पश्चिमी यूपी में किसानों एवं मजदूरों की विभिन्न समस्याओं के निस्तारण को लेकर भारतीय किसान संगठन के नेतृत्व में सहारनपुर से दिल्ली जा रही पदयात्रा मंगलवार को मेरठ से दिल्ली के लिए कूच कर गई। सभी किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ अपनी मांगों को लेकर गंतव्य की ओर बढ़े चले जा रहे हैं। किसानों को कहना है कि अब आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए किसान तैयार हैं: -
तस्वीरें: किसानों के आगे थमी शहर की रफ्तार, टोल प्लाजा को घंटों फ्री रखने के बाद अब दिल्ली की ओर कूच
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सोमवार को किसान सैंकड़ों की संख्या में सिवाया टोल प्लाजा से मेरठ शहर के भीतर की ओर मुड़ गए। इस दौरान मेरठ -दिल्ली रोड पर भीषण जाम लग गया। सुरक्षा की दृष्टि से शहर में पुलिस प्रशासन पूरा दिन अलर्ट रहा।
किसानों की यह पदयात्रा सहारनपुर से शुरू होकर दिल्ली में किसान घाट पर समाप्त होगी। पदयात्रा निकाल रहे किसान मेरठ -दिल्ली रोड से अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ मेरठ से गुजरे। ऐसे में दिल्ली रोड पर भीषण जाम लग गया। वहीं मेरठ ट्रैफिक पुलिस के यातायात व्यवस्था संभालने में पसीने छूट गए।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह के नेतृत्व में किसान के साथ साथ मजदूर भी इस यात्रा में शामिल हैं जो यूपी के विभिन्न जनपदों से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर यात्रा में शामिल हुए हैं। सोमवार को सिवाया टोल प्लाजा पर पहुंचने पर उन्होंने टोल की सभी लाइनों पर डेरा डाल दिया और टोल प्लाजा को फ्री करा दिया।
पदयात्रा में शामिल किसानों ने अपनी समस्याओं का जल्द निस्तारण करने तथा किसान एवं मजदूर एकता को लेकर जमकर नारेबाजी की। सोमवार रात को टोल पर बैठने के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह ने कहा कि किसान की हालत दयनीय है। किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
किसान को समय से उसका गन्ना मूल्य भुगतान नहीं मिल पा रहा है और न ही फसल के वाजिब दाम। उल्टा सरकार बिजली की दर में बढ़ोतरी कर किसान की कमर तोड़ने का काम कर रही है।
किसान अपने साथ भट्टी, कढ़ाई, बर्तन व बिस्तर सभी लेकर चल रहे हैं। सोमवार को भी किसानों ने टोल प्लाजा स्थल पर ही भोजन के लिए कढ़ाई चढ़ा दी। सैकड़ों की तादाद में शामिल किसानों ने अपने साथ लाए कारपेट को टोल पर बिस्तर बिछाकर सो गए। इसके सुबह नाश्ता करने के बाद बाद किसानों ने मंगलवार को दिल्ली की ओर कूच किया।