फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   father-son duo hit in politics, made a name in games by fathers inspiration

Father’s Day: पिता की प्रेरणा से खेल के मैदान पर चमके, राजनीति में भी खास रही पिता पुत्रों की जोड़ी

Sun, 16 Jun 2019 04:40 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 16 Jun 2019 04:40 PM IST
विज्ञापन
father-son duo hit in politics, made a name in games by fathers inspiration
कबड्डी खिलाड़ी नितिन तोमर अपने पिता के साथ (बाएं), चौधरी अजित सिंह बेटे जयंत चौधरी के साथ - फोटो : अमर उजाला

हर व्यक्ति के जीवन में पिता की अहम भूमिका होती है। जीवन के उतार चढ़ाव में मार्गदर्शक और प्रेरक की भूमिका पिता निभाते हैं। बच्चों के लिए बचपन में सारा संसार पिता होते हैं, जिनकी अंगुली पकड़कर बच्चे चलना सीखते हैं। बागपत जिले में कई कामयाब लोग ऐसे हैं, जिनके जीवन में उनके पिता की खास भूमिका रही। 

विज्ञापन


पिता ने परिवार को दी हिम्मत, मेरा बढ़ाया विश्वास
फतेहपुर पुट्ठी गांव की रहने वाली यूपी बोर्ड की 12वीं कक्षा में यूपी टॉप करने वाली छात्रा तनु तोमर कहती हैं कि उनके पिता हरेंद्र सिंह एक किसान हैं। उन्होंने कहा कि पिता से परिवार को हिम्मत मिलती है और प्रत्येक बच्चे का विश्वास बढ़ता है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि बचपन से ही पिता मेरी पढ़ाई पर पूरा ध्यान देते थे। परेशान होने पर मुझसे बात करते हैं और मुझे सही निर्णय लेने में मेरा साथ देते हैं। पिता ने हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया, यही वजह है कि मुझे कामयाबी मिली।

विज्ञापन
विज्ञापन

पापा की प्रेरणा से मिली कामयाबी
अमीनगर सराय की ईशिका गुप्ता ने इस साल सीबीएसई की 10वीं परीक्षा की मेरिट में यूपी में चौथा स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन कर दिया। छात्रा के पिता योगेंद्र गुप्ता कस्बे में किराने की दुकान चलाते हैं। ईशिका का कहना है कि उनकी कामयाबी में पूरे परिवार का योगदान है लेकिन पिता ने हमेशा हौसला बढ़ाया। पढ़ाई को लेकर कभी भी दबाव महसूस नहीं होने दिया। यही वजह है कि उसे कामयाबी मिली।

पिता ने  दी प्रेरणा तो खेल के मैदान पर चमके
मलकपुर गांव के अर्जुन अवार्डी सुभाष पहलवान का कहना है कि उनके पिता महावीर चौधरी का उनकी जिंदगी में अहम योगदान रहा। वर्ष 1983 में राष्ट्रीय स्कूल खेल में सुभाष ने स्वर्ण पदक झटका और इसके बाद कभी पीछे नहीं दिखा। जो मुकाम हासिल हुआ है, यह सब पिता की देन है। सुभाष अपने पिता की स्मृति में  हर साल दंगल कराते हैं। सुभाष कहते हैं कि पिता ने उन्हें खेल में आगे बढ़ाया था। 

प्रो कबड्डी लीग के छठे संस्करण में पुनेरी पल्टन द्वारा 1.15 करोड़ में खरीदे गए मलकपुर गांव के अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी नितिन तोमर का कहना है कि मेरे पिता जितेंद्र कुमार मेरे प्रेरणादायक हैं। खेल का चयन करने में पिता की खास भूमिका रही। पिता ने मेरे लिए कबड्डी का खेल चुना और कदम-कदम पर मेरा साथ दिया। इसलिए आज मै इस मुकाम पर पहुंचा। 

बागपत की राजनीति में खास पिता पुत्रों की जोड़ी
जिले की राजनीति में भी पिता-पुत्र की जोड़ी खास रही हैं। रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह छह बार बागपत के सांसद और मंत्री रहे। इसके बाद चौधरी अजित सिंह के बेटे रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी भी पिछले चुनाव से बागपत की राजनीति में सक्रिय हो गए हैं। इस बार दोनों ने एक साथ चुनाव लड़ा।  

पूर्व कृषि मंत्री सोमपाल शास्त्री वर्ष 1998 में बागपत से चुनाव लड़ा और जीते। उन्हें भाजपा सरकार में कृषि मंत्री बनाया गया था। उनके पिता  रघुवीर सिंह शास्त्री साल 1967 में बागपत से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़े और सांसद बने थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed