Meerut: बेंगलूरु की तर्ज पर बनेंगी शहर की पांच सड़कें, 20 साल तक न टूटने की गारंटी, आएगी 25 करोड़ की लागत
मेरठ के विकास का खाका तैयार होने लगा है। इसी प्रक्रिया के तहत शहर की पांच सड़कों को गेंगलूरु की तर्ज पर बनाया जाएगा, इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। 20 साल तक न टूटने की गारंटी के साथ बनने वाली इन सड़कों के निर्माण में 25 करोड़ की लागत आएगी। पढ़ें ये रिपोर्ट।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए नगर निगम ने पांच सड़कों को बेंगलूरु की तर्ज पर बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए 25 करोड़ रुपये की लागत तय की गई है। इनका निर्माण करने वाली कंपनी सड़क के न टूटने को लेकर 20 साल की गारंटी लिखकर देगी। सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट रूड़की के इंजीनियर सड़कों को पास करेंगें। इस प्रस्ताव पर महापौर और निगम के अधिकारियों के बीच दो बार बैठक हो चुकी है। इसे लेकर महापौर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी के साथ भी मंथन कर चुके हैं।
महापौर बनने के बाद हरिकांत अहलूवालिया को केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी से दिल्ली में बेंगलूरू जैसी सड़क का प्रोजेक्ट दिखाया था। जिसके बाद महापौर ने नगर निगम के नगर आयुक्त डॉ. अमित पाल शर्मा, मुख्य अधिशासी अभियंता अमित कुमार शर्मा, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार के साथ बैठक की। जिसमें इस प्रोजेक्ट के तहत सड़क बनाने पर सहमति बनी।
महापौर और निगम के अधिकारियों ने शहर की 5 सड़कों को चिह्नित किया। बताया गया है कि निकाय चुनाव से पहले ही इन सड़कों का टेंडर डाला गया था। जिसका बजट करीब 12 करोड़ था। अब इन सड़कों पर दो गुना ज्यादा लागत आएगी। बंगलूरू सड़क सीसी रोड बनाने में करीब 25 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। रूडकी की सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट के इंजीनियर की देखरेख में कांटेक्टर सड़क को बनाएंगे।
मवाना रोड स्थित गंगानगर डिवाइडर रोड से गंगासागर तक 1800 मीटर, मवाना रोड से रक्षापुरम शिव मंदिर तक 900 मीटर, भूमिया पुल से गोलाकुआं तक 950 मीटर और दो जगह मोहकमपुर में मोहकमपुर 800 मीटर और 700 मीटर सड़क बनेगी।
बरसात में भी नहीं टूटेगी
नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि यह सड़क बरसात में भी नहीं टूटेगी। सड़क पर 20 साल की गारंटी होना भी लिखा जाएगा। इसको लेकर निगम तेजतर्रार ठेकेदारों की सूची बना रहा है।
तारकोल की जगह पड़ेगा फाइबर केमिकल
रूडकी के इंजीनियरों ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान फाइबर केमिकल डाला जाएगा। जिसके चलते सिर्फ 48 घंटे के बाद इन सड़कों पर वाहन फर्राटे भर सकते है। इन सड़क में तारकोल नहीं डाला जाता है।
प्रोजेक्ट को पूरा करना निगम के लिए चुनौती
मंगलवार को निगम में इन सड़कों को बनाने को लेकर चर्चा रही। लेकिन वर्तमान में इन सड़कों की हालत खस्ता है। निगम इन सड़कों के गड्ढे तक नहीं भरे जा सके हैं। सड़क बनाने वाले ठेकेदारों के पैसे भी बकाया हैं। आलम यह है कि कामकाजी ठेकेदार तो निगम में टेंडर तक नहीं डाल रहे है। कई अधिकारियों ने ठेकेदारों को बुलाकर टेंडर डलवाया है। ऐसे में निगम के लिए इस प्रोजेक्ट को पूरा करना एक चुनौती है।
शहर की पांच सड़क चिह्नित की है, जिनको बेंगलूरू की तरह बनाने का प्लान है। इन सड़कों की गारंटी 20 साल रहेगी। टेंडर की प्रक्रिया शुरू करा दी है। निगम के साथ एमडीए के अधिकारियों से भी इन सड़क के संबंध में बात हो चुकी है। -हरिकांत अहलूवालिया, महापौर
प्रोजेक्ट अच्छा है। मेरठ में पहली बार इस प्रोजेक्ट के तहत शहर की पांच सड़क बनाने का प्लान बन चुका है। प्रक्रिया पूरी होते ही इन पांचों सड़कों पर निर्माण शुरू भी करा दिया जाएगा। -डॉ. अमित पाल शर्मा, नगर आयुक्त