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प्रथम वर्ष के नतीजे 16 अगस्त से निकलने होंगे शुरू
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मेरठ। सीसीएसयू कैंपस-कॉलेजों में यूजी-पीजी में अंतिम वर्ष को छोड़कर बाकी सभी कक्षाओं के लिए प्रोन्नति करने का डाटा फीड करने का काम शुरू हो गया। सबसे पहले वार्षिक प्रणाली में प्रथम वर्ष के विषयों का रिजल्ट जारी किया जाएगा। 16 अगस्त से नतीजे आने शुरू हो जाएंगे। वार्षिक प्रणाली में बीए-बीएससी-बीकॉम रेग्युलर और पीजी में एमए-एमकॉम प्राइवेट का रिजल्ट भी साथ-साथ आएगा। इसके बाद विवि सेमेस्टर कोर्सों के रिजल्ट जारी करना शुरू करेगा। वहीं, मेडिकल और इंजीनियरिंग में प्रोन्नति का फॉर्मूला अलग जारी होगा। इसमें एमसीआई और एकेटीयू की गाइड लाइन के आधार पर प्रमोशन होंगे।
कैंपस में शुक्रवार दिनभर प्रोन्नति को लेकर मंथन चलता रहा। साफ्टवेयर में किस तरह से डाटा फीड किया जाए, प्रति कुलपति व दूसरे अधिकारी कंप्यूटर विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा करते रहे। जिन विश्वविद्यालयों में पहले इस तरह से प्रोन्नति की जा चुकी है, उनका भी पूरा फीडबैक देखा जा रहा है। जो गलतियां वहां हुईं हैं, वे यहां न हो इसको लेकर पूरी गाइडलाइन जारी की जा रही हैं। वार्षिक प्रणाली की 30 फीसदी जो परीक्षाएं हो चुकी थीं, उनके नंबरों को साफ्टवेयर में तुरंत डाउनलोड कराकर चार्ट में नंबर चढ़ाए जाने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। इसके बाद जो कोर्स बचेंगे उनमें प्रथम वर्ष में प्रमोट कर दिया जाएगा, नंबर द्वितीय वर्ष के आधार पर बाद में मिलेंगे। प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने बताया कि सप्ताह भर बाद सबसे पहले प्रथम वर्ष के रिजल्ट निकलने शुरू हो जाएंगे, ताकि जल्द से जल्द से एडमिशन फार्म खोलकर उनको अगली कक्षा में एडमिशन दे दिया जाए। जिसके बाद वे ऑनलाइन कक्षाएं कर सकें।
डिविजन को करनी होगी अगले साल मेहनत
जो छात्र-छात्राएं बीए-बीएससी-बीकॉम या प्राइवेट में एमए-एमकॉम प्रथम वर्ष या द्वितीय वर्ष में हैं, उनको जो परीक्षाएं हो चुकी हैं, उनके नंबर मिलेंगे। जो परीक्षाएं नहीं हुई हैं, उनमें इस साल मार्कशीट में सिर्फ पी यानी प्रमोट लिखा आएगा। अगले साल जब वो द्वितीय वर्ष-तृतीय वर्ष की परीक्षा देंगे तो जो नंबर उस परीक्षा में आएंगे वही नंबर उसी प्रमोट किए इस वर्ष में मिल जाएंगे। ऐसे में छात्र-छात्राओं की डिविजन अगले साल की परीक्षा के नंबरों पर बनेगी। ऐसे में डिविजन बनाने के लिए छात्र-छात्राओं को आगामी वर्ष की परीक्षाओं पर फोकस करना होगा। बीएड में भी प्रथम वर्ष के 40 हजार छात्र-छात्राएं पहली बार इसी तरह से प्रमोट होंगे। उनकी डिविजन भी द्वितीय वर्ष के नंबरों के आधार पर ही बनेगी।
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मार्कशीट पर विषयों के सामने लिखा होगा पी
सेमेस्टर कोर्सों में प्रमोट किए गए छात्रों की मार्कशीट पर कोई नंबर नहीं आएंगे। कोर्सों के सामने पी यानी प्रमोशन लिखा होगा। जो अनुपस्थित होंगे, उनके सामने पहले की तरह ए यानी एब्सेंट ही लिखा आएगा। जो छात्र चतुर्थ या छठे और दूसरे अन्य सेमेस्टर में हैं, उनके नंबर पिछले सभी सेमेस्टर के रिजल्ट के औसत मिलेंगे।
पैरामेडिकल कोर्स और इंजीनियरिंग में अलग होगा प्रोन्नति का फॉर्मूला
सीसीएसयू कैंपस के सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज में सभी ब्रांच में फाइनल ईयर को छोड़कर जो प्रमोशन होगा वह एकेटीयू द्वारा जारी गाइड लाइन पर होगा। इसके अलावा जो पैरा मेडिकल कोर्स हैं, उनमें प्रमोशन मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की गाइड लाइन पर होगा। लॉ में बार काउंसिल ऑफ इंडिया पहले ही गाइड लाइन जारी कर चुकी है। लॉ के सभी कोर्सों में उसी तर्ज पर प्रोन्नति की जाएगी।
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कैंपस में शुक्रवार दिनभर प्रोन्नति को लेकर मंथन चलता रहा। साफ्टवेयर में किस तरह से डाटा फीड किया जाए, प्रति कुलपति व दूसरे अधिकारी कंप्यूटर विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा करते रहे। जिन विश्वविद्यालयों में पहले इस तरह से प्रोन्नति की जा चुकी है, उनका भी पूरा फीडबैक देखा जा रहा है। जो गलतियां वहां हुईं हैं, वे यहां न हो इसको लेकर पूरी गाइडलाइन जारी की जा रही हैं। वार्षिक प्रणाली की 30 फीसदी जो परीक्षाएं हो चुकी थीं, उनके नंबरों को साफ्टवेयर में तुरंत डाउनलोड कराकर चार्ट में नंबर चढ़ाए जाने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। इसके बाद जो कोर्स बचेंगे उनमें प्रथम वर्ष में प्रमोट कर दिया जाएगा, नंबर द्वितीय वर्ष के आधार पर बाद में मिलेंगे। प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने बताया कि सप्ताह भर बाद सबसे पहले प्रथम वर्ष के रिजल्ट निकलने शुरू हो जाएंगे, ताकि जल्द से जल्द से एडमिशन फार्म खोलकर उनको अगली कक्षा में एडमिशन दे दिया जाए। जिसके बाद वे ऑनलाइन कक्षाएं कर सकें।
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डिविजन को करनी होगी अगले साल मेहनत
जो छात्र-छात्राएं बीए-बीएससी-बीकॉम या प्राइवेट में एमए-एमकॉम प्रथम वर्ष या द्वितीय वर्ष में हैं, उनको जो परीक्षाएं हो चुकी हैं, उनके नंबर मिलेंगे। जो परीक्षाएं नहीं हुई हैं, उनमें इस साल मार्कशीट में सिर्फ पी यानी प्रमोट लिखा आएगा। अगले साल जब वो द्वितीय वर्ष-तृतीय वर्ष की परीक्षा देंगे तो जो नंबर उस परीक्षा में आएंगे वही नंबर उसी प्रमोट किए इस वर्ष में मिल जाएंगे। ऐसे में छात्र-छात्राओं की डिविजन अगले साल की परीक्षा के नंबरों पर बनेगी। ऐसे में डिविजन बनाने के लिए छात्र-छात्राओं को आगामी वर्ष की परीक्षाओं पर फोकस करना होगा। बीएड में भी प्रथम वर्ष के 40 हजार छात्र-छात्राएं पहली बार इसी तरह से प्रमोट होंगे। उनकी डिविजन भी द्वितीय वर्ष के नंबरों के आधार पर ही बनेगी।
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मार्कशीट पर विषयों के सामने लिखा होगा पी
सेमेस्टर कोर्सों में प्रमोट किए गए छात्रों की मार्कशीट पर कोई नंबर नहीं आएंगे। कोर्सों के सामने पी यानी प्रमोशन लिखा होगा। जो अनुपस्थित होंगे, उनके सामने पहले की तरह ए यानी एब्सेंट ही लिखा आएगा। जो छात्र चतुर्थ या छठे और दूसरे अन्य सेमेस्टर में हैं, उनके नंबर पिछले सभी सेमेस्टर के रिजल्ट के औसत मिलेंगे।
पैरामेडिकल कोर्स और इंजीनियरिंग में अलग होगा प्रोन्नति का फॉर्मूला
सीसीएसयू कैंपस के सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज में सभी ब्रांच में फाइनल ईयर को छोड़कर जो प्रमोशन होगा वह एकेटीयू द्वारा जारी गाइड लाइन पर होगा। इसके अलावा जो पैरा मेडिकल कोर्स हैं, उनमें प्रमोशन मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की गाइड लाइन पर होगा। लॉ में बार काउंसिल ऑफ इंडिया पहले ही गाइड लाइन जारी कर चुकी है। लॉ के सभी कोर्सों में उसी तर्ज पर प्रोन्नति की जाएगी।