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पटाखा व्यापारियों को हरी झंडी का इंतजार
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पटाखा व्यापारियों को हरी झंडी का इंतजार
मेरठ। प्रदूषण नियंत्रण के लिए एनजीटी की स्वीकृति के बाद ग्रीन पटाखों का फैक्ट्रियों ने निर्माण किया। पंच महोत्सव के लिए अब सिर्फ 10 दिन शेष हैं। सरकार और एनजीटी की तरफ से कोई गाइडलाइन न आने के कारण व्यापारी निराश हैं। शहर में प्रतिवर्ष 40 करोड़ का पटाखों का कारोबार होता है। पांच हजार छोटे-बड़े व्यापारी पटाखा कारोबार से जुड़े हैं।
दशहरे के बाद से कारोबारी पटाखों की बिक्री की अनुमति की मांग कर रहे हैं। आदेश में देरी के चलते व्यापारी सीधा फैक्ट्री शिवाकाशी से माल नहीं मंगवा पाएं हैं। उनका कहना है कि 25 प्रतिशत तक मुनाफा तो पहले ही घट गया है। लाइसेंस मिलने के बाद अब दिल्ली से ही 50 प्रतिशत मार्जिन में माल खरीदना पड़ेगा। बीते वर्ष पटाखे बिना डिस्कांउट प्रिंट रेट पर बिके थे। ऐसे में ग्राहकों को भी ज्यादा खर्च करना पड़ा।
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चंडीगढ़ में दो घंटे पटाखे चलाने की अनुमति
- राजस्थान और चंडीगढ़ में पटाखे चलाने चलाने की अनुमति दी गई है। चंडीगढ़ में दीपावली पर रात्रि 8 से 10 बजे तक समय दिया गया है। व्यापारियों के लिए तुरंत लाइसेंस प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। व्यापारियों को पहले सामान खरीदना होगा और उसके बाद दुकान आदि की व्यवस्था करनी होगी। पंच महोत्सव को अब सिर्फ दस दिन का समय शेष रह गया है। - नवीन गुप्ता, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ।
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जिला प्रशासन ने दिया आश्वासन
प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि लाइसेंस प्रक्रिया और अन्य तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। शासन स्तर पर आदेश आते ही व्यापारियों को ग्रीन पटाखे बेचने के लिए लाइसेंस दे दिए जाएंगे। व्यापारियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। - अजय गुप्ता, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ।
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मेरठ। प्रदूषण नियंत्रण के लिए एनजीटी की स्वीकृति के बाद ग्रीन पटाखों का फैक्ट्रियों ने निर्माण किया। पंच महोत्सव के लिए अब सिर्फ 10 दिन शेष हैं। सरकार और एनजीटी की तरफ से कोई गाइडलाइन न आने के कारण व्यापारी निराश हैं। शहर में प्रतिवर्ष 40 करोड़ का पटाखों का कारोबार होता है। पांच हजार छोटे-बड़े व्यापारी पटाखा कारोबार से जुड़े हैं।
दशहरे के बाद से कारोबारी पटाखों की बिक्री की अनुमति की मांग कर रहे हैं। आदेश में देरी के चलते व्यापारी सीधा फैक्ट्री शिवाकाशी से माल नहीं मंगवा पाएं हैं। उनका कहना है कि 25 प्रतिशत तक मुनाफा तो पहले ही घट गया है। लाइसेंस मिलने के बाद अब दिल्ली से ही 50 प्रतिशत मार्जिन में माल खरीदना पड़ेगा। बीते वर्ष पटाखे बिना डिस्कांउट प्रिंट रेट पर बिके थे। ऐसे में ग्राहकों को भी ज्यादा खर्च करना पड़ा।
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चंडीगढ़ में दो घंटे पटाखे चलाने की अनुमति
- राजस्थान और चंडीगढ़ में पटाखे चलाने चलाने की अनुमति दी गई है। चंडीगढ़ में दीपावली पर रात्रि 8 से 10 बजे तक समय दिया गया है। व्यापारियों के लिए तुरंत लाइसेंस प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। व्यापारियों को पहले सामान खरीदना होगा और उसके बाद दुकान आदि की व्यवस्था करनी होगी। पंच महोत्सव को अब सिर्फ दस दिन का समय शेष रह गया है। - नवीन गुप्ता, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ।
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जिला प्रशासन ने दिया आश्वासन
प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि लाइसेंस प्रक्रिया और अन्य तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। शासन स्तर पर आदेश आते ही व्यापारियों को ग्रीन पटाखे बेचने के लिए लाइसेंस दे दिए जाएंगे। व्यापारियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। - अजय गुप्ता, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ।