{"_id":"6a0365fc4c6c67e7d40864ac","slug":"gangster-amit-marinda-who-demanded-extortion-in-the-name-of-lawrence-bishnoi-denied-bail-meerut-news-c-14-1-gnd1003-1186307-2026-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी मांगने वाले गैंगस्टर अमित मरिंडा की जमानत खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी मांगने वाले गैंगस्टर अमित मरिंडा की जमानत खारिज
विज्ञापन
एक करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में बंगलूरू जेल में बंद है आरोपी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। दो लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोपी गैंगस्टर अमित चौधरी उर्फ मरिंडा की अपर सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने जमानत याचिका खारिज कर दी है। अमित मिरिंडा फिलहाल प्लाईवुड व्यापारी से लॉरेंस बिश्नोई के नाम से एक करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में बंगलूरू जेल में बंद हैं।
मेडिकल थाने में मयंक त्यागी ने अमित मरिंडा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया था कि आरोपी के तार लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े हैं। 15 मई 2024 को अमित मरिंडा ने वंश सचदेवा और अन्य बदमाशों के साथ रॉयल एप्पल होटल में मयंक त्यागी व वीरेंद्र शर्मा की हत्या की साजिश रची थी। 25 मार्च 2024 को अमित मरिंडा और मोनू हाइडिल ने मयंक त्यागी से मेडिकल कॉलेज गेट पर दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।
रंगदारी न देने पर अमित ने पश्चिम बंगाल की हेमा से फर्जी पहचान पत्र और जाति प्रमाण पत्र बनवाए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर मयंक त्यागी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में फर्जी प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जांच में इन दस्तावेजों को गलत और फर्जी पाया गया था। बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि अमित निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने में चार माह पांच दिन की देरी हुई। इसका कोई स्पष्टीकरण नहीं है। अभियुक्त के कब्जे से कोई आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई है। दूसरे आरोपी मुकुल सैनी को उच्च न्यायालय इलाहाबाद से जमानत मिल चुकी है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस और दलील सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। दो लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोपी गैंगस्टर अमित चौधरी उर्फ मरिंडा की अपर सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने जमानत याचिका खारिज कर दी है। अमित मिरिंडा फिलहाल प्लाईवुड व्यापारी से लॉरेंस बिश्नोई के नाम से एक करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में बंगलूरू जेल में बंद हैं।
मेडिकल थाने में मयंक त्यागी ने अमित मरिंडा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया था कि आरोपी के तार लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े हैं। 15 मई 2024 को अमित मरिंडा ने वंश सचदेवा और अन्य बदमाशों के साथ रॉयल एप्पल होटल में मयंक त्यागी व वीरेंद्र शर्मा की हत्या की साजिश रची थी। 25 मार्च 2024 को अमित मरिंडा और मोनू हाइडिल ने मयंक त्यागी से मेडिकल कॉलेज गेट पर दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।
विज्ञापन
रंगदारी न देने पर अमित ने पश्चिम बंगाल की हेमा से फर्जी पहचान पत्र और जाति प्रमाण पत्र बनवाए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर मयंक त्यागी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में फर्जी प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जांच में इन दस्तावेजों को गलत और फर्जी पाया गया था। बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि अमित निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने में चार माह पांच दिन की देरी हुई। इसका कोई स्पष्टीकरण नहीं है। अभियुक्त के कब्जे से कोई आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई है। दूसरे आरोपी मुकुल सैनी को उच्च न्यायालय इलाहाबाद से जमानत मिल चुकी है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस और दलील सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन