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पेपर लीक मामला: कविराज के कनेक्शन में था सरगना सचिन, 50 से ज्यादा छात्रों से वसूले कई लाख

Mon, 03 Sep 2018 10:38 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 03 Sep 2018 10:38 AM IST
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Gangster Sachin In the connection of Kaviraj collected lakhs for paper leak from many students
गिरफ्तार किए गए पेपर लीक मामले के आरोपी - फोटो : अमर उजाला

अमरोहा के प्राथमिक विद्यालय में बतौर शिक्षक और भर्ती परीक्षा पेपर लीक गैंग के सरगना सचिन का कनेक्शन सीसीएसयू में एमबीबीएस की उत्तर पुस्तिका बदलने के मुख्य आरोपी कविराज से भी था। शिक्षक बनने के बाद भी उसका मेरठ के कई कॉलेजों के छात्रों के अलावा एक पार्टी के नेता के यहां आना-जाना था। एसटीएफ उससे पूछताछ में सामने आए तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है। जानें पूरा मामला : -

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1.50 करोड़ से ज्यादा कमा चुका

सीओ एसटीएफ बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक की पूछताछ में मुख्य आरोपी शिक्षक सचिन ने यही बताया कि उसने हर अभ्यर्थी से पेपर का सात-सात लाख रुपये में सौदा किया था। लेकिन वह मेरठ के अलावा हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद और अन्य जिलों के 50 से अधिक अभ्यर्थियों से तीन-तीन लाख रुपये ले चुका था। इस हिसाब से वह अभी तक डेढ़ करोड़ से ज्यादा वसूली कर चुका है। इस गैंग में सचिन ने अन्य लोगों को भी शामिल किया था। जिस स्कूल में सचिन अमरोहा में तैनात है, वहां मंगलवार को एसटीएफ और पुलिस जांच पड़ताल करने जाएगी।

विवि के छात्रनेता से भी संपर्क
सीओ एसटीएफ के अनुसार चौधरी चरण सिंह विवि में उत्तर पुस्तिका विभाग में एमबीएसएस की उत्तर पुस्तिका बदलने के मामले में मुख्य आरोपी कैंपस के छात्रनेता कविराज से भी सचिन संपर्क में था। सचिन ने स्वयं बताया कि जब वह कैंपस में जाता था जो कविराज उससे मिलता था। बाद में जब कविराज जेल चला गया तो उससे वह अलग हो गया था।

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50 से अधिक मोबाइल नंबर संदिग्ध

सीओ ने बताया कि सचिन के मोबाइल फोन की जांच की गई तो उसमें 50 से अधिक मोबाइल नंबर संदिग्ध मिले। जिसमें एक सरकारी शिक्षक के अलावा दूसरे विभाग के एक कर्मचारी को भी कॉल की थी। जिस समय एसटीएफ ने सचिन और उसके साथियों को गिरफ्तार किया था, उससे पहले सचिन ने अपने मोबाइल फोन से 24 घंटे में अलग-अलग मोबाइल नंबरों पर 200 से ज्यादा कॉल की थीं। एक मोबाइल नंबर पर भी उसने करीब 20 से अधिक बार बात की थी।

जेल भेजे गए सभी 11 आरोपी
नलकूप चालक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने के मामले में गिरफ्तार 11 आरोपियों को रविवार को स्पेशल कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। सीओ एसटीएफ मेरठ बृजेश कुमार सिंह ने बताया मुखबिर की सूचना पर इंस्पेक्टर सदर प्रशांत कपिल की टीम के साथ शनिवार को कैंट रेलवे स्टेशन पर उमराव एंकलेव के पास स्थित एक पार्क में छापा मारकर 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। सीओ ने बताया कि आरोपियों के पास से हस्तलिखित तीन आंसर शीट, परीक्षा से संबंधित पांच एडमिट कार्ड, 13 मोबाइल फोन, 14 लाख 80 हजार रुपये, यूपी 11 नंबर की एक बोलेरो गाड़ी के अलावा अन्य सामान बरामद किया गया है।

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ये आरोपी हुए गिरफ्तार

सचिन पुत्र परमजीत निवासी मूल गांव एतमादपुर थाना परीक्षतगढ़ मेरठ (शिक्षक), शुभम व सुमित शर्मा निवासी गढ़ मुक्तेश्वर, हापुड़, परमीत सिंह निवासी एतमादपुर परीक्षितगढ़, लोकेश निवासी कुराली थाना नकु ड़, सहारनपुर, गौरव कुमार निवासी गढ़मुक्तेश्वर हापुड़, अंकित पाल निवासी रिठानी परतापुर (परीक्षार्थी), दीपक निवासी गजरौला अमरोहा (परीक्षार्थी), सुरेंद्र सिंह निवासी गजरौला (परीक्षार्थी), प्रदीप निवासी गजरौला (परीक्षार्थी), कपिल निवासी गांव तोफापुर, इंचौली।

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