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मेरठ : मवाना में पुलिस कार्रवाई से नाराज पांच परिवारों ने छोड़ा घर, लिखा 'यह मकान बिकाऊ है'
Wed, 11 Aug 2021 04:39 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Wed, 11 Aug 2021 04:39 PM IST
सार
मवाना में तीन नेताओं पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया। इसके बाद मारपीट के एक मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस पर निष्पक्ष कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवारों ने पलायन करने का दावा किया।
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घर छोड़कर जाते परिवार
- फोटो : Amar Ujala Meerut
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विस्तार
मेरठ के मवाना में अनुसूचित जाति के कुछ युवकों ने बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के स्थानीय नेताओं पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगा कार्रवाई की मांग की। मंगलवार को उन्होंने नेताओं पर कार्रवाई नहीं होने पर धर्म परिवर्तन की चेतावनी दी थी। वहीं बुधवार को पांच परिवारों ने पलायन करने का दावा किया। दोपहर को ये परिवार अपने घरों व दरवाजों पर 'यह मकान बिकाऊ है' लिखकर अपना सामना एक गाड़ी में रखकर कहीं चले गए हैं।
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मोहल्ला मुन्नालाल स्थित मंदिर में मंगलवार को मोनू जाटव बजरंगी, अर्जुन सिंह जाटव, अंकित जाटव, आदेश वर्मा, योगेश, उत्तम कुमार, जैकी, सुधीर सतीशराज, महेंद्र सिंह आदि ने सांकेतिक धरना दिया था।
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उन्होंने आरोप लगाया कि बजरंग दल के जिला संयोजक लाखन पोसवाल, विहिप के जिलाध्यक्ष अमर रस्तोगी तथा जिला सहमंत्री उनके साथ जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हैं। उन्हें भीम आर्मी या बसपा में जाने के लिए भी कहा गया। उन्होंने तीनों नेताओं पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया।
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बताया गया कि सोमवार को हुए दो पक्षों के आपसी झगड़े में दलित समाज के लोगों पर फर्जी मुकदमे भी दर्ज करा दिए गए। इसके बाद पीड़ित परिवारों ने चेतावनी दी कि अगर संगठन इन पर कार्रवाई नहीं करता है, तो वह धर्म बदलने के लिए मजबूर होंगे।
वहीं मारपीट के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवारों ने बुधवार को पलायन करने का दावा किया। उन्होंने अपने घरों और दीवारों पर 'मकान बिकाऊ है' लिख दिया। इसके बाद ये परिवार गाड़ी में सामान रखकर चले गए हैं। वहीं अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
इस संबंध में बजरंग दल के जिला संयोजक लाखन पोसवाल ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। विहिप के जिलाध्यक्ष अमर रस्तोगी का कहना है कि हमने कुछ नहीं किया। दोनों ही कार्यकर्ता अपने हैं। ऊपर अधिकारियों तक मामला पहुंच गया है। सभी आरोप निराधार हैं।