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करनावल में बंदरों के हमले में पांच घायल
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। कस्बा करनावल कस्बे में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को बंदरों के झुंड ने पांच लोगों पर हमला बोल दिया। बंदरों के काटने से कस्बा निवासी छोटो शर्मा, दीपक फोगाट, नरेश सैनी, शरणवीर खन्ना और नीशु दहिया घायल हो गए। घायलों को परिजनों से सीएचसी में भर्ती कराया है।
पीड़ितों ने बताया कि बीते कुछ महीनों से कस्बे में बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। बंदर झुंड में गलियों और मकानों की छतों पर घूमते रहते हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। कई बार बंदर छोटे बच्चों के हाथ से खाने-पीने का सामान छीनकर हमला कर देते हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर पंचायत को ज्ञापन देकर बंदरों को पकड़वाने की मांग की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। कस्बे में बढ़ते बंदरों के आतंक से लोगों में दहशत है। महिलाओं व बच्चों का अपनी छतों पर जाना मुश्किल हो गया है। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से जल्द बंदरों को पकड़वाने की मांग की है। चेयरमैन लोकेंद्र कुमार का कहना है कि बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कराकर बंदरों को पकड़वाने का ठेका छोड़ा जाएगा।
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सरूरपुर। कस्बा करनावल कस्बे में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को बंदरों के झुंड ने पांच लोगों पर हमला बोल दिया। बंदरों के काटने से कस्बा निवासी छोटो शर्मा, दीपक फोगाट, नरेश सैनी, शरणवीर खन्ना और नीशु दहिया घायल हो गए। घायलों को परिजनों से सीएचसी में भर्ती कराया है।
पीड़ितों ने बताया कि बीते कुछ महीनों से कस्बे में बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। बंदर झुंड में गलियों और मकानों की छतों पर घूमते रहते हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। कई बार बंदर छोटे बच्चों के हाथ से खाने-पीने का सामान छीनकर हमला कर देते हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर पंचायत को ज्ञापन देकर बंदरों को पकड़वाने की मांग की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। कस्बे में बढ़ते बंदरों के आतंक से लोगों में दहशत है। महिलाओं व बच्चों का अपनी छतों पर जाना मुश्किल हो गया है। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से जल्द बंदरों को पकड़वाने की मांग की है। चेयरमैन लोकेंद्र कुमार का कहना है कि बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कराकर बंदरों को पकड़वाने का ठेका छोड़ा जाएगा।
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