बुखार का कहर : मेरठ में डेंगू के 11 नए मरीज मिले, बागपत में बुखार से एक और ग्रामीण की मौत
मेरठ व बागपत जिले में बुखार कहर बरपा रहा है तो अब डेंगू का डंक भी जानलेवा होने लगा है। बुखार से बागपत के अब्दुल्लापुर मेवला में एक व्यक्ति की मौत हो गई तो बागपत, बड़ौत व चांदीनगर क्षेत्र में 50 से ज्यादा बीमार है। वहीं मेरठ में डेंगू के 11 नए मरीज मिले हैं।
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जो मरीज मिले हैं वह मलियाना, जानी, माछरा, मवाना, रोहटा, साबुन गोदाम, नंगला बट्टू, पल्हेड़ा और साबुन गोदाम आदि के रहने वाले हैं। जहां मरीज मिल रहे हैं, वहां वहां मलेरिया विभाग एंटी लारवा स्प्रे और फॉगिंग करा रहा है। साथ ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वह घर में या अपने आसपास पानी ना भर में दें।
दरअसल, डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है। इसलिए पानी भरा रहने पर खतरा रहता है। बारिश का मौसम है और इसमें घरों में जगह-जगह पानी भर जाता है, जिसमें डेंगू फैलाने वाले मच्छर पनप जाते हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि डेंगू रोग का प्रारंभिक उपचार नहीं लेने एवं लापरवाही बरतने पर प्लेटलेट्स की शरीर में कमी हो जाती है। इसलिए सावधानी जरूरी है। लक्षण दिखने पर चिकित्सक से संपर्क करें।
5428 सैंपलों की जांच में कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला
बुधवार को 5428 सैंपलों की जांच हुई। इनमें कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला। सक्रिय केस पांच हैं। इनमें दो अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि तीन होम आइसोलेशन में हैं। अब तक 66009 लोगों को कोरोना की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 65163 की छुट्टी हो चुकी है। वहीं, ब्लैक फंगस के अब तक कुल 348 मरीज मिल चुके हैं। 321 लोगों की छुट्टी हो चुकी है। कोई सक्रिय केस नहीं है। 27 की मौत हो चुकी है।
बुखार से एक और ग्रामीण की मौत
बागपत जिले में बुखार कहर बरपा रहा है तो अब डेंगू का डंक भी जानलेवा होने लगा है। बुखार से अब्दुल्लापुर मेवला में एक व्यक्ति की मौत हो गई तो बागपत, बड़ौत व चांदीनगर क्षेत्र में 50 से ज्यादा बीमार है। इस कारण ही जिला अस्पताल में बेड भी भर गए है। बड़ौत में डेंगू से महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और कश्यप मोहल्ले में कैंप लगाकर जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चमरावल गांव में भी लोगों की जांच करने के लिए कैंप लगाया। अब तक बुखार जनपद में दस से ज्यादा लोगों की जिंदगी छीन चुका है।
बड़ा खिंदौड़ा निवासी मौलाना रोजुद्दीन (40) कई साल से अब्दुल्लापुर मेवला में एक मस्जिद में रहता था। वह दस दिन से बुखार से पीड़ित था। उसकी सोमवार देर रात मौत हो गई। इसकी सूचना मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। इसके अलावा गांव में कई अन्य लोग बीमार है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के तालाब में गंदगी का ढेर लगा है, जिससे पानी रास्तों में भर जाता है और नलों से दूषित पानी निकल रहा है। इस कारण ही गांव में बीमारी पनप रही है और अधिकारियों से शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
नगर में चलाया गया सफाई अभियान : अग्रवाल मंडी टटीरी कस्बे में संक्रामक रोगों से बचाव के लिए नगर पंचायत की ओर से बुधवार से विशेष सफाई अभियान चलाया। नगर पंचायत चेयरमैन विनोद कुमार, अधिशासी अधिकारी संजय गुप्ता, वरिष्ठ लिपिक अंकित शर्मा ने बताया कि अभियान आगे भी जारी रहेगा। कस्बे की सफाई व्यवस्था प्राथमिकता है। नगर के सार्वजनिक स्थानों और नाली-नालों में कीटनाशक का छिड़काव कराया जाएगा। उन्होंने लोगों से घर के आसपास पानी एकत्रित न होने देने का अपील की है।
जिला अस्पताल में रोजाना 100 से ज्यादा मरीज ऐसे पहुंच रहे है, जिनको बुखार है। इनमें से कई को हालत खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती कर लिया जाता है। जिला अस्पताल में इस समय करीब 40 मरीज भर्ती है। यहां सभी बेड भी भर गए है। मरीजों के साथ आए परिजनों ने बताया कि पिछले कई दिन से बुखार नहीं उतरने पर अस्पताल में लेकर पहुंचे है। अस्पताल में उपचार किया जा रहा है, लेकिन हालत में ज्यादा सुधार नहीं हो रहा है। कभी सर्दी के साथ बुखार चढ़ जाता है तो कुछ देर के लिए कई बार बुखार उतर जाता है। इस तरह से मरीजों के साथ ही परिजनों की परेशानी भी बढ़ रही है।
कश्यप मोहल्ले में करीब दस लोग बीमार
बड़ौत के कश्यप मोहल्ले में बुखार से सुशीला पत्नी राजकुमार, महक पुत्र श्रीचंद, विष्णु पुत्र गौरव, क्रिश पुत्र लोकेश, प्रेम पत्र जगदीश प्रसाद के अलावा लवकुश, पंडित हरिहर प्रसाद, मुनेश, लता आदि बीमार है। इनमें से कई का मेरठ सहित दिल्ली व नगर के ही निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। बीमार लवकुश ने बताया कि 15 दिनों से बुखार आ रहे है। बुखार चढ़ता व उतरता रहता है। पंडित हरिहर प्रसाद शास्त्री ने बताया कि एक सप्ताह से बुखार तेजी से चढ़ता है और सर्दी लगने लगती है। कई बार निजी अस्पताल में चिकित्सकों से दवाईयां भी ली। मुनेश व लता ने भी बुखार, खांसी की शिकायत बताते हुए जांच कराई और दवाई ली।