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Meerut News: स्नातक प्रवेश प्रक्रिया को जुलाई तक पूरा करने पर फोकस
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- डेढ़ लाख सीटों के सापेक्ष 84 हजार पंजीकरण, अगले माह दूसरे सप्ताह में पहली मेरिट संभव
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों और विवि परिसर में स्नातक प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। विवि प्रशासन का लक्ष्य 27 जुलाई तक हर हाल में नए सत्र की शुरुआत करना है। जुलाई के दूसरे सप्ताह तक पहली मेरिट जारी होने की संभावना है। तीन से चार मेरिट के माध्यम से पहले चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी जबकि खाली सीटें रहने पर पंजीकरण और मेरिट के अतिरिक्त विकल्प भी खोले जाएंगे। अभी डेढ़ लाख सीटों के सापेक्ष 84 हजार ही पंजीकरण हुए हैं।
विश्वविद्यालय पंजीकृत अभ्यर्थियों का डाटा विभागों और संबद्ध कॉलेजों को उपलब्ध कराएगा। इसी आधार पर मेरिट और प्रतीक्षा सूची तैयार होगी। कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया संबंधित संस्थान स्वयं पूरी करेंगे, जबकि विश्वविद्यालय केवल मेरिट जारी करने और समय-सीमा निर्धारित करने की भूमिका निभाएगा।
स्नातक प्रथम वर्ष के ट्रेडिशनल और प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में विवि के पास करीब डेढ़ लाख सीटें हैं। इनके मुकाबले अब तक 84 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकरण करा चुके हैं। प्रत्येक छात्र को अधिकतम तीन कॉलेज या विभाग चुनने का विकल्प दिया गया है। वर्तमान स्थिति में कुल सीटों के मुकाबले लगभग 58 फीसदी पंजीकरण हुए हैं। अधिकांश आवेदन एडेड और राजकीय कॉलेजों में बीए, बीकॉम, बीएससी और बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रमों के लिए आए हैं जिससे निजी कॉलेजों में बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने की आशंका है।
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मेरठ मंडल में 1.93 लाख विद्यार्थियों ने की बारहवीं पास
मेरठ मंडल के छह जिलों में इस वर्ष करीब 1.93 लाख छात्र-छात्राएं इंटरमीडिएट परीक्षा में पास हुए हैं। इनमें 1,23, 811 विद्यार्थी यूपी बोर्ड से हैं जबकि लगभग 70 हजार छात्र-छात्राएं सीबीएसई, आईएससी और अन्य बोर्डों से उत्तीर्ण हुए हैं।
निजी विश्वविद्यालयों ने तेज किया प्रचार अभियान
मंडल के छह जिलों में 18 निजी विश्वविद्यालय संचालित हैं। इन संस्थानों ने परीक्षा परिणाम आने से पहले ही व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार और गांव-गांव संपर्क अभियान शुरू कर दिया था। सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल माध्यमों के जरिए निजी विश्वविद्यालय छात्रों तक लगातार पहुंच बना रहे हैं। वहीं सीसीएसयू स्तर पर सूचना प्रसार अभी वेबसाइट और स्थानीय माध्यमों तक सीमित दिखाई दे रहा है।
डीयू पहली पसंद, फिर निजी विश्वविद्यालयों के विकल्प
सीबीएसई और आईएससी बोर्ड के अधिकांश छात्र उच्च शिक्षा के लिए पहले दिल्ली विश्वविद्यालय को प्राथमिकता देते हैं। इसके बाद बेहतर पाठ्यक्रमों और सुविधाओं के आधार पर निजी विश्वविद्यालयों का रुख करते हैं। अंत में सीसीएसयू परिसर और संबद्ध प्रतिष्ठित कॉलेजों को विकल्प के रूप में चुना जाता है। यही कारण है कि निजी विश्वविद्यालय हर वर्ष 50 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को आकर्षित करने में सफल रहते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों और विवि परिसर में स्नातक प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। विवि प्रशासन का लक्ष्य 27 जुलाई तक हर हाल में नए सत्र की शुरुआत करना है। जुलाई के दूसरे सप्ताह तक पहली मेरिट जारी होने की संभावना है। तीन से चार मेरिट के माध्यम से पहले चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी जबकि खाली सीटें रहने पर पंजीकरण और मेरिट के अतिरिक्त विकल्प भी खोले जाएंगे। अभी डेढ़ लाख सीटों के सापेक्ष 84 हजार ही पंजीकरण हुए हैं।
विश्वविद्यालय पंजीकृत अभ्यर्थियों का डाटा विभागों और संबद्ध कॉलेजों को उपलब्ध कराएगा। इसी आधार पर मेरिट और प्रतीक्षा सूची तैयार होगी। कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया संबंधित संस्थान स्वयं पूरी करेंगे, जबकि विश्वविद्यालय केवल मेरिट जारी करने और समय-सीमा निर्धारित करने की भूमिका निभाएगा।
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स्नातक प्रथम वर्ष के ट्रेडिशनल और प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में विवि के पास करीब डेढ़ लाख सीटें हैं। इनके मुकाबले अब तक 84 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकरण करा चुके हैं। प्रत्येक छात्र को अधिकतम तीन कॉलेज या विभाग चुनने का विकल्प दिया गया है। वर्तमान स्थिति में कुल सीटों के मुकाबले लगभग 58 फीसदी पंजीकरण हुए हैं। अधिकांश आवेदन एडेड और राजकीय कॉलेजों में बीए, बीकॉम, बीएससी और बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रमों के लिए आए हैं जिससे निजी कॉलेजों में बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने की आशंका है।
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मेरठ मंडल में 1.93 लाख विद्यार्थियों ने की बारहवीं पास
मेरठ मंडल के छह जिलों में इस वर्ष करीब 1.93 लाख छात्र-छात्राएं इंटरमीडिएट परीक्षा में पास हुए हैं। इनमें 1,23, 811 विद्यार्थी यूपी बोर्ड से हैं जबकि लगभग 70 हजार छात्र-छात्राएं सीबीएसई, आईएससी और अन्य बोर्डों से उत्तीर्ण हुए हैं।
निजी विश्वविद्यालयों ने तेज किया प्रचार अभियान
मंडल के छह जिलों में 18 निजी विश्वविद्यालय संचालित हैं। इन संस्थानों ने परीक्षा परिणाम आने से पहले ही व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार और गांव-गांव संपर्क अभियान शुरू कर दिया था। सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल माध्यमों के जरिए निजी विश्वविद्यालय छात्रों तक लगातार पहुंच बना रहे हैं। वहीं सीसीएसयू स्तर पर सूचना प्रसार अभी वेबसाइट और स्थानीय माध्यमों तक सीमित दिखाई दे रहा है।
डीयू पहली पसंद, फिर निजी विश्वविद्यालयों के विकल्प
सीबीएसई और आईएससी बोर्ड के अधिकांश छात्र उच्च शिक्षा के लिए पहले दिल्ली विश्वविद्यालय को प्राथमिकता देते हैं। इसके बाद बेहतर पाठ्यक्रमों और सुविधाओं के आधार पर निजी विश्वविद्यालयों का रुख करते हैं। अंत में सीसीएसयू परिसर और संबद्ध प्रतिष्ठित कॉलेजों को विकल्प के रूप में चुना जाता है। यही कारण है कि निजी विश्वविद्यालय हर वर्ष 50 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को आकर्षित करने में सफल रहते हैं।