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इंसाफ के लिए इद्दत से उठकर धरने पर बैठी फातिमा
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इंसाफ के लिए इद्दत से उठकर धरने पर बैठी फातिमा
मेरठ। पार्षद जुबेर अंसारी की हत्या में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज उसकी पत्नी फातिमा इद्दत छोड़कर अपने बच्चों और परिवार की महिलाओं के साथ जाकिर कॉलोनी स्थित पुलिस चौकी के पास धरने पर बैठ गई। पीड़िता ने कहा कि आरोपी खुले घूम रहे हैं, परिवार दहशत में है। एसपी सिटी ने 10 दिन में खुलासा करने का आश्वासन दिया, तब जाकर पीड़ित पक्ष की महिलाएं धरने से उठकर घर लौटी।
जुबेर हत्याकांड का खुलासा न होने पर पीड़ित परिवार अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से इद्दत पर बैठी फातिमा के सब्र का बांध टूट गया। शुक्रवार दोपहर 12 बजे इद्दत के बीच में फातिमा उठी और अपने चारों बच्चों जोया, जुहेब, सलमान और अरमान को लेकर हापुड़ रोड स्थित जाकिर कॉलोनी पुलिस चौकी के पास सड़क पर धरने पर बैठ गई। फातिमा के साथ उसकी मां, बहन और ननद समेत परिवार की कई महिला धरने पर बैठ गई। जानकारी लगने पर पुलिस में खलबली मच गई। महिलाओं को दिन में मनाने का प्रयास किया गया। इसके बाद रात आठ बजे एसपी सिटी, सीओ सिविल लाइन समेत कई थाने की पुलिस पहुंची ओर महिलाओं को समझा बुझाकर शांत किया।
इनाम का एलान, लेकिन गिरफ्तारी नहीं
28 अगस्त को शास्त्री नगर स्थित संतोष हॉस्पिटल के पास पार्षद जुबेर अंसारी की बदमाशों ने गोलियां बरसाकर हत्या की थी। आरोप है कि जुबेर की हत्या करोड़ों की प्रापर्टी को लेकर की गई। हत्याकांड में राधना के जब्बार, फतेहयाब, दिलशाद शौकत समेत कई लोगों के नाम पुलिस की जांच में सामने आए थे। इससे पहले पुलिस खुलासा करती कि फतेहयाब के बेटे ने पुलिस पर आरोप लगाकर खुदकुशी कर ली। जिसके बाद पुलिस बैकपुट पर आ गई। एसएसपी ने हत्यारों का सुराग देने पर 25 हजार तो जुबेर की पत्नी फातिमा ने एक लाख रुपये देने की घोषणा की थी।
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मजबूरी में उठाया गया यह कदम, इद्दत पूरी करें
शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन ने कहा मुस्लिम समाज में शौहर के इंतकाल के बाद बीवी को चार महीने 10 दिन की इद्दत करनी होती है, जबकि तलाक पर तीन महीने 10 दिन की इद्दत होती है। 40वें दिन फातिमा घर से निकलकर पति के हत्यारोपी को पकड़ने की मांग को लेकर धरने पर बैठी है। शरीयत के हिसाब से उन्होंने गलत कदम उठाया है, क्योंकि घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं होती है। लेकिन महिला की मजबूरी भी समझने की जरूरत है, कई बार बीमारी में भी ऐसी स्थिति में बाहर निकलना पड़ जाता है। ठीक उसी तरह महिला को अपनी इद्दत पूरी करनी होगी। जिसमें धरने वाला 40वां दिन भी इद्दत में शामिल रहेगा।
शरीयत के हिसाब से गलत, इद्दत को खतरा नहीं
कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने बताया मजबूरी में महिला को बाहर निकलना पड़ा, समाज को उसकी मदद करनी चाहिए। इद्दत की हालत में महिला को घर से बाहर कदम रखना पड़ा, जो समाज के लिए भी गंभीर विषय बन गया है। समाज के लोगों को उसके पति के हत्यारोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस अधिकारियों से बात करनी चाहिए। कहा इद्दत के दौरान धरने के बाद महिला रात से पहले घर लौट आई तो उसकी इद्दत को कोई खतरा नहीं है। शरीयत के हिसाब से ये गलत जरूर था।
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मेरठ। पार्षद जुबेर अंसारी की हत्या में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज उसकी पत्नी फातिमा इद्दत छोड़कर अपने बच्चों और परिवार की महिलाओं के साथ जाकिर कॉलोनी स्थित पुलिस चौकी के पास धरने पर बैठ गई। पीड़िता ने कहा कि आरोपी खुले घूम रहे हैं, परिवार दहशत में है। एसपी सिटी ने 10 दिन में खुलासा करने का आश्वासन दिया, तब जाकर पीड़ित पक्ष की महिलाएं धरने से उठकर घर लौटी।
जुबेर हत्याकांड का खुलासा न होने पर पीड़ित परिवार अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से इद्दत पर बैठी फातिमा के सब्र का बांध टूट गया। शुक्रवार दोपहर 12 बजे इद्दत के बीच में फातिमा उठी और अपने चारों बच्चों जोया, जुहेब, सलमान और अरमान को लेकर हापुड़ रोड स्थित जाकिर कॉलोनी पुलिस चौकी के पास सड़क पर धरने पर बैठ गई। फातिमा के साथ उसकी मां, बहन और ननद समेत परिवार की कई महिला धरने पर बैठ गई। जानकारी लगने पर पुलिस में खलबली मच गई। महिलाओं को दिन में मनाने का प्रयास किया गया। इसके बाद रात आठ बजे एसपी सिटी, सीओ सिविल लाइन समेत कई थाने की पुलिस पहुंची ओर महिलाओं को समझा बुझाकर शांत किया।
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इनाम का एलान, लेकिन गिरफ्तारी नहीं
28 अगस्त को शास्त्री नगर स्थित संतोष हॉस्पिटल के पास पार्षद जुबेर अंसारी की बदमाशों ने गोलियां बरसाकर हत्या की थी। आरोप है कि जुबेर की हत्या करोड़ों की प्रापर्टी को लेकर की गई। हत्याकांड में राधना के जब्बार, फतेहयाब, दिलशाद शौकत समेत कई लोगों के नाम पुलिस की जांच में सामने आए थे। इससे पहले पुलिस खुलासा करती कि फतेहयाब के बेटे ने पुलिस पर आरोप लगाकर खुदकुशी कर ली। जिसके बाद पुलिस बैकपुट पर आ गई। एसएसपी ने हत्यारों का सुराग देने पर 25 हजार तो जुबेर की पत्नी फातिमा ने एक लाख रुपये देने की घोषणा की थी।
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मजबूरी में उठाया गया यह कदम, इद्दत पूरी करें
शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन ने कहा मुस्लिम समाज में शौहर के इंतकाल के बाद बीवी को चार महीने 10 दिन की इद्दत करनी होती है, जबकि तलाक पर तीन महीने 10 दिन की इद्दत होती है। 40वें दिन फातिमा घर से निकलकर पति के हत्यारोपी को पकड़ने की मांग को लेकर धरने पर बैठी है। शरीयत के हिसाब से उन्होंने गलत कदम उठाया है, क्योंकि घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं होती है। लेकिन महिला की मजबूरी भी समझने की जरूरत है, कई बार बीमारी में भी ऐसी स्थिति में बाहर निकलना पड़ जाता है। ठीक उसी तरह महिला को अपनी इद्दत पूरी करनी होगी। जिसमें धरने वाला 40वां दिन भी इद्दत में शामिल रहेगा।
शरीयत के हिसाब से गलत, इद्दत को खतरा नहीं
कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने बताया मजबूरी में महिला को बाहर निकलना पड़ा, समाज को उसकी मदद करनी चाहिए। इद्दत की हालत में महिला को घर से बाहर कदम रखना पड़ा, जो समाज के लिए भी गंभीर विषय बन गया है। समाज के लोगों को उसके पति के हत्यारोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस अधिकारियों से बात करनी चाहिए। कहा इद्दत के दौरान धरने के बाद महिला रात से पहले घर लौट आई तो उसकी इद्दत को कोई खतरा नहीं है। शरीयत के हिसाब से ये गलत जरूर था।