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शहर के चार चित्रकारों को मिलेगा ललित कला अकादमी पुरस्कार
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शहर के चार चित्रकारों को मिलेगा ललित कला अकादमी पुरस्कार
10 फरवरी को होगा सम्मान समारोह, डॉ. मधु को मिलेगा कला आचार्य सम्मान
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। राज्य ललित कला अकादमी ने रविवार को प्रदेश स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए। मेरठ के चार वरिष्ठ चित्रकारों को इस वर्ष अकादमी पुरस्कारों के लिए चयनित किया गया है। दस फरवरी को सभी कलाकार लखनऊ में सम्मानित किए जाएंगे।
कोरोना त्रासदी से संघर्ष में उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के योगदान को उजागर करने के लिए ‘संन्यास से औद्योगिक क्रांति की ओर’ विषयक चित्रकला प्रतियोगिता में अनस सुल्तान का चयन हुआ है। दौराला के पनवाड़ी गांव निवासी अनस को प्रतियोगिता में दूसरा स्थान मिला है। इस ऑनलाइन प्रतियोगिता में प्रदेश के 49 कलाकारों ने भाग लिया था। इन्हें पांच हजार रुपये का पुरस्कार और स्मृति चिन्ह दिया जाएगा।
अकादमी की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘बदलता पर्यावरण’ विषय पर हुई ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता में आरजी पीजी कॉलेज के चित्रकला विभाग में प्रवक्ता पूनम लता सिंह ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। सीसीएसयू से सेवानिवृत्त डॉ. राजेंद्र प्रसाद को तीसरा स्थान मिला। इन्हें छह हजार रुपये का नगद सम्मान दिया जाएगा। पांचवें स्थान पर डॉ. मधु वाजपेयी रहीं। इन्हें तीन हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
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---बातचीत----
- डॉ. मधु वाजपेयी मेरठ कॉलेज से सेवानिवृत्त हैं। पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की पत्नी हैं। उन्हें कला आचार्य का सम्मान भी दिया जाएगा। वह लोककलाओं पर काम करती हैं। ज्वैलरी डिजायनिंग में पीएचडी कर चुकी हैं।
-मेरठ कॉलेज के चित्रकला विभाग में सेवाएं देने के बाद डॉ. राजेंद्र ने सीसीएसयू में काम किया। मुख्यत: लैंडस्केप में काम करने के शौकीन हैं। शास्त्रीनगर निवासी डॉ. राजेंद्र बेटी बचाओ चित्र शृंखला पर नियमित काम कर रहे हैं।
-साकेत निवासी डॉ. पूनम लता सिंह ने इंडियन मिनिएचर कांगड़ा पेंटिंग में पीएचडी की है। 14 साल से शिक्षण कार्य कर रही हैं। डॉ. पूनम ने मनुष्य ताले में बंद है, तभी प्रकृति को पनपने का अवसर मिल रहा है, यह अपनी पेंटिंग में दिखाया है।
-पनवाड़ी निवासी अनस सुल्तान युवा चित्रकार हैं। सन्यास से औद्योगिक क्रांति की ओर विषय पर बनाए चित्र पर उन्हें सम्मानित किया गया है। अनस के पिता शहाबुद्दीन और मां ने बधाई दी। वह युवाओं को ऑनलाइन पेंटिंग सिखाते हैं।
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10 फरवरी को होगा सम्मान समारोह, डॉ. मधु को मिलेगा कला आचार्य सम्मान
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। राज्य ललित कला अकादमी ने रविवार को प्रदेश स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए। मेरठ के चार वरिष्ठ चित्रकारों को इस वर्ष अकादमी पुरस्कारों के लिए चयनित किया गया है। दस फरवरी को सभी कलाकार लखनऊ में सम्मानित किए जाएंगे।
कोरोना त्रासदी से संघर्ष में उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के योगदान को उजागर करने के लिए ‘संन्यास से औद्योगिक क्रांति की ओर’ विषयक चित्रकला प्रतियोगिता में अनस सुल्तान का चयन हुआ है। दौराला के पनवाड़ी गांव निवासी अनस को प्रतियोगिता में दूसरा स्थान मिला है। इस ऑनलाइन प्रतियोगिता में प्रदेश के 49 कलाकारों ने भाग लिया था। इन्हें पांच हजार रुपये का पुरस्कार और स्मृति चिन्ह दिया जाएगा।
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अकादमी की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘बदलता पर्यावरण’ विषय पर हुई ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता में आरजी पीजी कॉलेज के चित्रकला विभाग में प्रवक्ता पूनम लता सिंह ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। सीसीएसयू से सेवानिवृत्त डॉ. राजेंद्र प्रसाद को तीसरा स्थान मिला। इन्हें छह हजार रुपये का नगद सम्मान दिया जाएगा। पांचवें स्थान पर डॉ. मधु वाजपेयी रहीं। इन्हें तीन हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
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---बातचीत----
- डॉ. मधु वाजपेयी मेरठ कॉलेज से सेवानिवृत्त हैं। पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की पत्नी हैं। उन्हें कला आचार्य का सम्मान भी दिया जाएगा। वह लोककलाओं पर काम करती हैं। ज्वैलरी डिजायनिंग में पीएचडी कर चुकी हैं।
-मेरठ कॉलेज के चित्रकला विभाग में सेवाएं देने के बाद डॉ. राजेंद्र ने सीसीएसयू में काम किया। मुख्यत: लैंडस्केप में काम करने के शौकीन हैं। शास्त्रीनगर निवासी डॉ. राजेंद्र बेटी बचाओ चित्र शृंखला पर नियमित काम कर रहे हैं।
-साकेत निवासी डॉ. पूनम लता सिंह ने इंडियन मिनिएचर कांगड़ा पेंटिंग में पीएचडी की है। 14 साल से शिक्षण कार्य कर रही हैं। डॉ. पूनम ने मनुष्य ताले में बंद है, तभी प्रकृति को पनपने का अवसर मिल रहा है, यह अपनी पेंटिंग में दिखाया है।
-पनवाड़ी निवासी अनस सुल्तान युवा चित्रकार हैं। सन्यास से औद्योगिक क्रांति की ओर विषय पर बनाए चित्र पर उन्हें सम्मानित किया गया है। अनस के पिता शहाबुद्दीन और मां ने बधाई दी। वह युवाओं को ऑनलाइन पेंटिंग सिखाते हैं।