गणपति महोत्सव : ऐसे करें गणेश पूजा, चंद्रमा देखने से बचें, हर मनोकामना होगी पूर्ण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महाराष्ट्र में गणपति पूजन के लिए विशेष तौर से मोदक तैयार होते हैं। शहर में भी महिलाएं गणेशजी के भोग के लिए चावल के आटे व गुड़, नारियल के परंपरागत मोदक तैयार कर रही हैं। वहीं इंस्टेंट मोदक भी बनाए जा रहे हैं। गुरुवार को घरों में गणपति पूजन की तैयारियां होती रहीं। गणेश चतुर्थी के दिन गणेशजी की स्थापना होती है। दस दिन बाद गजानन विदा होंगे।
ऐसे करें गणेश पूजा
गणेश जन्मोत्सव पर नए गणेश का विग्रह अथवा 9 इंच छोटी मूर्ती अपने घर में शुद्धतापूर्ण उत्तर दिशा में इस प्रकार स्थापित करें कि पूजा के समय मुख उत्तर दिशा कि ओर हो। हरे रंग का वातावरण श्री गणेश को भी तथा गणेश जी के उपासक बुध देव को भी अत्यंत प्रिय है।
पं. विनोद त्यागी का कहना है कि जो लोग उपवास एवं व्रत का संकल्प लेकर गणेश विग्रह को सिन्दूर का चोला चढ़ाते हैं तथा पांच कि संख्या में बूंदी के लड्डू, दूब घास, शंख, घंटे, घड़ियाल से गणेश जी की आरती करते हैं उन पर श्री गणेश जी की कृपा होती है। ज्योतिष भारत ज्ञान भूषण का कहना है कि इस दिन गणेश जी द्वारा चंद्रमा श्रापित हुए थे। भाद्र शुक्ल चतुर्थी को जो भी चन्द्र दर्शन करेगा वह कलंकित होने का योग बना लेगा।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/