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Meerut News: किसान, क्रेशर व गुड़ उद्योग से जुड़े लोगों ने मनाया जश्न
Sat, 30 May 2026 07:32 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sat, 30 May 2026 07:32 PM IST
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बैठक कर केंद्र सरकार द्वारा गन्ना नियंत्रण आदेश का मसौदा वापस लेने पर खुशी जताई
किसान, क्रेशर, कोल्हू मालिकों ने की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित गन्ना (नियंत्रण) आदेश 2026 के मसौदे को वापस लिए जाने के निर्णय का किसान, चैन क्रेशर, कोल्हू संचालक तथा गुड़ एवं खांडसारी उद्योग से जुड़े लोगों ने स्वागत किया है।
गांव शेखपुरी में विपिन के क्रेशर पर विभिन्न चैन क्रेशर, कोल्हू मालिकों और किसानों ने एकत्र होकर निर्णय का स्वागत किया। लोगों ने राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं को गुड़ खिलाकर मुंह मीठा कराया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में रालोद नेता सुनील रोहटा, जिलाध्यक्ष अनिकेत भारद्वाज, गौरव जिटौली, प्रधान सुमित गुर्जर घाट, अर्जुन ढीडाला सहित क्षेत्र के कई क्रेशर व कोल्हू संचालक तथा किसान मौजूद रहे। रालोद नेता सुनील रोहटा ने कहा कि किसानों, मजदूरों और ग्रामीण उद्योग से जुड़े लोगों की भावनाओं को देखते हुए सरकार ने यह मसौदा वापस लिया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित आदेश की कुछ धाराओं को लेकर किसानों और उद्यमियों में आशंकाएं थीं। उन्होंने बताया कि मसौदे में एफआरपी से जुड़े प्रावधान और क्रेशरों के स्थानांतरण संबंधी प्रावधानों को लेकर असहमति थी, जिससे छोटे उद्योगों और किसानों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही थी। मसौदे के वापस होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को राहत मिली है।
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जिलाध्यक्ष अनिकेत भारद्वाज ने कहा कि यह निर्णय गन्ना किसानों और ग्रामीण उद्योगों से जुड़े हजारों परिवारों के हित में है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुड़ और खांडसारी उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और ऐसे में यह कदम स्वागत योग्य है।
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किसान, क्रेशर, कोल्हू मालिकों ने की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित गन्ना (नियंत्रण) आदेश 2026 के मसौदे को वापस लिए जाने के निर्णय का किसान, चैन क्रेशर, कोल्हू संचालक तथा गुड़ एवं खांडसारी उद्योग से जुड़े लोगों ने स्वागत किया है।
गांव शेखपुरी में विपिन के क्रेशर पर विभिन्न चैन क्रेशर, कोल्हू मालिकों और किसानों ने एकत्र होकर निर्णय का स्वागत किया। लोगों ने राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं को गुड़ खिलाकर मुंह मीठा कराया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया।
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कार्यक्रम में रालोद नेता सुनील रोहटा, जिलाध्यक्ष अनिकेत भारद्वाज, गौरव जिटौली, प्रधान सुमित गुर्जर घाट, अर्जुन ढीडाला सहित क्षेत्र के कई क्रेशर व कोल्हू संचालक तथा किसान मौजूद रहे। रालोद नेता सुनील रोहटा ने कहा कि किसानों, मजदूरों और ग्रामीण उद्योग से जुड़े लोगों की भावनाओं को देखते हुए सरकार ने यह मसौदा वापस लिया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित आदेश की कुछ धाराओं को लेकर किसानों और उद्यमियों में आशंकाएं थीं। उन्होंने बताया कि मसौदे में एफआरपी से जुड़े प्रावधान और क्रेशरों के स्थानांतरण संबंधी प्रावधानों को लेकर असहमति थी, जिससे छोटे उद्योगों और किसानों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही थी। मसौदे के वापस होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को राहत मिली है।
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जिलाध्यक्ष अनिकेत भारद्वाज ने कहा कि यह निर्णय गन्ना किसानों और ग्रामीण उद्योगों से जुड़े हजारों परिवारों के हित में है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुड़ और खांडसारी उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और ऐसे में यह कदम स्वागत योग्य है।