{"_id":"6aba6d917fcc6f8f94000290","slug":"ganga-in-spate-access-roads-to-several-villages-in-the-khadar-region-submerged-meerut-news-c-228-1-mwn1001-105537-2026-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: गंगा उफान पर, खादर के कई गांवों के संपर्क मार्ग जलमग्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: गंगा उफान पर, खादर के कई गांवों के संपर्क मार्ग जलमग्न
विज्ञापन
बस्तोंरा नारंग गांव के बाहर भरा गंगा का पानी स्रोत ग्रामीण
- तीन दिन से हो रही बारिश का असर, हस्तिनापुर-चांदपुर मार्ग बंद होने से बढ़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर (मेरठ)। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश का असर सोमवार को गंगा नदी के जलस्तर पर दिखाई दिया। गंगा में अचानक जल स्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र के कई गांवों के जंगल और संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए। कई स्थानों पर पानी रास्तों के ऊपर से बहने लगा, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
गंगा का पानी बढ़ने से बस्तौरा नारंग, दूधली, भीकुंड, किशनपुर और हादीपुर गावड़ी समेत कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भर गया। इसके चलते ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कत हुई। हस्तिनापुर से चांदपुर (बिजनौर) की ओर जाने वाला मार्ग भी पानी बढ़ने के कारण पूरी तरह बंद हो गया। गंगा के दूसरी ओर बिजनौर क्षेत्र में पांडव नगर चौकी के पास भी पानी भरने से आवागमन प्रभावित रहा। रास्ता बंद होने के कारण राहगीरों को लौटना पड़ा।
बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता घनश्याम दास ने बताया कि सोमवार शाम 4:00 बजे बिजनौर बैराज से गंगा में करीब 1.30 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। जबकि पिछले करीब एक महीने से गंगा का जलस्तर लगभग 20 हजार क्यूसेक के आसपास बना हुआ था। अचानक जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र के ग्रामीणों में एक बार फिर बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि खादर क्षेत्र में बारिश और गंगा का जलस्तर बढ़ने पर सबसे पहले संपर्क मार्ग प्रभावित होते हैं। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम और जरूरी आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है।
विज्ञापन
स्थिति पर रखी जा रही नजर : एसडीएम
एसडीएम संतोष कुमार ने बताया कि फिलहाल स्थिति सामान्य है। प्रशासन की ओर से गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में संबंधित विभागों और क्षेत्रीय कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर (मेरठ)। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश का असर सोमवार को गंगा नदी के जलस्तर पर दिखाई दिया। गंगा में अचानक जल स्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र के कई गांवों के जंगल और संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए। कई स्थानों पर पानी रास्तों के ऊपर से बहने लगा, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
गंगा का पानी बढ़ने से बस्तौरा नारंग, दूधली, भीकुंड, किशनपुर और हादीपुर गावड़ी समेत कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भर गया। इसके चलते ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कत हुई। हस्तिनापुर से चांदपुर (बिजनौर) की ओर जाने वाला मार्ग भी पानी बढ़ने के कारण पूरी तरह बंद हो गया। गंगा के दूसरी ओर बिजनौर क्षेत्र में पांडव नगर चौकी के पास भी पानी भरने से आवागमन प्रभावित रहा। रास्ता बंद होने के कारण राहगीरों को लौटना पड़ा।
विज्ञापन
बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता घनश्याम दास ने बताया कि सोमवार शाम 4:00 बजे बिजनौर बैराज से गंगा में करीब 1.30 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। जबकि पिछले करीब एक महीने से गंगा का जलस्तर लगभग 20 हजार क्यूसेक के आसपास बना हुआ था। अचानक जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र के ग्रामीणों में एक बार फिर बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि खादर क्षेत्र में बारिश और गंगा का जलस्तर बढ़ने पर सबसे पहले संपर्क मार्ग प्रभावित होते हैं। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम और जरूरी आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है।
विज्ञापन
स्थिति पर रखी जा रही नजर : एसडीएम
एसडीएम संतोष कुमार ने बताया कि फिलहाल स्थिति सामान्य है। प्रशासन की ओर से गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में संबंधित विभागों और क्षेत्रीय कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

बस्तोंरा नारंग गांव के बाहर भरा गंगा का पानी स्रोत ग्रामीण