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मेरठ के 32 गांवों से होकर गुजरेगा गंगा एक्सप्रेसवे
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मेरठ। संगम नगरी प्रयागराज से क्रांति नगरी मेरठ तक बनाए जाने वाले 628 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के लिए प्रक्रिया तेजी हो गई है। एक्सप्रेसवे के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के लिए एलएन मालवीय कंसलटेंट की नियुक्ति हो चुकी है। अब उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे के निर्माण में मेरठ के 32 गांवों की सूची फाइनल कर दी है।
बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश अवस्थी ने कंसलटेंट के साथ बैठक की थी। इसके लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को नोडल एजेंसी नामित किया गया है। यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज, ज्योतिबा फूलेनगर, हापुड़, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होकर मेरठ तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने सर्वे शुरू करा दिया है। नोडल एजेंसी औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ओर से सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे टीम एक्सप्रेसवे परियोजना में आने वाले गांव, भूमि और खेतों का ब्योरा तैयार कर अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार करेगी। इसके बाद एक्सप्रेसवे के लिए प्रस्तावित भूमि किसानों से खरीदी जाएगी। इसके लिए नक्शों की प्रतियां भी सरकार को जल्द उपलब्ध कराने के लिए कहा है। सर्वे के साथ परियोजना से प्रभावित होने वाले किसानों का ब्योरा जुटाया जाएगा।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से लिंक होगा गंगा एक्सप्रेसवे
जिन गांवों को गंगा एक्सप्रेसवे में शामिल किया गया है। वहीं गांव दिल्ली से मेरठ तक बनाए जाने वाले एक्सप्रेसवे में शामिल हैं। परतापुर क्षेत्र के बहादुरपुर, शौलाना, इटायरा गांव से ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे निकाला जा रहा है। इससे दिल्ली से आने वाले वाहन सीधे गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़कर प्रयागराज के लिए निकल जाएंगे। वहीं, इन गांवों के किसानों को भी दोहरा लाभ मिलने जा रहा है। इसके अलावा अधिकांश गांव हापुड़ रोड के शामिल हैं। यहां से भी मेरठ से बुलंदशहर तक हाईवे का निर्माण किया गया है। इससे भी किसानों और आम लोगों को राहत मिलेगी।
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ये गांव किए शामिल
बहादुरपुर, शौलाना, इटायरा, सैदपुर हुसनेपुर, चूड़ियाला, नंगला पाटू, खेड़ा बलरामपुर, खानपुर, खंदावली, चंदसारा, धनोटा, यूसुफाबाद, भगवानपुर, बिजौली, खरखौदा, गोविंदपुर, नित्यानंदपुर, कौल, मिल्का मेहदिया, छतरी, खड़खड़ी, बधौली, खासपुर, अतराड़ा, अजरारा, रजपुरा, अटौला, असरा, शाफियाबाद लौटी, मुंडाली, जसौरी, धीरखेड़ा।
यह है गंगा एक्सप्रेसवे
प्रयागराज से मेरठ
कुल लंबाई - 628 किलोमीटर
कुल लागत - 35 हजार 952 करोड़
वास्तविक लागत की रिपोर्ट - दिसंबर-2019 अंतिम सप्ताह तक
कुल लेन - चार
शिलान्यास - वर्ष 2020
निर्माण पूरा करने का लक्ष्य - वर्ष 2024
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बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश अवस्थी ने कंसलटेंट के साथ बैठक की थी। इसके लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को नोडल एजेंसी नामित किया गया है। यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज, ज्योतिबा फूलेनगर, हापुड़, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होकर मेरठ तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने सर्वे शुरू करा दिया है। नोडल एजेंसी औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ओर से सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे टीम एक्सप्रेसवे परियोजना में आने वाले गांव, भूमि और खेतों का ब्योरा तैयार कर अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार करेगी। इसके बाद एक्सप्रेसवे के लिए प्रस्तावित भूमि किसानों से खरीदी जाएगी। इसके लिए नक्शों की प्रतियां भी सरकार को जल्द उपलब्ध कराने के लिए कहा है। सर्वे के साथ परियोजना से प्रभावित होने वाले किसानों का ब्योरा जुटाया जाएगा।
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से लिंक होगा गंगा एक्सप्रेसवे
जिन गांवों को गंगा एक्सप्रेसवे में शामिल किया गया है। वहीं गांव दिल्ली से मेरठ तक बनाए जाने वाले एक्सप्रेसवे में शामिल हैं। परतापुर क्षेत्र के बहादुरपुर, शौलाना, इटायरा गांव से ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे निकाला जा रहा है। इससे दिल्ली से आने वाले वाहन सीधे गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़कर प्रयागराज के लिए निकल जाएंगे। वहीं, इन गांवों के किसानों को भी दोहरा लाभ मिलने जा रहा है। इसके अलावा अधिकांश गांव हापुड़ रोड के शामिल हैं। यहां से भी मेरठ से बुलंदशहर तक हाईवे का निर्माण किया गया है। इससे भी किसानों और आम लोगों को राहत मिलेगी।
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ये गांव किए शामिल
बहादुरपुर, शौलाना, इटायरा, सैदपुर हुसनेपुर, चूड़ियाला, नंगला पाटू, खेड़ा बलरामपुर, खानपुर, खंदावली, चंदसारा, धनोटा, यूसुफाबाद, भगवानपुर, बिजौली, खरखौदा, गोविंदपुर, नित्यानंदपुर, कौल, मिल्का मेहदिया, छतरी, खड़खड़ी, बधौली, खासपुर, अतराड़ा, अजरारा, रजपुरा, अटौला, असरा, शाफियाबाद लौटी, मुंडाली, जसौरी, धीरखेड़ा।
यह है गंगा एक्सप्रेसवे
प्रयागराज से मेरठ
कुल लंबाई - 628 किलोमीटर
कुल लागत - 35 हजार 952 करोड़
वास्तविक लागत की रिपोर्ट - दिसंबर-2019 अंतिम सप्ताह तक
कुल लेन - चार
शिलान्यास - वर्ष 2020
निर्माण पूरा करने का लक्ष्य - वर्ष 2024