{"_id":"5fe8d57a8ebc3e3b9a5e0ad0","slug":"fir-against-modi-industries-chairman-umesh-modi-modinagar-news-gbd2109892155","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट के आदेश पर मोदी इंडस्ट्रीज के चेयरमैन उमेश मोदी के विरूद्घ रिपोर्ट दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोर्ट के आदेश पर मोदी इंडस्ट्रीज के चेयरमैन उमेश मोदी के विरूद्घ रिपोर्ट दर्ज
विज्ञापन
मोदी इंडस्ट्रीज के चेयरमैन उमेश मोदी पर एफआईआर
मोदीनगर। मोदी चैरिटेबल फंड सोसायटी की ओर से मोदी इंडस्ट्रीज के चेयरमैन उमेश कुमार मोदी के विरुद्ध कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सह सचिव तरुण जैन की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत 1940 से एक पंजीकृत सोसायटी है। जिसका बीते अक्टूबर माह में अगले पांच साल के लिए नवीनीकरण भी हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रतिवादी द्वारा बीते दिनों कोर्ट के निर्देश पर एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसमें कहा गया कि वह सोसायटी के सदस्य हैं और बिना अनुमति के सोसायटी के संपत्ति का हस्तांतरण कर दिया गया। रिपोर्ट में इस संबंध में प्रतिवादी द्वारा एक शपथ पत्र भी लगाया गया। तरुण जैन की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि प्रतिवादी की ओर से जो न्यायालय में शपथ पत्र लगाया गया है, वह गलत है। तथा वह सोसायटी के सदस्य नहीं हैं। ऐसा करके प्रतिवादी ने न्यायालय को गुमराह करने का कार्य किया है। रिपोर्ट में सोसायटी के सह सचिव की ओर से आरोप लगाया गया है कि प्रतिवादी न्यायालय के आदेशों की आड़ में आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। एसएचओ जयकरण सिंह का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर उमेश मोदी के विरुद्ध धारा 420, 468, 467, और 471 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच कर शुरू कर दी गई है ।
विज्ञापन
मोदीनगर। मोदी चैरिटेबल फंड सोसायटी की ओर से मोदी इंडस्ट्रीज के चेयरमैन उमेश कुमार मोदी के विरुद्ध कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सह सचिव तरुण जैन की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत 1940 से एक पंजीकृत सोसायटी है। जिसका बीते अक्टूबर माह में अगले पांच साल के लिए नवीनीकरण भी हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रतिवादी द्वारा बीते दिनों कोर्ट के निर्देश पर एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसमें कहा गया कि वह सोसायटी के सदस्य हैं और बिना अनुमति के सोसायटी के संपत्ति का हस्तांतरण कर दिया गया। रिपोर्ट में इस संबंध में प्रतिवादी द्वारा एक शपथ पत्र भी लगाया गया। तरुण जैन की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि प्रतिवादी की ओर से जो न्यायालय में शपथ पत्र लगाया गया है, वह गलत है। तथा वह सोसायटी के सदस्य नहीं हैं। ऐसा करके प्रतिवादी ने न्यायालय को गुमराह करने का कार्य किया है। रिपोर्ट में सोसायटी के सह सचिव की ओर से आरोप लगाया गया है कि प्रतिवादी न्यायालय के आदेशों की आड़ में आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। एसएचओ जयकरण सिंह का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर उमेश मोदी के विरुद्ध धारा 420, 468, 467, और 471 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच कर शुरू कर दी गई है ।
विज्ञापन