{"_id":"5b7724e542c792465274a1a8","slug":"gaavri-me-nahi-dala-koora","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: बदबू से परेशान हुए लोग, नहीं डालने दिया कूड़ा, खड़ी रहीं 52 गाड़ियां ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: बदबू से परेशान हुए लोग, नहीं डालने दिया कूड़ा, खड़ी रहीं 52 गाड़ियां
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Updated Sat, 18 Aug 2018 09:56 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कमिश्नर के निर्देश पर गांवड़ी स्थित डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा डालने गई निगम की कूड़ा गाड़ियां अब्दुल्लापुर के पास ही खड़ी हो गई। चालकों ने बिना फोर्स के मौके पर जाने से मना कर दिया। इससे कूड़ा गाड़ियों की लाइन लग गई। शाम तक गाड़ियां वहीं खड़ी रहीं।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने शहर के कूड़े को गांवड़ी डंपिंग ग्राउंड पर ही डालने के निर्देश दिए थे। साथ ही पुलिस बल लेने की बात कही थी। कमिश्नर के निर्देश पर शुक्रवार को नगर निगम के डिपो प्रभारियों ने लगभग 52 गाड़ियों में कूड़ा भरवाया और किला रोड स्थित डंपिंग ग्राउंड पर डालने निकल पड़े, लेकिन सभी गाड़ियां अब्दुल्लापुर से पहले ही खड़ी हो गईं। चालकों ने डंपिंग ग्राउंड पर बिना पुलिस बल के जाने से इनकार कर दिया। चालकों की माने तो ग्रामीण पूर्व में कई चालकों के साथ मारपीट कर चुके हैं।
निगम ने गांवड़ी में खरीदी थी कूड़े के लिए भूमि
नगर निगम ने शहर से निकलने वाले कूड़े को डालने के लिए किला रोड स्थित गांवड़ी में किसानों से भूमि खरीदी थी। फरवरी 2017 तक यहां कूड़ा डाला गया, लेकिन कूड़े का निस्तारण न होने के कारण ग्रामीणों ने कूड़ा डाले जाने का विरोध कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि आश्वासन दिया था कि भूमि पर कूड़े की पहाड़ी नहीं बनने दी जाएगी साथ ही कूड़े से बदबू नहीं आएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बदबू से गांवड़ी ही नहीं बल्कि आसपास के गांवों के लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। इसलिए यहां कूड़ा नहीं डालने दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने शहर के कूड़े को गांवड़ी डंपिंग ग्राउंड पर ही डालने के निर्देश दिए थे। साथ ही पुलिस बल लेने की बात कही थी। कमिश्नर के निर्देश पर शुक्रवार को नगर निगम के डिपो प्रभारियों ने लगभग 52 गाड़ियों में कूड़ा भरवाया और किला रोड स्थित डंपिंग ग्राउंड पर डालने निकल पड़े, लेकिन सभी गाड़ियां अब्दुल्लापुर से पहले ही खड़ी हो गईं। चालकों ने डंपिंग ग्राउंड पर बिना पुलिस बल के जाने से इनकार कर दिया। चालकों की माने तो ग्रामीण पूर्व में कई चालकों के साथ मारपीट कर चुके हैं।
विज्ञापन
निगम ने गांवड़ी में खरीदी थी कूड़े के लिए भूमि
नगर निगम ने शहर से निकलने वाले कूड़े को डालने के लिए किला रोड स्थित गांवड़ी में किसानों से भूमि खरीदी थी। फरवरी 2017 तक यहां कूड़ा डाला गया, लेकिन कूड़े का निस्तारण न होने के कारण ग्रामीणों ने कूड़ा डाले जाने का विरोध कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि आश्वासन दिया था कि भूमि पर कूड़े की पहाड़ी नहीं बनने दी जाएगी साथ ही कूड़े से बदबू नहीं आएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बदबू से गांवड़ी ही नहीं बल्कि आसपास के गांवों के लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। इसलिए यहां कूड़ा नहीं डालने दिया जाएगा।
विज्ञापन
शहर से प्रतिदिन निकलता है 800 मीट्रिक टन कूड़ा
शहर से प्रतिदिन 800 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। इसके निस्तारण से लेकर डालने के लिए निगम के पास कोई स्थान नहीं है। पिछले डेढ़ साल से यह कूड़ा शहर के बाहर सड़कों के किनारे डाला जा रहा है। जिससे पूरा शहर साफ होने की बजाय गंदा हो गया। आए दिन निगम की कूड़ा गाड़ी चालकों को जनता द्वारा दौड़ाया जा रहा है। कारण है कि गाड़ी चालक शहर में कहीं पर भी खाली स्थान पर कूड़ा डालकर चले आते हैं।
स्वच्छता सर्वेक्षण में कैसे होंगे पास
स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 शुरू हो चुका है। सरकार ने गाइड लाइन जारी कर दी है। दिल्ली से जांच टीम 4 जनवरी से 31 जनवरी तक मेरठ में रहेगी। लेकिन सवाल है कि यदि इसी तरह शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर रहे तो एक बार फिर मेरठ का नाम गंदे शहरों में शामिल रहेगा।
हम ग्रामीणों से करेंगे बात
नगर निगम के पास गांवड़ी डंपिंग ग्राउंड के अलावा कूड़ा डालने का कोई स्थान नहीं है। हम ग्रामीणों से बात करेंगे। पुलिस बल लेकर कोई राहत मिलने वाली नहीं है। जब तक डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा डलना शुरू नहीं होगा तब तक शहर की सड़कों के किनारे डाले जाने वाले कूड़े की समस्या बनी रहेगी। -डॉ. कुंवरसेन, नगरस्वास्थ्य अधिकारी
स्वच्छता सर्वेक्षण में कैसे होंगे पास
स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 शुरू हो चुका है। सरकार ने गाइड लाइन जारी कर दी है। दिल्ली से जांच टीम 4 जनवरी से 31 जनवरी तक मेरठ में रहेगी। लेकिन सवाल है कि यदि इसी तरह शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर रहे तो एक बार फिर मेरठ का नाम गंदे शहरों में शामिल रहेगा।
हम ग्रामीणों से करेंगे बात
नगर निगम के पास गांवड़ी डंपिंग ग्राउंड के अलावा कूड़ा डालने का कोई स्थान नहीं है। हम ग्रामीणों से बात करेंगे। पुलिस बल लेकर कोई राहत मिलने वाली नहीं है। जब तक डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा डलना शुरू नहीं होगा तब तक शहर की सड़कों के किनारे डाले जाने वाले कूड़े की समस्या बनी रहेगी। -डॉ. कुंवरसेन, नगरस्वास्थ्य अधिकारी