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Meerut News: तेंदुए की सूचना पर दौड़ी वन विभाग की टीम, नहीं मिले निशान
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मेरठ। अक्सर गन्ना कटने के दौरान तेंदुए दिखाई दिए जाने की सूचना आती है। पिछले कुछ दिनों से तेंदुए दिखाई दिए जाने की सूचनाएं मिल रही हैं हालांकि अभी तक वन विभाग की टीम की ओर से तेंदुए के होने से संबंधित कोई पुष्टि नहीं की गई है। सोमवार को भी रिठानी क्षेत्र के संजय वन में तेंदुआ दिखाई दिए जाने की सूचना मिली, लेकिन टीम को तेंदुए से संबंधित कोई निशान नहीं मिले। वहीं रिठानी क्षेत्र के लोग सूचना के बाद एकत्र हुए और खुद भी मौके पर पहुंचकर छानबीन की। लोगों की भीड़ मौके पर जमा रही।
वन विभाग के दारोगा मोहन सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीम को रिठानी क्षेत्र के पार्षद रामबीर ने फोन कर क्षेत्र में तेंदुआ दिखाई दिए जाने की सूचना दी। उन्होंने एक फोटो भी वन विभाग के अधिकारियों को भेजा जिसमें एक जीव दीवार पर बैठा हुआ है। संजय वन के पीछे तेंदुए जैसा जीव दिखाई दिए जाने की बात कही गई। इसके बाद मौके पर वन विभाग की टीम और क्षेत्र की पुलिस भी पहुंची। वन दारोगा ने बताया कि क्षेत्र में छानबीन की जा रही है, लेकिन अभी तक तेंदुए जैसे जीव का कोई निशान टीम को नहीं मिला है। संजय वन, रिठानी आदि क्षेत्र में टीम की ओर से छानबीन की गई। क्षेत्र के लोगों से पूछताछ भी की गई, लेकिन अभी तक कोई निशान ऐसा प्राप्त नहीं हुआ है, जिसे देखकर कहा जा सके कि क्षेत्र में तेंदुए जैसा कोई वन्य जीव है। इसे लेकर डीएफओ राजेश कुमार ने कहा कि जो फोटो पार्षद की ओर से भेजा गया उसे एक्सपर्ट को दिखाया गया। उसमें जो जीव दिखाई दे रहा है वह जंगली फिशिंग कैट का बताया गया। सूचना के बाद टीम को मौके पर भेजा गया, लेकिन वहां कोई निशान नहीं मिले हैं और न ही किसी अन्य से कोई इस प्रकार की सूचना मिली है। क्षेत्र के पार्षद ने वन विभाग के कर्मचारियों पर ठीक प्रकार से कार्य नहीं करने का भी आरोप लगाया। वहीं अभी कुछ दिन पूर्व पुट्ठा के जीवनपुरी में भी तेंदुए का शोर मचा था, लेकिन वहां भी तेंदुए से संबंधित कोई निशान नहीं मिले थे। इसके बाद वन विभाग की ओर से अपने नंबर भी जारी किए गए थे।
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वन विभाग के दारोगा मोहन सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीम को रिठानी क्षेत्र के पार्षद रामबीर ने फोन कर क्षेत्र में तेंदुआ दिखाई दिए जाने की सूचना दी। उन्होंने एक फोटो भी वन विभाग के अधिकारियों को भेजा जिसमें एक जीव दीवार पर बैठा हुआ है। संजय वन के पीछे तेंदुए जैसा जीव दिखाई दिए जाने की बात कही गई। इसके बाद मौके पर वन विभाग की टीम और क्षेत्र की पुलिस भी पहुंची। वन दारोगा ने बताया कि क्षेत्र में छानबीन की जा रही है, लेकिन अभी तक तेंदुए जैसे जीव का कोई निशान टीम को नहीं मिला है। संजय वन, रिठानी आदि क्षेत्र में टीम की ओर से छानबीन की गई। क्षेत्र के लोगों से पूछताछ भी की गई, लेकिन अभी तक कोई निशान ऐसा प्राप्त नहीं हुआ है, जिसे देखकर कहा जा सके कि क्षेत्र में तेंदुए जैसा कोई वन्य जीव है। इसे लेकर डीएफओ राजेश कुमार ने कहा कि जो फोटो पार्षद की ओर से भेजा गया उसे एक्सपर्ट को दिखाया गया। उसमें जो जीव दिखाई दे रहा है वह जंगली फिशिंग कैट का बताया गया। सूचना के बाद टीम को मौके पर भेजा गया, लेकिन वहां कोई निशान नहीं मिले हैं और न ही किसी अन्य से कोई इस प्रकार की सूचना मिली है। क्षेत्र के पार्षद ने वन विभाग के कर्मचारियों पर ठीक प्रकार से कार्य नहीं करने का भी आरोप लगाया। वहीं अभी कुछ दिन पूर्व पुट्ठा के जीवनपुरी में भी तेंदुए का शोर मचा था, लेकिन वहां भी तेंदुए से संबंधित कोई निशान नहीं मिले थे। इसके बाद वन विभाग की ओर से अपने नंबर भी जारी किए गए थे।
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