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यूपी: पुलिस की वर्दी में लूट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी दबोचे, ऐसे करते थे लोगों को गुमराह
Sat, 03 Apr 2021 06:31 PM IST
मेरठ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Apr 2021 06:31 PM IST
सार
- मेरठ में पुलिस की वर्दी पहनकर लूटने वाला गिरोह पकड़ा
- एक आरोपी का चाचा होमगार्ड था, उसकी टोपी पहनकर की थी चोरी
- परतापुर पुलिस ने दो आरोपी दबोचे, कई लूट की घटना का खुलासा
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आरोपी गिरफ्तार।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिस की वर्दी पहनकर लूटपाट करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। परतापुर पुलिस ने शुक्रवार को इसका पर्दाफाश कर दिया। बदमाश खुद को कभी वाणिज्य कर तो कभी पुलिस अधिकारियों द्वारा भेजने की बात कहकर वाहनों की चेकिंग करते थे। इसके बाद लोगों से लूटपाट की जाती थी। पुलिस ने तीन आरोपी गिरफ्तार किए हैं।
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परतापुर पुलिस को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर लूटपाट और ठगी की शिकायतें मिल रही थीं। कुछ पीड़िताें ने बताया कि पुलिस की वर्दी में बोलेरो में सवार चार लोग आते हैं। वाहन चेकिंग के नाम पर रोकते हैं। फिर पैसे मांगते हैं और न देने पर लूटपाट करते हैं। गुरुवार रात जैसे ही बोलेरो आकर खड़ी हुई और आरोपियों ने वाहनों को रोकना शुरू किया, तभी पुलिस ने दबोच लिया।
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पुलिस ने बताया कि तीन आरोपी मोनू, काला और सचिन निवासी डिमौली परतापुर को गिरफ्तार कर लिया। दो आरोपी भाग गए थे। आरोपी मोनू का चाचा होमगार्ड था। उसकी मौत हो गई। मोनू ने चाचा की टोपी को चोरी कर लिया था। पहले तो मोनू ने टोपी पहनकर लोगों से ठगी की, लेकिन बाद में उसने वर्दी बनवा ली और फिर गिरोेह तैयार कर लिया।
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दरोगा जी बुला रहे हैं... नहीं तो पैसा दो
आरोपियों ने बताया कि वारदात के दौरान दरोगा की वर्दी में एक आरोपी को कुर्सी पर बोलेरो से 10-20 कदम की दूरी पर बैठा देते थे। तीन लोग बोलेरो में रहते और वाहनों पर टार्च लगाकर रोक लेते थे। वाहन रुकते ही चालक से कहते कि दरोगा जी वहां बैठे है, उनके पास गाड़ी के कागज लेकर चलो। इतना सुनते ही चालक पैसे की बात कर लेता था। ऐसा न होने पर लूटपाट की जाती था। काफी समय से वे ऐसा करते आ रहे थे।
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