा तो बताया यह भी उसके साथ रहकर अवैध गांजे की खरीद-फरोख्त में शामिल रहता है।
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अन्य साथी जतिन और अनिकेत के भी गांजा लदवाने और उतरवाने के साथ ही बेचने के काम में भी में साथ रहते हैं। प्रत्येक गांजे की सप्लाई के मुनाफे में इनको भी बीस-बीस हजार रुपये दिए जाते हैं। इनके कब्जे से गांजा बरामद किया गया है। रविवार को दिल्ली गांजा सप्लाई करने के लिए ले जाया जा रहा था।
ऊपर सब्जियां, नीचे गांजा ले जाते थे सप्लायर
आरोपियों ने बताया कि वे बोरियों में सब्जियों के नीचे गांजा रखकर ले जाते थे ताकि पकड़े न जा सके। वे लंबे समय से यह काम कर रहे हैं। जांच टीम अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह कब से गांजे की सप्लाई कर रहा है और इस गिरोह से कितने और सदस्य जुड़े हैं। बता दें कि जिले में काफी समय से मादक पदार्थों की तस्करी काफी समय से की जा रही है।