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ऐतिहासिक नगरी पहुंचे पांच गैर हिंदी भाषी राज्यों के छात्र-छात्राएं
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पांच प्रदेशों से शैक्षिक भ्रमण के लिए हस्तिनापुर पहुंचे छात्र-छात्राएं और शिक्षक।
- फोटो : MAWANA
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हस्तिनापुर(मेरठ)। केंद्रीय हिंदी निदेशालय नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम ‘छात्र अध्ययन यात्रा’ के तहत चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के तत्वावधान में पांच राज्य के छात्र-छात्राएं ऐतिहासिक नगरी के इतिहास और संस्कृति को जानने हस्तिनापुर पहुंचे। उन्होंने यहां महाभारत कालीन पौराणिक धार्मिक स्थलों का जानकारी ली। शाम को वे हरिद्वार रवाना हो गए।
पांच राज्य असम, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के छात्र-छात्राएं सुबह बस से ऐतिहासिक नगरी पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले महाभारतकालीन पांडव टीले पर मौजूद पांडव महल का दीदार किया। इसके बाद पांडेश्वर महादेव मंदिर, जयंती माता शक्ति पीठ मंदिर, कर्ण मंदिर, द्रोपदी घाट, द्रोपदेश्वर, महादेव मंदिर, जंबूद्वीप स्थल आदि का भ्रमण कर इन स्थानों की विशेषता जानी। हिंदी निदेशालय नई दिल्ली की उप निदेशक गंधारी पांगती ने बताया कि हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए गैर हिंदी राज्यों के छात्र-छात्राओं को हिंदी के बारे में विस्तार से जानकारी देने के लिए एक साल में दो बार यह भ्रमण यात्रा देश के ऐतिहासिक स्थलों पर ले जाई जाती है। इसमें देश के हिंदी विषय पर ग्रेजुएशन कर रहे गैर हिंदी राज्यों के छात्र छात्राओं को इस भ्रमण यात्रा में शामिल किया जाता है। हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए 1960 से हिंदी निदेशालय के प्रचार के लिए संगोष्ठी और छात्रों को अध्ययन भी कराया जाता है। इसके बाद छात्र यात्रा हरिद्वार देव संस्कृति महाविद्यालय ले जाई जाएगी।
ये भी रहे शामिल
केंद्रीय हिंदी निदेशालय की उप निदेशका गांधारी पंक्ति तथा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से प्रो. डॉ. यगेश कुमार स्वामी विवेकानंद राष्ट्रीय चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक समाजसेवी सुनील पोसवाल शोध छात्र नितिन कुमार, कुमारी गीता, मोहिनी आदि ने धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया। चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के हिंदी विभाग के प्रो. यगेश कुमार ने बताया कि दल में 50 छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
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मन को मिली शांति
पल्लवी, राजेंद्र निगम, मनीषा दामाजी, पाटिल निकिता, महाराष्ट्र से आए कामले नेहा निधि आदि शोधकर्ता छात्र भी आए। छात्र छात्राओं ने बताया कि ऐतिहासिक भूमि का पहली बार दर्शन कर और यहां के महत्व को जानकर मन को अद्भुत शांति मिल रही है।
इन विवि से पहुंचे छात्र
डीआर माणे महाविद्यालय महाराष्ट्र, महावीर महाविद्यालय महाराष्ट्र, कर्नाटक विश्वविद्यालय धारवाड़ कर्नाटक, यशवंतराव चौहान महाविद्यालय महाराष्ट्र संगोला, कर्म वैन्यूज यूनिवर्सिटी शिवांग, मध्य कामरूप कॉलेज तमिलनाडु आदि महाविद्यालयों के छात्र भ्रमण यात्रा में शामिल रहे।
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पांच राज्य असम, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के छात्र-छात्राएं सुबह बस से ऐतिहासिक नगरी पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले महाभारतकालीन पांडव टीले पर मौजूद पांडव महल का दीदार किया। इसके बाद पांडेश्वर महादेव मंदिर, जयंती माता शक्ति पीठ मंदिर, कर्ण मंदिर, द्रोपदी घाट, द्रोपदेश्वर, महादेव मंदिर, जंबूद्वीप स्थल आदि का भ्रमण कर इन स्थानों की विशेषता जानी। हिंदी निदेशालय नई दिल्ली की उप निदेशक गंधारी पांगती ने बताया कि हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए गैर हिंदी राज्यों के छात्र-छात्राओं को हिंदी के बारे में विस्तार से जानकारी देने के लिए एक साल में दो बार यह भ्रमण यात्रा देश के ऐतिहासिक स्थलों पर ले जाई जाती है। इसमें देश के हिंदी विषय पर ग्रेजुएशन कर रहे गैर हिंदी राज्यों के छात्र छात्राओं को इस भ्रमण यात्रा में शामिल किया जाता है। हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए 1960 से हिंदी निदेशालय के प्रचार के लिए संगोष्ठी और छात्रों को अध्ययन भी कराया जाता है। इसके बाद छात्र यात्रा हरिद्वार देव संस्कृति महाविद्यालय ले जाई जाएगी।
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ये भी रहे शामिल
केंद्रीय हिंदी निदेशालय की उप निदेशका गांधारी पंक्ति तथा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से प्रो. डॉ. यगेश कुमार स्वामी विवेकानंद राष्ट्रीय चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक समाजसेवी सुनील पोसवाल शोध छात्र नितिन कुमार, कुमारी गीता, मोहिनी आदि ने धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया। चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के हिंदी विभाग के प्रो. यगेश कुमार ने बताया कि दल में 50 छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
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मन को मिली शांति
पल्लवी, राजेंद्र निगम, मनीषा दामाजी, पाटिल निकिता, महाराष्ट्र से आए कामले नेहा निधि आदि शोधकर्ता छात्र भी आए। छात्र छात्राओं ने बताया कि ऐतिहासिक भूमि का पहली बार दर्शन कर और यहां के महत्व को जानकर मन को अद्भुत शांति मिल रही है।
इन विवि से पहुंचे छात्र
डीआर माणे महाविद्यालय महाराष्ट्र, महावीर महाविद्यालय महाराष्ट्र, कर्नाटक विश्वविद्यालय धारवाड़ कर्नाटक, यशवंतराव चौहान महाविद्यालय महाराष्ट्र संगोला, कर्म वैन्यूज यूनिवर्सिटी शिवांग, मध्य कामरूप कॉलेज तमिलनाडु आदि महाविद्यालयों के छात्र भ्रमण यात्रा में शामिल रहे।

ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर को जानने पहुंचे पांच राज्यों के छात्र-छात्राएं।- फोटो : MAWANA